फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ram Mandir Offering Theft: Mahipal's Testimony to Reveal Layers of the Offering Management System

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: महिपाल सिंह की गवाही खोलेगी चढ़ावे की व्यवस्था की परतें, सामने आएंगी अहम कड़ियां

Sat, 26 Sep 2026 07:50 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sat, 26 Sep 2026 07:50 PM IST
सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र समेत चार गवाहों की गवाही पर मामले की कई अहम कड़ियां टिकी हैं। महिपाल सिंह और चंपत राय की गवाही पर सबकी नजरें हैं।

विज्ञापन
Ram Mandir Offering Theft: Mahipal's Testimony to Reveal Layers of the Offering Management System
अयोध्या में चढ़ावा चोरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 36,039 पन्नों के आरोपपत्र और 133 गवाहों की सूची दाखिल होने के बाद अब गवाहों की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी होगी। इनमें ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह और तत्कालीन महासचिव चंपत राय के बयान पर विशेष नजर रहेगी। दोनों मामले के अलग-अलग चरणों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के गवाह हैं।
विज्ञापन


महिपाल सिंह जनवरी 2021 से मई 2022 तक ट्रस्ट के लेखा प्रभारी रहे थे। चढ़ावे की गणना और लेखा व्यवस्था से जुड़े होने के कारण उन्हें नकदी समेत अन्य चढ़ावे के प्रबंधन की जानकारी थी। उन्होंने चढ़ावे में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाने और ट्रस्ट पदाधिकारियों को इसकी जानकारी देने का दावा किया था। सितंबर में नई एसआईटी ने वीडियो कॉल के जरिये उनका क्रमवार बयान दर्ज किया था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अयोध्या की रामलीला: मिस यूनिवर्स माता सीता और रवि किशन निभाएंगे प्रभु राम का किरदार, 10 अक्तूबर से शुरुआत
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - राम दान की लूट: 85 बार चोरी करते दिखा अविनाश, चैट में कैश के बंडलों का जिक्र; 700 खातों में चंपत के नाम एक भी नहीं


नकदी, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा पर उठाए थे सवाल
महिपाल ने नकदी, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा से जुड़ी अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने तत्कालीन महासचिव चंपत राय समेत ट्रस्ट पदाधिकारियों को शिकायत देने की बात कही थी। अदालत में उनकी गवाही से यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि उन्होंने क्या देखा, किसे और कब सूचना दी तथा शिकायत के बाद क्या कार्रवाई हुई। हालांकि किसी बयान में नाम आने मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं होता। अभियोजन को कथनों की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों और दस्तावेजों से करनी होगी।

पहली सूचना से कार्रवाई तक का रिकॉर्ड बताएगी चंपत की गवाही
पूर्व महासचिव चंपत राय मामले में आरोपी नहीं, बल्कि अभियोजन पक्ष के गवाह हैं। आरोपपत्र में उनके खिलाफ आपराधिक संस्तुति नहीं की गई है। उनकी गवाही चोरी की घटना की पहली सूचना और उसके बाद ट्रस्ट स्तर पर हुई कार्रवाई से जुड़ी है। आरोपपत्र के अनुसार चार जून को गणना कर्मियों ने उन्हें चोरी से संबंधित वीडियो और संदेश भेजे थे। अगले दिन कारसेवकपुरम स्थित उनके आवास पर डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव समेत अन्य लोग पहुंचे और वीडियो देखे गए।

डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के बयान भी महत्वपूर्ण

डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव भी आरोपपत्र में गवाह हैं। दोनों ट्रस्ट की व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उनकी गवाही से चढ़ावा गणना की आंतरिक व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी, घटना की जानकारी मिलने तथा उसके बाद हुई कार्रवाई से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। गवाहों के बयान आरोपपत्र में दर्ज सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, दस्तावेजों और अन्य गवाहों के बयानों से किस हद तक मेल खाते हैं, यह मुकदमे में महत्वपूर्ण होगा। अंतिम निष्कर्ष अदालत साक्ष्यों और जिरह के आधार पर तय करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed