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तीर्थों का जंक्शन बनेगा अयोध्या रेलवे स्टेशन
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अयोध्या-मंदिर मॉडल की तरह बन रहे रेलवेस्टेशन का जारी निर्माण कार्य
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रामनगरी में 104 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या जंक्शन के पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है। पहले चरण में कर्मियों के लिए आवास का निर्माण पूरा कराया जा चुका है। अब मुख्य भवन और मार्ग का निर्माण आरंभ हो चुका है। अयोध्या रेलवे स्टेशन को सभी तीर्थों का जंक्शन बनाने की तैयारी है। प्रमुख तीर्थ स्थलों को अयोध्या से जोड़ने के लिए ट्रेनों का संचालन किए जाने की योजना बन रही है। इसको लेकर एक दिन पूर्व ही रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल अयोध्या सहित कई रेलवे स्टेशनों का दौरा कर चुके हैं।
अयोध्या जंक्शन का पुनर्विकास रामनगरी के विकास से जुड़ी बड़ी योजनाओं में शामिल है। रामजन्मभूमि परिसर और अयोध्या रेलवे स्टेशन के बीच अधिक दूरी नहीं है। केंद्र सरकार की मंशा है कि रामनगरी आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर उतरते ही नगरी की दिव्यता का एहसास हो, इसलिए जंक्शन का स्वरूप मंदिर की तरह रखा गया है। राम नगरी अयोध्या को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े जाने की भी तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। जिसके लिए अयोध्या से प्रमुख तीर्थ स्थल प्रयाग, हरिद्वार, गोरखपुर, चित्रकूट, वाराणसी, मिर्जापुर के साथ रामेश्वरम सहित अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों से सीधे ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
देश के अन्य तीर्थ स्थलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन पर उपयुक्त सुविधा दी जा सके इसके लिए भी तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही रेलवे का विस्तार भी किया जाने के लिए बोर्ड को कई अहम प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। आगामी 30 अक्टूबर तक निर्माणाधीन अयोध्या रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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अयोध्या। राममंदिर की शोभा बढ़ाने वाले बंशीपहाड़पुर के पत्थर अयोध्या जंक्शन का भी स्वरूप निखारेंगे। मंदिर की तरह आकार ले रहे अयोध्या जंक्शन के मुख्य भवन में भी बंशीपहाड़पुर की शिलाओं का प्रयोग किया जाएगा। राजस्थान में भरतपुर स्थित बंशीपहाड़पुर के पत्थर अपनी मजबूती, सुंदरता और लंबी आयु के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हीं विशेषताओं के कारण राममंदिर निर्माण में भी बंशीपहाड़पुर की शिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब रेलवे भी अयोध्या जंक्शन के पुनर्निमाण में इन शिलाओं का प्रयोग करने जा रहा है। कार्यदायी संस्था राइट्स के कर्मी शिलाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में लगे हैं। राइट्स के जिम्मेदार राजस्थान का दौरा भी कर चुके हैं। पत्थरों की मात्रा को लेकर उच्चाधिकारियों के बीच विमर्श चल रहा है।
अयोध्या के रेलयात्रियों को विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर सरकार कार्य कर रही है। अयोध्या स्टेशन को सभी तीर्थों का जंक्शन बनाने की भी तैयारी है। रामघाट हाल्ट स्टेशन के पुनर्निर्माण की भी संभावना प्रबल हो गई है। इसके लिए हमने जो पत्र लिखा था उनके पत्र को एनईआर को भेज दिया गया है। अयोध्या-फैजाबाद के साथ अब शीघ्र ही रामघाट हाल्ट में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
लल्लू सिंह, सांसद, अयोध्या
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अयोध्या जंक्शन का पुनर्विकास रामनगरी के विकास से जुड़ी बड़ी योजनाओं में शामिल है। रामजन्मभूमि परिसर और अयोध्या रेलवे स्टेशन के बीच अधिक दूरी नहीं है। केंद्र सरकार की मंशा है कि रामनगरी आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर उतरते ही नगरी की दिव्यता का एहसास हो, इसलिए जंक्शन का स्वरूप मंदिर की तरह रखा गया है। राम नगरी अयोध्या को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े जाने की भी तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। जिसके लिए अयोध्या से प्रमुख तीर्थ स्थल प्रयाग, हरिद्वार, गोरखपुर, चित्रकूट, वाराणसी, मिर्जापुर के साथ रामेश्वरम सहित अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों से सीधे ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
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देश के अन्य तीर्थ स्थलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन पर उपयुक्त सुविधा दी जा सके इसके लिए भी तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही रेलवे का विस्तार भी किया जाने के लिए बोर्ड को कई अहम प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। आगामी 30 अक्टूबर तक निर्माणाधीन अयोध्या रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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अयोध्या। राममंदिर की शोभा बढ़ाने वाले बंशीपहाड़पुर के पत्थर अयोध्या जंक्शन का भी स्वरूप निखारेंगे। मंदिर की तरह आकार ले रहे अयोध्या जंक्शन के मुख्य भवन में भी बंशीपहाड़पुर की शिलाओं का प्रयोग किया जाएगा। राजस्थान में भरतपुर स्थित बंशीपहाड़पुर के पत्थर अपनी मजबूती, सुंदरता और लंबी आयु के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हीं विशेषताओं के कारण राममंदिर निर्माण में भी बंशीपहाड़पुर की शिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब रेलवे भी अयोध्या जंक्शन के पुनर्निमाण में इन शिलाओं का प्रयोग करने जा रहा है। कार्यदायी संस्था राइट्स के कर्मी शिलाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में लगे हैं। राइट्स के जिम्मेदार राजस्थान का दौरा भी कर चुके हैं। पत्थरों की मात्रा को लेकर उच्चाधिकारियों के बीच विमर्श चल रहा है।
अयोध्या के रेलयात्रियों को विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर सरकार कार्य कर रही है। अयोध्या स्टेशन को सभी तीर्थों का जंक्शन बनाने की भी तैयारी है। रामघाट हाल्ट स्टेशन के पुनर्निर्माण की भी संभावना प्रबल हो गई है। इसके लिए हमने जो पत्र लिखा था उनके पत्र को एनईआर को भेज दिया गया है। अयोध्या-फैजाबाद के साथ अब शीघ्र ही रामघाट हाल्ट में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
लल्लू सिंह, सांसद, अयोध्या