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1.41 लाख बच्चों के लिए नहीं हो सका ड्रेस, स्वेटर व जूता-मोजा का इंतजाम
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अयोध्या। ठंडी के मौसम का एक माह बीत चुका है। अब कड़ाके की ठंड की भी शुरुआत हो चुकी है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे 1.41 लाख बच्चों को स्वेटर, ड्रेस, जूता-मोजा व स्कूल बैग का इंतजार है। बच्चे पुराने स्वेटर पहनकर व निजी व्यवस्था करके स्कूल पहुंच रहे हैं। जल्दी समस्या से निजात मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है, क्योंकि डीबीटी के जरिए मिलने वाली धनराशि के लिए अभी तक तीस हजार बच्चों का सत्यापन ही लंबित है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1794 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1235 प्राथमिक, 208 उच्च प्राथमिक व 301 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में बीते वर्ष 241250 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जिन्हें नई व्यवस्था के तहत ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर व स्कूल बैग के एवज में 11 सौ रुपए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में 90,008 अभिभावकों के 1,01,664 बच्चों को करीब बीस दिन पहले लाभ मिल चुका है, लेकिन शेष बचे करीब 1.41 लाख बच्चे अभी भी वंचित हैं।
इन दिनों ठंडक ने दस्तक दे दिया है। दिन व रात के तापमान में गिरावट आ रही है। सुबह-शाम में लोग बिना स्वेटर के निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। स्कूल पहुंच रहे बच्चों को इनके अभाव में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण में बच्चों के खाते में धनराशि भेजने के लिए उनका सत्यापन कराया जा रहा है, जो कि अध्यापक स्तर पर लंबित है। तीस हजार बच्चों को सत्यापन नहीं हो सका है। जिले से संपूर्ण डाटा का सत्यापन करके शीघ्र ही शासन को भेजने का दावा किया जा रहा है।
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मिलने वाली धनराशि
दो जोड़ी ड्रेस-600
स्वेटर-200
जूता-मोजा-125
स्कूल बैग-175
कुल-1100 रुपये
डीबीटी के जरिए पहले चरण में एक लाख बच्चों के खाते में धनराशि पहुंच चुकी है। दूसरे चरण में सत्यापन का कार्य चल रहा है। अभी शिक्षक स्तर पर करीब तीस हजार बच्चों का सत्यापन लंबित है। शीघ्र ही शासन को संपूर्ण डाटा भेज दिया जाएगा। संतोष देव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1794 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1235 प्राथमिक, 208 उच्च प्राथमिक व 301 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में बीते वर्ष 241250 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जिन्हें नई व्यवस्था के तहत ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर व स्कूल बैग के एवज में 11 सौ रुपए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में 90,008 अभिभावकों के 1,01,664 बच्चों को करीब बीस दिन पहले लाभ मिल चुका है, लेकिन शेष बचे करीब 1.41 लाख बच्चे अभी भी वंचित हैं।
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इन दिनों ठंडक ने दस्तक दे दिया है। दिन व रात के तापमान में गिरावट आ रही है। सुबह-शाम में लोग बिना स्वेटर के निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। स्कूल पहुंच रहे बच्चों को इनके अभाव में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण में बच्चों के खाते में धनराशि भेजने के लिए उनका सत्यापन कराया जा रहा है, जो कि अध्यापक स्तर पर लंबित है। तीस हजार बच्चों को सत्यापन नहीं हो सका है। जिले से संपूर्ण डाटा का सत्यापन करके शीघ्र ही शासन को भेजने का दावा किया जा रहा है।
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मिलने वाली धनराशि
दो जोड़ी ड्रेस-600
स्वेटर-200
जूता-मोजा-125
स्कूल बैग-175
कुल-1100 रुपये
डीबीटी के जरिए पहले चरण में एक लाख बच्चों के खाते में धनराशि पहुंच चुकी है। दूसरे चरण में सत्यापन का कार्य चल रहा है। अभी शिक्षक स्तर पर करीब तीस हजार बच्चों का सत्यापन लंबित है। शीघ्र ही शासन को संपूर्ण डाटा भेज दिया जाएगा। संतोष देव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या