{"_id":"5d8f967c8ebc3e93ad10510a","slug":"crime-faizabad-news-lko484076755","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस
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अयोध्या। शुक्रवार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए सीएमओ डॉ. हरिओम श्रीवास्तव के खिलाफ विजिलेंस के निरीक्षक विनोद तिवारी की तहरीर पर कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
विजिलेंस टीम सीएमओ को लेकर इससे संबंधित गोरखपुर स्थित न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना हो गई। वहीं, देर रात तक कोतवाली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक व कर्मियों का जमावड़ा रहा।
शुक्रवार शाम करीब 7:45 बजे लखनऊ की विजिलेंस टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिओम श्रीवास्तव को उनके आवास पर ही 20 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद टीम उन्हें कोतवाली नगर लेकर आई थी, जहां काफी देर तक चली पूछताछ के बाद देर रात उनके खिलाफ विजिलेंस के निरीक्षक विनोद तिवारी की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
शनिवार सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव को रजिस्टर समेत कोतवाली बुलाया गया और वहीं पर मेडिकल परीक्षण कराने के बाद विजिलेंस टीम सीएमओ को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई। ध्यान रहे कि इससे संबंधित कोर्ट गोरखपुर में है।
पीएचसी रानी बाजार में तैनात डॉ. सरोज मूल निवासी ग्राम बेला कोर्ट पोस्ट शेरपुर थाना जहानागंज जिला आजमगढ़ शहर के कौशलपुरी कॉलोनी में रहते हैं।
उन्होंने 2 सितंबर को एसपी अधिसूचना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ को लिखित शिकायत दी थी कि कई बार लिखित व मौखिक वार्ता के बावजूद सीएमओ बिना सुविधा शुल्क लिए उनकी पीएचसी शाहगंज से संबद्धता समाप्त करने को तैयार नहीं है।
सीएमओ ने 29 जून को प्रत्येक सप्ताह तीन दिन के लिए शाहगंज पीएचसी से संबद्ध किया था। आरोप था कि संबद्धता खत्म करने के लिए 40 हजार रुपये मांगा जा रहा है। वह सुविधा शुल्क देने के बजाय सीएमओ को पकड़वाना चाहते हैं।
चिकित्सक डॉ. सरोज की शिकायत पर एसपी अधिसूचना अखिलेश कुमार निगम की ओर से निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह को गोपनीय जांच सौंपी गई थी।
निरीक्षक ने जांच के दौरान पाया कि सीएमओ की छवि भ्रष्ट और रिश्वतखोर के रूप में है। वह विभिन्न पदों पर जिले में 17-18 वर्षों से तैनात हैं। उनकी 1-2 वर्ष तैनाती रायबरेली जनपद में भी रही है।
गोपनीय जांच आख्या मिलने के बाद 27 सितंबर को ट्रैप का निर्णय हुआ और मामला प्रदेश सरकार के राजपत्रित अधिकारी से जुड़ा होने के चलते प्रकरण में अनुमति के लिए शासन के मुख्य सचिव सतर्कता को पत्र भेजा गया।
अगले दिन अपर मुख्य सचिव सर्किल की ओर से स्वीकृति हासिल हुई और 26 सितंबर को एसपी अधिसूचना सेक्टर लखनऊ अखिलेश कुमार निगम ने 10 सदस्यीय ट्रैप टीम गठित की।
निरीक्षक विनोद चंद्र तिवारी के नेतृत्व वाली इस टीम में शामिल निरीक्षक संजय कुमार सिंह, रवि भूषण पांडेय, चेतराम गोयल, मुख्य आरक्षी संजय कुमार, गिरीश चंद, महिला आरक्षी मरियम, आरक्षी चालक मसीउद्दीन व कमलेश कुमार दो सरकारी वाहनों से 26 सितंबर की देर रात जनपद में पहुंचे और बाईपास स्थित एक रिजॉर्ट में डेरा डाला।
शुक्रवार सुबह डीएम व एसएसपी से मिलकर एसडीएम आरजेबी मानसिंह और सहायक अभिलेख अधिकारी बाबूलाल को बतौर स्वतंत्र गवाह हासिल किया। केमिकल लगे नोट एक लिफाफे में रखे और शिकायतकर्ता डॉ. सरोज को शाम को सीएमओ के आवास भेजा।
घूस की रकम लेने के बाद टीम ने सीएमओ को हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनके पास से घूस की रकम 20 हजार तथा जेब से 7560 रुपए बरामद किया।
एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक विनोद चंद्र तिवारी की ओर से शनिवार सुबह नगर कोतवाली में सीएमओ डॉ. हरिओम श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद केस दर्ज कराया गया।
रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए सीएमओ रात भर कोतवाली में रोते रहे। वहीं मामले की खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक व कर्मियों का जमावड़ा नगर कोतवाली पर होने लगा। थोड़ी ही देर में डीएम अनुज कुमार झा व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी भी कोतवाली पहुंच गए और मामले की जानकारी ली।
