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आध्यात्मिक सिटी के साथ पयर्टन व रोजगार का हब बनेगी अयोध्या

Fri, 09 Jul 2021 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:54 PM IST
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Ayodhya will become a hub of tourism and employment with a spiritual city
अयोध्या। आध्यात्मिक सिटी के साथ-साथ रामनगरी पर्यटन व रोजगार का हब बनने जा रही है। केंद्र के सहयोग से योगी सरकार की तैयारी अयोध्या को आस्था व पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की है।
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रामनगरी के उत्सव, पर्व व त्यौहार लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र होते हैं। इसलिए अयोध्या के वर्ष भर का सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसी के आधार पर आयोजनों व उत्सवों की श्रृंखला सजेगी।
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विजन डॉक्यूमेंट में अयोध्या के विकास के लिए जो योजनाएं बनाई गई हैं, उनकी डेडलाइन भी तय की गई है। रामनगरी अयोध्या में हर माह कोई न कोई उत्सव, पर्व व त्योहार होते हैं। इन उत्सवों में लाखों भक्त अयोध्या आते हैं।
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ऐसे में सरकार की योजना है कि अयोध्या आने वाले भक्तों को धार्मिकता के साथ-साथ पर्यटन का भी माहौल उपलब्ध कराया जाए। आध्यात्मिक व पर्यटन नगरों की ओर पर्यटकों व श्रद्धालुओं का रास्ता वहां के उत्सव व परंपराएं भी मोड़ती हैं।
इसलिए अयोध्या को भी आयोजन की नियमित श्रृंखला व सीजन से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है। धर्मनगरी को पर्यटन से जोड़ने के पीछे मकसद है कि अयोध्या में आने वाले भक्त कम से कम एक सप्ताह तक रुक सकें।
वैदिक सिटी में रामायणकालीन संरचना विकसित करने से लेकर सरयू में क्रू्ज के संचालन की कार्ययोजना इसी की एक कड़ी है। क्रू्ज का संचालन इसी दिपावली से किया जा सकता है।
इसके अलावा धर्मनगरी को पर्यटन नगरी के रूप में भी विख्यात करने के लिए जो पर्यटन मैप तैयार किया गया है उसके तहत रामनगरी को उत्सवधर्मी नगर, वैदिक एवं पारंपरिक ज्ञान, तीर्थयात्रियों हेतु मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की तेयारी हैं।
साथ ही सुविधायुक्त सामुदायिक आश्रय, धरोहरों का संरक्षण, परिक्रमा मार्गों का सुंदरीकरण, भरतकुंड पर पौराणिक एवं सांस्कृतिक आयोजन, अयोध्या में 15 दिन का दीपोत्सव, परिक्रमा मार्ग पर श्रीराम के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी, नगर के प्रवेश द्वार पर पर्यटक आवास और सुविधा केंद्र, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर को शामिल करते हुए एक दिवसीय पयर्टन यात्राएं, विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय आदि पर्यटन मैप के मुख्य आकर्षण होंगे।
राममंदिर बनने के साथ ही एक अनुमान के मुताबिक अयोध्या में प्रतिदिन एक लाख से भी अधिक श्रद्धालु-भक्त पहुंचेंगे। अयोध्या आने वाले भक्त न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन की भी दृष्टि से कम से कम तीन से चार दिन यहां ठहर सकें ऐसी योजना तैयार की गई है।
यही कारण है कि अयोध्या के विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के लिए प्रयागराज, काशी, उज्जैन, तिरुपति, सोमनाथ, मथुुरा के मंदिरों व उनके परिवेश का अध्ययन किया है।

इन धर्म नगरियों में भक्तों को रोकने के लिए क्या इंतजाम हैं, इसकी पूरी जानकारी हासिल की गई है। साथ ही कंबोडिया से लेकर वेटिकन सिटी के मॉडल, विकास व बेंचमार्क के भी पन्ने पलटे गए हैं।
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