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दोबारा इंटरव्यू पर फूटा गुस्सा, शिक्षिकाओं ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:33 PM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करतीं शिक्षिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं को डीएम के निर्देश पर दोबारा साक्षात्कार के लिए बुलाने पर मंगलवार को विकास भवन में जमकर हंगामा हुआ। शिक्षिकाओं ने कार्य बहिष्कार की घोषणा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि 2009 से पढ़ा रहीं हैं, मार्च में रिनीवल भी हो चुका है, ऐसे में अब नौकरी लेने की साजिश की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने साक्षात्कार रद्द कर दिया है। प्रभारी बीएसए ने सभी को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें वापस स्कूलों पर ड्यूटी के लिए भेज दिया।
जिले के सभी ब्लॉकों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खुले हैं। यहां पर शिक्षिकाओं की तैनाती संविदा पर हुई है, जिसका हर साल रिनीवल होता है। चूंकि एक अप्रैल से ही नया सत्र शुरू हो गया है, जिसके कारण शिक्षिकाओं का रिनीवल मार्च में एक वर्ष के लिए हो चुका है।
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हालांकि कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। बताते हैं कि डीएम के निरीक्षण में कुछ स्कूलों में शिक्षिकाओं की क्षमता पर सवाल उठे थे। इसके बाद उन्होंने सीडीओ व बीएसए को फिर से साक्षात्कार करा अयोग्य शिक्षिकाओं की छंटनी का मौखिक आदेश दिया था।
इसके क्रम में सभी शिक्षिकाओं को मंगलवार को विकास भवन बुलाया गया था। इसकी जिम्मेदारी वहां के वार्डेन को दी गई थी। लेकिन इसी दौरान शिक्षिकाओं को दोबारा साक्षात्कार लेने व छंटनी का डर सताने लगा और वे प्रदर्शन पर उतर आईं। हंगामा होते देख प्रभारी बीएसए ने मामला संभाला।
प्रभारी बीएसए संजय कुमार ने कहा कि साक्षात्कार रद्द कर दिया है। शिक्षिकाओं को समझाया गया कि स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए उनकी राय जानने के लिए बुलाया गया। उन्हें समझ में आ गया तो उनका विरोध शांत हो गया। कस्तूरबा की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व सुविधा मिले, इसके लिए विभाग संवेदनशील है।
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उनका कहना था कि 2009 से पढ़ा रहीं हैं, मार्च में रिनीवल भी हो चुका है, ऐसे में अब नौकरी लेने की साजिश की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने साक्षात्कार रद्द कर दिया है। प्रभारी बीएसए ने सभी को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें वापस स्कूलों पर ड्यूटी के लिए भेज दिया।
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जिले के सभी ब्लॉकों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खुले हैं। यहां पर शिक्षिकाओं की तैनाती संविदा पर हुई है, जिसका हर साल रिनीवल होता है। चूंकि एक अप्रैल से ही नया सत्र शुरू हो गया है, जिसके कारण शिक्षिकाओं का रिनीवल मार्च में एक वर्ष के लिए हो चुका है।
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हालांकि कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। बताते हैं कि डीएम के निरीक्षण में कुछ स्कूलों में शिक्षिकाओं की क्षमता पर सवाल उठे थे। इसके बाद उन्होंने सीडीओ व बीएसए को फिर से साक्षात्कार करा अयोग्य शिक्षिकाओं की छंटनी का मौखिक आदेश दिया था।
इसके क्रम में सभी शिक्षिकाओं को मंगलवार को विकास भवन बुलाया गया था। इसकी जिम्मेदारी वहां के वार्डेन को दी गई थी। लेकिन इसी दौरान शिक्षिकाओं को दोबारा साक्षात्कार लेने व छंटनी का डर सताने लगा और वे प्रदर्शन पर उतर आईं। हंगामा होते देख प्रभारी बीएसए ने मामला संभाला।
प्रभारी बीएसए संजय कुमार ने कहा कि साक्षात्कार रद्द कर दिया है। शिक्षिकाओं को समझाया गया कि स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए उनकी राय जानने के लिए बुलाया गया। उन्हें समझ में आ गया तो उनका विरोध शांत हो गया। कस्तूरबा की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व सुविधा मिले, इसके लिए विभाग संवेदनशील है।