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सीएचसी में इमरजेंसी ठप, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Mon, 09 May 2016 11:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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चिकित्सकों की कमी व सुविधाओं के अभाव के चलते सीएचसी बीकापुर में सोमवार को हालात और खराब हो गए। तमाम मरीजों को लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा, इसी दौरान हादसे में घायल एक बुजुर्ग को जिला अस्पताल रेफर करने के बाद एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई तो अस्पताल परिसर में ही उसने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
बीकापुर के इस्माईलपुर निवासी रामअंजोर (70) सोमवार सुबह साइकिल से बीकापुर आ रहे थे, इसी दौरान खजुरहट बाजार में तीव्र गति से जा रही ट्रक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल इस्माइलपुर निवासी राम अंजोर को सुबह सीएचसी लाया गया। यहां डॉ. सतीश चंद्रा ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची।
बुजुर्ग रामअंजोर की उपचार के अभाव में तड़प-तड़प कर मौत हो गयी। चिकित्सकों की कमी व सुविधाओं के अभाव के चलते सीएचसी बीकापुर बदहाल है। पिछले 6 दिन से अस्पताल की ओपीडी व इमरजेंसी सेवा मात्र एक चिकित्सक के सहारे संचालित हो रही है। सोमवार को अवकाश होने के चलते अस्पताल सुबह 11 बजे तक खुला रहा, लेकिन 9:30 बजे तक चिकित्सक ओपीडी में नही पहुंचे।
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भगौती नगर निवासी राजकुमारी (38) पेट दर्द से परेशान थीं, इसी प्रकार प्राणपुर निवासी साक्षी मिश्रा, मरुई सहाय सिंह निवासी की कृष्णावती, चौरे बाजार की कौशल्या, भैरवपुर टिकरा की किरण, बछरामपुर के रामदेव, बीकापुर के श्रीकृष्ण पांडेय सहित तमाम मरीज हलकान रहे।
सुबह 9:30 बजे के बाद पहुंचे अधीक्षक डॉ फिरोज अहमद व प्रशिक्षण से वापस आये डॉ. सतीश चंद्रा ने ओपीडी में मरीजों का उपचार शुरू किया लेकिन अस्पताल जल्दी बंद हो जाने से तमाम मरीज बिना इलाज कराये वापस लौट गये।
इस संबंध में अधीक्षक डॉ. फिरोज अहमद ने बताया कि एक सप्ताह से समस्या ज्यादा गंभीर हो गयी है। चिकित्सक न होने से उन्हें अकेले ओपीडी व इमरजेंसी में जूझना पड़ रहा है। उनके मीटिंग में चले जाने से समस्या और गंभीर हो जाती है।
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बीकापुर के इस्माईलपुर निवासी रामअंजोर (70) सोमवार सुबह साइकिल से बीकापुर आ रहे थे, इसी दौरान खजुरहट बाजार में तीव्र गति से जा रही ट्रक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल इस्माइलपुर निवासी राम अंजोर को सुबह सीएचसी लाया गया। यहां डॉ. सतीश चंद्रा ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची।
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बुजुर्ग रामअंजोर की उपचार के अभाव में तड़प-तड़प कर मौत हो गयी। चिकित्सकों की कमी व सुविधाओं के अभाव के चलते सीएचसी बीकापुर बदहाल है। पिछले 6 दिन से अस्पताल की ओपीडी व इमरजेंसी सेवा मात्र एक चिकित्सक के सहारे संचालित हो रही है। सोमवार को अवकाश होने के चलते अस्पताल सुबह 11 बजे तक खुला रहा, लेकिन 9:30 बजे तक चिकित्सक ओपीडी में नही पहुंचे।
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भगौती नगर निवासी राजकुमारी (38) पेट दर्द से परेशान थीं, इसी प्रकार प्राणपुर निवासी साक्षी मिश्रा, मरुई सहाय सिंह निवासी की कृष्णावती, चौरे बाजार की कौशल्या, भैरवपुर टिकरा की किरण, बछरामपुर के रामदेव, बीकापुर के श्रीकृष्ण पांडेय सहित तमाम मरीज हलकान रहे।
सुबह 9:30 बजे के बाद पहुंचे अधीक्षक डॉ फिरोज अहमद व प्रशिक्षण से वापस आये डॉ. सतीश चंद्रा ने ओपीडी में मरीजों का उपचार शुरू किया लेकिन अस्पताल जल्दी बंद हो जाने से तमाम मरीज बिना इलाज कराये वापस लौट गये।
इस संबंध में अधीक्षक डॉ. फिरोज अहमद ने बताया कि एक सप्ताह से समस्या ज्यादा गंभीर हो गयी है। चिकित्सक न होने से उन्हें अकेले ओपीडी व इमरजेंसी में जूझना पड़ रहा है। उनके मीटिंग में चले जाने से समस्या और गंभीर हो जाती है।