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दिल्ली से आए दो युवक निकले पॉजिटिव, हड़कंप
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अमौनी में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मौके पर मौजूद टीम।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से आए दो और युवक बुधवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें एक सिविल लाइन इलाके का व दूसरा मया ब्लॉक के अमौनी गांव का निवासी है। रिपोर्ट आने पर दोनों मरीजों को आइसोलेट किया गया है। अब जिले में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 152 पहुंच गई है। इनमें सक्रिय मरीज 43 बताए जा रहे हैं।
महिला कल्याण विभाग से जुड़े एक अधिकारी का भाई दिल्ली में सिविल सेवाओं की तैयारी करता है। बीते आठ जून को वह कार से जिले में पहुंचा। जिसे संदेह के आधार पर अवध यूनिवर्सिटी के सरयू हॉस्टल में बने क्वारंटीन सेंटर में रखा गया।
उसी दिन कोरोना जांच के लिए नमूना भी भेजा गया। रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि मरीज सिविल लाइन में आवंटित आवास तक नहीं पहुंचा था। इससे अधिकारी सहित पूरा परिवार संक्रमण से बच गया। साथ ही क्षेत्र भी कंटेनमेंट जोन घोषित होने से बच गया। मरीज को क्वारंटीन सेंटर से मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि मरीज की सिर्फ रिपोर्ट पॉजिटिव है, लेकिन उसमें किसी प्रकार के लक्षण प्रतीत नहीं हो रहे हैं। उसकी हालत सामान्य है।
सैंपल लेकर भेजा घर, घूमता रहा मरीज
मया बाजार। बुधवार को विकास खंड मया के अमौनी गांव में मिले मरीज के साथ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से संक्रमण की चेन बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। गांव निवासी 22 वर्षीय युवक शुक्रवार को दिल्ली से अपने गांव आया था।
यहां स्वास्थ्य खराब होने पर सोमवार को उसका सैंपल लेकर केजीएमयू भेजा गया था, जिसमें युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। बताया गया कि युवक को नमूना लेकर घर भेज दिया गया, जहां आने पर वह पड़ोसी के साथ घूमता रहा व मोबाइल फोन का उपयोग भी किया। जिसके पड़ोसियों को भी क्वारंटीन किया गया है। सीएचसी अधीक्षक मया बाजार डॉ. अंशुमान यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा 50 घरों का सर्वे कराया गया। गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
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महिला कल्याण विभाग से जुड़े एक अधिकारी का भाई दिल्ली में सिविल सेवाओं की तैयारी करता है। बीते आठ जून को वह कार से जिले में पहुंचा। जिसे संदेह के आधार पर अवध यूनिवर्सिटी के सरयू हॉस्टल में बने क्वारंटीन सेंटर में रखा गया।
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उसी दिन कोरोना जांच के लिए नमूना भी भेजा गया। रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि मरीज सिविल लाइन में आवंटित आवास तक नहीं पहुंचा था। इससे अधिकारी सहित पूरा परिवार संक्रमण से बच गया। साथ ही क्षेत्र भी कंटेनमेंट जोन घोषित होने से बच गया। मरीज को क्वारंटीन सेंटर से मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि मरीज की सिर्फ रिपोर्ट पॉजिटिव है, लेकिन उसमें किसी प्रकार के लक्षण प्रतीत नहीं हो रहे हैं। उसकी हालत सामान्य है।
सैंपल लेकर भेजा घर, घूमता रहा मरीज
मया बाजार। बुधवार को विकास खंड मया के अमौनी गांव में मिले मरीज के साथ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से संक्रमण की चेन बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। गांव निवासी 22 वर्षीय युवक शुक्रवार को दिल्ली से अपने गांव आया था।
यहां स्वास्थ्य खराब होने पर सोमवार को उसका सैंपल लेकर केजीएमयू भेजा गया था, जिसमें युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। बताया गया कि युवक को नमूना लेकर घर भेज दिया गया, जहां आने पर वह पड़ोसी के साथ घूमता रहा व मोबाइल फोन का उपयोग भी किया। जिसके पड़ोसियों को भी क्वारंटीन किया गया है। सीएचसी अधीक्षक मया बाजार डॉ. अंशुमान यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा 50 घरों का सर्वे कराया गया। गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है।