{"_id":"6022bead8ebc3e2714279ad5","slug":"ayodhya-faizabad-news-lko563964584","type":"story","status":"publish","title_hn":"धन्नीपुर मस्जिद की अंदरूनी डिजाइन में होगा बदलाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धन्नीपुर मस्जिद की अंदरूनी डिजाइन में होगा बदलाव
विज्ञापन
अयोध्या-धन्नीपुर मस्जिद का मॉडल
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। जिले के सोहावल तहसील में बनने इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की ओर से बनने वाली मस्जिद की की अंदरूनी डिजाइन में तरमीम की जाएगी। इसके सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ भवन की साइड में भी परिवर्तन किया जाएगा। इसके साथ ही भूमि का प्रकार भी बदला जाएगा। इसके साथ ही नींव की खुदाई के लिए गए सभी सैंपल भी पॉजटिव आए हैं। इसी सप्ताह में इंडो इस्लामिक कल्चलर अपना नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा कर सकता है।
इंडो इस्लामिक कल्चरल फांउडेशन ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर पेड़ लगाकर सांकेतिक नींव खुदाई का कार्य किया था। इसके साथ ही इसी दिन नींव खुदाई के लिए लखनऊ की स्वायल कंपनी ने मिट्टी के सैंपल तीन स्थानों से लिए थे। अब स्वायल टेस्टिंग की रिपोर्ट आ गई है। साथ ही दूसरी ओर फाउंडेशन के सदस्यों ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह से मुलाकात की थी। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के सामने पांच एकड़ में प्रस्तावित तीनों बिल्डिंग हॉस्पिटल, इस्लामिक कल्चरल सेंटर व मस्जिद का डिजाइन पेश किया था। इस पर विकास प्राधिकरण ने अंदर सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ब्बिल्डिंग के अंदरूनी स्वरूप में परिवर्तन करने को कहा है।
साथ ही भूमि का प्रकार बदलने का सुझाव दिया था। इसके उपरांत फाउंडेशन ने अपने डिजाइन में तरमीम का कार्य शुरू कर दिया है। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि डिजाइन तैयार करने वाली कंपनी को निर्देश दे दिए गए हैं। दो से तीन दिन में अंदरूनी तरमीम किया हुआ नक्शा मिल जाएगा। इसके बाद इसी सप्ताह के अंत तक पांच एकड़ के नक्शे को दाखिल कर दिया जाएगा। यहां से नक्शा पास होने के बाद पांच एकड़ में प्रस्तावित मस्जिद समेत तीनों इमारतों को बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
अयोध्या। जिले के सोहावल तहसील के धन्नीपुर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दी गई पांच एकड़ भूमि पर बनने वाली मस्जिद व अन्य निर्माण कार्य के गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अयोध्या को तरजीह देते हुए कैप्टन अफजाल अहमद खां को ट्रस्टी बनाया है। ट्रस्ट से सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद के ट्रस्ट में अब तक कोई भी व्यक्ति अयोध्या का नहीं था जबकि मस्जिद का निर्माण अयोध्या में हो रहा है। इसके दृष्टिगत ट्रस्ट ने अयोध्या के मुस्लिम समुदाय में गहरी पैठ रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रपति रतन से सम्मानित व्यक्ति कैप्टन अफजाल अहमद खां को स्थान दिया गया है। उन्होंने बताया है कि इससे मस्जिद बनाने में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही अयोध्या की नुमाइदगी भी होगी।
विज्ञापन
इंडो इस्लामिक कल्चरल फांउडेशन ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर पेड़ लगाकर सांकेतिक नींव खुदाई का कार्य किया था। इसके साथ ही इसी दिन नींव खुदाई के लिए लखनऊ की स्वायल कंपनी ने मिट्टी के सैंपल तीन स्थानों से लिए थे। अब स्वायल टेस्टिंग की रिपोर्ट आ गई है। साथ ही दूसरी ओर फाउंडेशन के सदस्यों ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह से मुलाकात की थी। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के सामने पांच एकड़ में प्रस्तावित तीनों बिल्डिंग हॉस्पिटल, इस्लामिक कल्चरल सेंटर व मस्जिद का डिजाइन पेश किया था। इस पर विकास प्राधिकरण ने अंदर सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ब्बिल्डिंग के अंदरूनी स्वरूप में परिवर्तन करने को कहा है।
विज्ञापन
साथ ही भूमि का प्रकार बदलने का सुझाव दिया था। इसके उपरांत फाउंडेशन ने अपने डिजाइन में तरमीम का कार्य शुरू कर दिया है। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि डिजाइन तैयार करने वाली कंपनी को निर्देश दे दिए गए हैं। दो से तीन दिन में अंदरूनी तरमीम किया हुआ नक्शा मिल जाएगा। इसके बाद इसी सप्ताह के अंत तक पांच एकड़ के नक्शे को दाखिल कर दिया जाएगा। यहां से नक्शा पास होने के बाद पांच एकड़ में प्रस्तावित मस्जिद समेत तीनों इमारतों को बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
अयोध्या। जिले के सोहावल तहसील के धन्नीपुर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दी गई पांच एकड़ भूमि पर बनने वाली मस्जिद व अन्य निर्माण कार्य के गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अयोध्या को तरजीह देते हुए कैप्टन अफजाल अहमद खां को ट्रस्टी बनाया है। ट्रस्ट से सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद के ट्रस्ट में अब तक कोई भी व्यक्ति अयोध्या का नहीं था जबकि मस्जिद का निर्माण अयोध्या में हो रहा है। इसके दृष्टिगत ट्रस्ट ने अयोध्या के मुस्लिम समुदाय में गहरी पैठ रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रपति रतन से सम्मानित व्यक्ति कैप्टन अफजाल अहमद खां को स्थान दिया गया है। उन्होंने बताया है कि इससे मस्जिद बनाने में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही अयोध्या की नुमाइदगी भी होगी।