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भरतकुंड के कायाकल्प का काम तेज
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 17 May 2016 11:52 PM IST
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भरतकुंड की सफाई करती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला
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योगिराज भरत की तोपस्थली नंदीग्राम भरतकुंड के ऐतिहासिक सरोवर की सफाई का काम सोमवार को अचानक रोकने के बाद डीएम की सख्ती से मंगलवार को फिर शुरू हो गया। मामले में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी द्वारा धनाभाव की बात कहकर काम रोकने की शिकायत विधायक आनंदसेन ने की थी।
जिसके बाद डीएम ने मौके पर पहुंचकर अफसरों को फटकार लगाई तो मंगलवार को तेजी से सफाई का काम शुरू हो गया। मगर नलकूप विभाग के साथ ही बिजली के कार्य के लिए कर्मचारी मंगलवार को भी नहीं पहुंचे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह ने सोमवार को भरतकुंड की सफाई का काम काम रुकवा दिया था।
बताया कि केंद्र सरकार से जो बजट आवंटित था वह दूसरे मद के लिए था, शासन के अनुमति के बाद ही उसे ट्रांसफर किया जा सकता है। वहीं, पर्यटन का काम कराने वाली कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के एई एके सिंह का कहना था कि सिल्ट से पटे भरतकुंड की एक मीटर तक खोदाई में लगभग 35 लाख रुपये खर्च का आंकलन है।
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इसका बजट उनके पास नहीं है। सोमवार देर शाम डीएम किंजल सिंह भरतकुंड पहुंचीं तो काम बंद देख नाराज हो गईं। उन्होंने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। निर्देश दिया कि एक पखवारे के भीतर एक से डेढ़ मीटर खोदाई कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने शासन से बजट ट्रांसफर कराने का आश्वासन दिया।
साथ ही काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके बाद मंगलवार को कुंड की सफाई के लिए चार जेसीबी मंगाईं गईं मगर डंपर कम होने के कारण दो जेसीबी से ही काम कराया गया। मंगलवार को पीडी एके मिश्र ने भरतकुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक भरतकुंड के कायाकल्प के लिए अन्य विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जिसके बाद डीएम ने मौके पर पहुंचकर अफसरों को फटकार लगाई तो मंगलवार को तेजी से सफाई का काम शुरू हो गया। मगर नलकूप विभाग के साथ ही बिजली के कार्य के लिए कर्मचारी मंगलवार को भी नहीं पहुंचे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह ने सोमवार को भरतकुंड की सफाई का काम काम रुकवा दिया था।
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बताया कि केंद्र सरकार से जो बजट आवंटित था वह दूसरे मद के लिए था, शासन के अनुमति के बाद ही उसे ट्रांसफर किया जा सकता है। वहीं, पर्यटन का काम कराने वाली कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के एई एके सिंह का कहना था कि सिल्ट से पटे भरतकुंड की एक मीटर तक खोदाई में लगभग 35 लाख रुपये खर्च का आंकलन है।
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इसका बजट उनके पास नहीं है। सोमवार देर शाम डीएम किंजल सिंह भरतकुंड पहुंचीं तो काम बंद देख नाराज हो गईं। उन्होंने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। निर्देश दिया कि एक पखवारे के भीतर एक से डेढ़ मीटर खोदाई कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने शासन से बजट ट्रांसफर कराने का आश्वासन दिया।
साथ ही काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके बाद मंगलवार को कुंड की सफाई के लिए चार जेसीबी मंगाईं गईं मगर डंपर कम होने के कारण दो जेसीबी से ही काम कराया गया। मंगलवार को पीडी एके मिश्र ने भरतकुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक भरतकुंड के कायाकल्प के लिए अन्य विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।