{"_id":"5938346e4f1c1b69259c88a9","slug":"bill-will-now-be-made-to-ram-mandir","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब विधेयक लाकर ही बनवाना होगा राममंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब विधेयक लाकर ही बनवाना होगा राममंदिर
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
संत सम्मेलन में महंत नृत्यगोपालदास को माला पहनाते साधु-संत।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगरी पहुंचे विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीणभाई तोगड़िया, भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी समेत तमाम शीर्ष धर्माचार्यों ने राममंदिर मुद्दे पर सरकार को दो टूक अल्टीमेटम दिया। कहा कि कोर्ट और बातचीत से मामले का हल लटकाने की कोशिश है। अब विधेयक लाकर ही राममंदिर बनवाना होगा।
अयोध्या में भव्य राममंदिर और देश में रामराज्य चाहिए। राममंदिर बनाने का एक ही रास्ता है संसद में कानून बने। तोगड़िया ने बाबरी ढांचा ध्वंस मामले में कांग्रेस काल में बनी सीबीआई की चार्जशीट को नई सप्लीमेंट्री के जरिए नई सरकार से कोर्ट में निर्दोष साबित करने की मांग भी उठाई।
श्रीराम जन्मभूमि न्याय के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के 79 वें जन्मोत्सव व संत सम्मेलन के समापन में बुधवार को पहुंचे विहिप नेताओं, धर्माचार्यों ने राममंदिर पर केंद्र सरकार का कड़ा संदेश देने की कोशिश की।
विज्ञापन
विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर और रामराज्य चाहिए। राममंदिर बनाने का एक ही रास्ता है संसद में कानून बने। अयोध्या आता हूँ तो रामलला को टाट में विराजमान देखकर मन द्रवित हो उठता है।
उन्होंने कहा कि संसद बुलाकर शीघ्र ही कानून बनाकर मदिर निर्माण होना चाहिए। हरिद्वार में केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में संतों ने यह प्रस्ताव पारित कर सरकार को सौंपा है। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार तत्काल संसद का विशेष अधिवेशन बुलाए।
उसमें राममंदिर का कानून बनाए और किसान को कर्ज मुक्त करने व किसानों के उत्पादन को डेढ़ गुना दाम देने समेत स्वामीनाथन कमेटी के सुझाव का कार्यान्वयन करने की घोषणा करे। राममंदिर आंदोलन में शामिल नेताओं पर मुकदमे के सवाल पर कहा कि सीबीआई सरकार का हिस्सा है।
कांग्रेस सरकार में ही सीबीआई राममंदिर आंदोलन के नेताओं को षड्यंत्रकारी मानकर उन पर मुकदमे चला रही है, अब भाजपा की सरकार भी राममंदिर आंदोलन के नेताओं को षड्यंत्रकारी मानें यह दुखद है।
उन्होंने सीबीआई जांच की एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश कर राममंदिर आंदोलन के नेताओं को निर्दोष साबित करने की मांग उठाई। पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन आस्था का परिणाम था।
केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होने का मतलब रामजी की सरकार है, जैसा माहौल राममंदिर निर्माण के लिए सरकार को मिलना चाहिए अब मिल गया। सरकार को मंदिर निर्माण में विलंब नहीं करना चाहिए।
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि 76 बार हिन्दुओं ने राममंदिर के लिए बलिदान दिया है ना जाने कितने रामभक्तों के तप से यह अयोध्या तपती रही है। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण ही अशोक सिंहल, रामचन्द्र परमहंस, महंत अवैद्यनाथ को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि यदि राममंदिर का भव्य निर्माण न हुआ तो सब कुछ व्यर्थ हो जायेगा।
संत सम्मेलन की अध्यक्षता ज्योतिषपीठाधीश्वर ज.गु. शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने किया। सम्मेलन को ज.गु. हंसदेवाचार्य. बिन्दुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्रप्रसादाचार्य, महंत कौशल किशोर दास, डॉ.रामविलास दास वेदांती, सुब्रहमण्यम स्वामी, महंत सुरेशदास, महंत कन्हैयादास रामायणी अन्य ने संबोधित किया।
