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बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन ठप
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:53 PM IST
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ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को कई बैंकों में हड़ताल रही। इस दौरान बैंक कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। कहा कि पथ उन्नयन योजना को लागू करने का प्रयास विफल करेंगे।
हड़ताल से क्लीयरिंग बंद रहा। यूनियन का दावा है कि लगभग दो सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन की ओर से शुक्रवार को मांगों को लेकर पीएनबी, केनरा और सेंट्रल बैंक में हड़ताल का असर ज्यादा दिखा। बैंक कर्मियों ने सुबह से ही शाखाओं के सामने प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष के रस्तोगी ने कहा कि हड़ताल मुख्य रुप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पांच सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, त्रावणकोर, मैसूर, हैदराबाद, बीकानेर और जयपुर के प्रबंध तंत्र से बैंकिंग उद्योग के द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेवा शर्तों को लागू करना चाहता है।
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उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के कारण समासोधन गृह पूरी तरह से बंद रहा। लगभग दो सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ। यूनियन का दावा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण बैंक और जिला सहकारी बैंक को छोड़कर सभी बैंकों में ताले बंद रहे।
हड़ताली कर्मचारियों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पीएनबी सिविल लाइन के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेता सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोगी बैंकों में पथ उन्नयन योजना को लागू करने के प्रयास को विफल करके ही रहेंगे।
इसके तहत कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ाने, अतिरिक्त कार्यभार लादने, पारण शक्तियां कर्मचारियों पर बढ़ाने, आउटसोर्सिंग की आजादी, सफाई कर्मचारियों का पद समाप्त करने का प्रयास शामिल है। इससे औद्योगिक अशांति का खतरा है।
सभा को आरएस दूबे, अरुण, डीवी सक्सेना, मोहित गुप्ता, राजकुमार, एसवी सिंह, सुरेश कुमार, देवेंद्र, आरवी यादव, सुनील श्रीवास्तव, मोहनलाल अग्रवाल, राजू, नागेंद्र यादव, रामचंद्र यादव, रमेश वर्मा, जितेंद्र कुमार, पल्लवी श्रीवास्तव, नेहा शुक्ला, अशोक अस्थाना आदि ने भी संबोधित किया।
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हड़ताल से क्लीयरिंग बंद रहा। यूनियन का दावा है कि लगभग दो सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन की ओर से शुक्रवार को मांगों को लेकर पीएनबी, केनरा और सेंट्रल बैंक में हड़ताल का असर ज्यादा दिखा। बैंक कर्मियों ने सुबह से ही शाखाओं के सामने प्रदर्शन किया।
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जिलाध्यक्ष के रस्तोगी ने कहा कि हड़ताल मुख्य रुप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पांच सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, त्रावणकोर, मैसूर, हैदराबाद, बीकानेर और जयपुर के प्रबंध तंत्र से बैंकिंग उद्योग के द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेवा शर्तों को लागू करना चाहता है।
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उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के कारण समासोधन गृह पूरी तरह से बंद रहा। लगभग दो सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ। यूनियन का दावा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण बैंक और जिला सहकारी बैंक को छोड़कर सभी बैंकों में ताले बंद रहे।
हड़ताली कर्मचारियों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पीएनबी सिविल लाइन के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेता सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोगी बैंकों में पथ उन्नयन योजना को लागू करने के प्रयास को विफल करके ही रहेंगे।
इसके तहत कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ाने, अतिरिक्त कार्यभार लादने, पारण शक्तियां कर्मचारियों पर बढ़ाने, आउटसोर्सिंग की आजादी, सफाई कर्मचारियों का पद समाप्त करने का प्रयास शामिल है। इससे औद्योगिक अशांति का खतरा है।
सभा को आरएस दूबे, अरुण, डीवी सक्सेना, मोहित गुप्ता, राजकुमार, एसवी सिंह, सुरेश कुमार, देवेंद्र, आरवी यादव, सुनील श्रीवास्तव, मोहनलाल अग्रवाल, राजू, नागेंद्र यादव, रामचंद्र यादव, रमेश वर्मा, जितेंद्र कुमार, पल्लवी श्रीवास्तव, नेहा शुक्ला, अशोक अस्थाना आदि ने भी संबोधित किया।