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सीबीआई अफसरों के सामने ही भिड़े स्वास्थ्यकर्मी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2016 11:45 PM IST
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सीबीआई अफसरों की मौजूदगी से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। जिन दस्तावेजों को सीबीआई के अधिकारी मांग रहे हैं उनको देने में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक को पसीना छूट रहा है।
दर्शननगर स्थित सीएमओ कार्यालय में शुक्रवार की शाम मसौधा पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारी सीबीआई अधिकारी के सामने ही भिड़ गए। कागजात कोई नहीं दिखा पाया। सीबीआई अफसर और सख्त हो गए और एक सप्ताह के अंदर ग्राउंड स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिया।
सीबीआई ने शुक्रवार की देर शाम मसौधा पीएचसी के लिपिक, सहायक शोध अधिकारी और एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मय दस्तावेज तलब किया था। हालांकि वर्ष 2005-07 तक वितरित किए गए जननी सुरक्षा योजना के दस्तावेज नहीं थे।
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अधिकारियों को बताया कि इस दौरान प्रसूताओं को बियरर चेक के बजाए सीधे कैश बांटा गया है। लेकिन कैश किन प्रसूताओं को और किस शासनादेश के तहत बांटा गया, यह न तो लिपिक बता सके और न ही एआरओ।
दस्तावेज गुम होने का आरोप स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एक-दूसरे पर लगाते रहे। इन कर्मचारियों की हरकत देख सीबीआई के अफसरों ने सभी को फटकार लगाई और एक सप्ताह के अंदर एएनएम स्तर से रिपोर्ट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिया है। इसी के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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दर्शननगर स्थित सीएमओ कार्यालय में शुक्रवार की शाम मसौधा पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारी सीबीआई अधिकारी के सामने ही भिड़ गए। कागजात कोई नहीं दिखा पाया। सीबीआई अफसर और सख्त हो गए और एक सप्ताह के अंदर ग्राउंड स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिया।
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सीबीआई ने शुक्रवार की देर शाम मसौधा पीएचसी के लिपिक, सहायक शोध अधिकारी और एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मय दस्तावेज तलब किया था। हालांकि वर्ष 2005-07 तक वितरित किए गए जननी सुरक्षा योजना के दस्तावेज नहीं थे।
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अधिकारियों को बताया कि इस दौरान प्रसूताओं को बियरर चेक के बजाए सीधे कैश बांटा गया है। लेकिन कैश किन प्रसूताओं को और किस शासनादेश के तहत बांटा गया, यह न तो लिपिक बता सके और न ही एआरओ।
दस्तावेज गुम होने का आरोप स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एक-दूसरे पर लगाते रहे। इन कर्मचारियों की हरकत देख सीबीआई के अफसरों ने सभी को फटकार लगाई और एक सप्ताह के अंदर एएनएम स्तर से रिपोर्ट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिया है। इसी के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।