संचालन डॉ. रामानंद दास ने किया। इस अवसर पर ज्ञानी गुरूजीत सिंह, महंत जन्मेजय शरण, निर्वाणी अनी के महंत धर्मदास, पुजारी रामदास, राजकुमारदास, म. बृजमोहनदास, म. नारायणाचारी, म. शशिकांत दास, कथाव्यास देवकीनंदन ठाकुर, मध्यप्रदेश के शिक्षामंत्री जयभान सिंह, सांसद लल्लू सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
अयोध्या में भव्य राममंदिर और देश में रामराज्य चाहिए। राममंदिर बनाने का एक ही रास्ता है संसद में कानून बने। तोगड़िया ने बाबरी ढांचा ध्वंस मामले में कांग्रेस काल में बनी सीबीआई की चार्जशीट को नई सप्लीमेंट्री के जरिए नई सरकार से कोर्ट में निर्दोष साबित करने की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
श्रीराम जन्मभूमि न्याय के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के 79 वें जन्मोत्सव व संत सम्मेलन के समापन में बुधवार को पहुंचे विहिप नेताओं, धर्माचार्यों ने राममंदिर पर केंद्र सरकार का कड़ा संदेश देने की कोशिश की।
विज्ञापन
विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर और रामराज्य चाहिए। राममंदिर बनाने का एक ही रास्ता है संसद में कानून बने। अयोध्या आता हूँ तो रामलला को टाट में विराजमान देखकर मन द्रवित हो उठता है।
उन्होंने कहा कि संसद बुलाकर शीघ्र ही कानून बनाकर मदिर निर्माण होना चाहिए। हरिद्वार में केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में संतों ने यह प्रस्ताव पारित कर सरकार को सौंपा है। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार तत्काल संसद का विशेष अधिवेशन बुलाए।
उसमें राममंदिर का कानून बनाए और किसान को कर्ज मुक्त करने व किसानों के उत्पादन को डेढ़ गुना दाम देने समेत स्वामीनाथन कमेटी के सुझाव का कार्यान्वयन करने की घोषणा करे। राममंदिर आंदोलन में शामिल नेताओं पर मुकदमे के सवाल पर कहा कि सीबीआई सरकार का हिस्सा है।
कांग्रेस सरकार में ही सीबीआई राममंदिर आंदोलन के नेताओं को षड्यंत्रकारी मानकर उन पर मुकदमे चला रही है, अब भाजपा की सरकार भी राममंदिर आंदोलन के नेताओं को षड्यंत्रकारी मानें यह दुखद है।
उन्होंने सीबीआई जांच की एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश कर राममंदिर आंदोलन के नेताओं को निर्दोष साबित करने की मांग उठाई। पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन आस्था का परिणाम था।
केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होने का मतलब रामजी की सरकार है, जैसा माहौल राममंदिर निर्माण के लिए सरकार को मिलना चाहिए अब मिल गया। सरकार को मंदिर निर्माण में विलंब नहीं करना चाहिए।
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि 76 बार हिन्दुओं ने राममंदिर के लिए बलिदान दिया है ना जाने कितने रामभक्तों के तप से यह अयोध्या तपती रही है। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण ही अशोक सिंहल, रामचन्द्र परमहंस, महंत अवैद्यनाथ को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि यदि राममंदिर का भव्य निर्माण न हुआ तो सब कुछ व्यर्थ हो जायेगा।
संत सम्मेलन की अध्यक्षता ज्योतिषपीठाधीश्वर ज.गु. शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने किया। सम्मेलन को ज.गु. हंसदेवाचार्य. बिन्दुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्रप्रसादाचार्य, महंत कौशल किशोर दास, डॉ.रामविलास दास वेदांती, सुब्रहमण्यम स्वामी, महंत सुरेशदास, महंत कन्हैयादास रामायणी अन्य ने संबोधित किया।
संचालन डॉ. रामानंद दास ने किया। इस अवसर पर ज्ञानी गुरूजीत सिंह, महंत जन्मेजय शरण, निर्वाणी अनी के महंत धर्मदास, पुजारी रामदास, राजकुमारदास, म. बृजमोहनदास, म. नारायणाचारी, म. शशिकांत दास, कथाव्यास देवकीनंदन ठाकुर, मध्यप्रदेश के शिक्षामंत्री जयभान सिंह, सांसद लल्लू सिंह मौजूद रहे।