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विजिलेंस टीम सीएमओ को लेकर इससे संबंधित गोरखपुर स्थित न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना हो गई। वहीं, देर रात तक कोतवाली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक व कर्मियों का जमावड़ा रहा।
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शुक्रवार शाम करीब 7:45 बजे लखनऊ की विजिलेंस टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिओम श्रीवास्तव को उनके आवास पर ही 20 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद टीम उन्हें कोतवाली नगर लेकर आई थी, जहां काफी देर तक चली पूछताछ के बाद देर रात उनके खिलाफ विजिलेंस के निरीक्षक विनोद तिवारी की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
शनिवार सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव को रजिस्टर समेत कोतवाली बुलाया गया और वहीं पर मेडिकल परीक्षण कराने के बाद विजिलेंस टीम सीएमओ को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई। ध्यान रहे कि इससे संबंधित कोर्ट गोरखपुर में है।
पीएचसी रानी बाजार में तैनात डॉ. सरोज मूल निवासी ग्राम बेला कोर्ट पोस्ट शेरपुर थाना जहानागंज जिला आजमगढ़ शहर के कौशलपुरी कॉलोनी में रहते हैं।
उन्होंने 2 सितंबर को एसपी अधिसूचना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ को लिखित शिकायत दी थी कि कई बार लिखित व मौखिक वार्ता के बावजूद सीएमओ बिना सुविधा शुल्क लिए उनकी पीएचसी शाहगंज से संबद्धता समाप्त करने को तैयार नहीं है।
सीएमओ ने 29 जून को प्रत्येक सप्ताह तीन दिन के लिए शाहगंज पीएचसी से संबद्ध किया था। आरोप था कि संबद्धता खत्म करने के लिए 40 हजार रुपये मांगा जा रहा है। वह सुविधा शुल्क देने के बजाय सीएमओ को पकड़वाना चाहते हैं।
चिकित्सक डॉ. सरोज की शिकायत पर एसपी अधिसूचना अखिलेश कुमार निगम की ओर से निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह को गोपनीय जांच सौंपी गई थी।
निरीक्षक ने जांच के दौरान पाया कि सीएमओ की छवि भ्रष्ट और रिश्वतखोर के रूप में है। वह विभिन्न पदों पर जिले में 17-18 वर्षों से तैनात हैं। उनकी 1-2 वर्ष तैनाती रायबरेली जनपद में भी रही है।
गोपनीय जांच आख्या मिलने के बाद 27 सितंबर को ट्रैप का निर्णय हुआ और मामला प्रदेश सरकार के राजपत्रित अधिकारी से जुड़ा होने के चलते प्रकरण में अनुमति के लिए शासन के मुख्य सचिव सतर्कता को पत्र भेजा गया।
अगले दिन अपर मुख्य सचिव सर्किल की ओर से स्वीकृति हासिल हुई और 26 सितंबर को एसपी अधिसूचना सेक्टर लखनऊ अखिलेश कुमार निगम ने 10 सदस्यीय ट्रैप टीम गठित की।
निरीक्षक विनोद चंद्र तिवारी के नेतृत्व वाली इस टीम में शामिल निरीक्षक संजय कुमार सिंह, रवि भूषण पांडेय, चेतराम गोयल, मुख्य आरक्षी संजय कुमार, गिरीश चंद, महिला आरक्षी मरियम, आरक्षी चालक मसीउद्दीन व कमलेश कुमार दो सरकारी वाहनों से 26 सितंबर की देर रात जनपद में पहुंचे और बाईपास स्थित एक रिजॉर्ट में डेरा डाला।
शुक्रवार सुबह डीएम व एसएसपी से मिलकर एसडीएम आरजेबी मानसिंह और सहायक अभिलेख अधिकारी बाबूलाल को बतौर स्वतंत्र गवाह हासिल किया। केमिकल लगे नोट एक लिफाफे में रखे और शिकायतकर्ता डॉ. सरोज को शाम को सीएमओ के आवास भेजा।
घूस की रकम लेने के बाद टीम ने सीएमओ को हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनके पास से घूस की रकम 20 हजार तथा जेब से 7560 रुपए बरामद किया।
एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक विनोद चंद्र तिवारी की ओर से शनिवार सुबह नगर कोतवाली में सीएमओ डॉ. हरिओम श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद केस दर्ज कराया गया।
रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए सीएमओ रात भर कोतवाली में रोते रहे। वहीं मामले की खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक व कर्मियों का जमावड़ा नगर कोतवाली पर होने लगा। थोड़ी ही देर में डीएम अनुज कुमार झा व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी भी कोतवाली पहुंच गए और मामले की जानकारी ली।