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न्यूयार्क को संवारने वाली एलइए एसोसिएट्स बनाएगी भव्य अयोध्या का प्लान
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अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रुप में विकसित करने वाली ग्लोबल कंसलटेंट टीम का चयन करते प?
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में अयोध्या को विकसित करने की शीर्ष प्राथमिकता का नया अध्याय शुरू होने वाला है। ग्लोबल कंसलटेंट एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड को सरकार ने मंगलवार को ‘भव्य अयोध्या’ का प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी। एलइए के साथ एलएंडटी व सीपी कुकरेजा कंसोर्टियम पार्टनर होगी। इन कंपनियों के पास अमेरिका के न्यूयार्क समेत आस्ट्रेलिया के कई शहरों को सजाने संवारने का अनुभव है। अब अयोध्या के 84 कोसी मार्ग तक ढांचागत व पर्यटन विकास के लिए नई योजनाएं सामने आएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई साल से अयोध्या के समन्वित विकास पर मंथन कर रहे थे। जिला प्रशासन समेत सरकार के कई विभागों और निजी एजेंसियों ने इसके लिए योजनाएं दीं, मगर कहीं न कहीं खामी के चलते भव्य अयोध्या का खाका उलझ जाता था। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने 26 दिसंबर 2020 को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) प्रकाशित किया। इसके माध्यम से ग्लोबल कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए देश समेत अन्य सभी प्रमुख देशों के मीडिया, अखबार व अन्य प्रचार माध्यमों से निविदा आमंत्रित की गई। सभी से आरएफपी के माध्यम से ‘भव्य अयोध्या’ के विकास के लिए विजन डाक्यूमेंट, इप्लिमेंटेशन स्ट्रेटजी और इंट्रीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना मांगी गई, ताकि एक ग्लोबल कंसलटेंट का चयन सुनिश्चित किया जा सके।
38 कंपनियों के 186 सुझाव आए। इसकी पड़ताल में 13 को उपयुक्त पाया गया। रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल की निविदा के माध्यम से सात ग्लोबल कंपनियों ने अयोध्या के विकास का रोडमैप तैयार करने में रुचि दिखाई। इसकी चयन प्रक्रिया करीब एक पखवाड़े से चल रही थी। जिसमें भारत व विश्व के अनेक प्रसिद्ध सलाहकार शामिल थे। 13 में से छह बिडर्स/ कंसोर्टियम मेसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरर्स, मेसर्स एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि., मेसर्स आईपीइ ग्लोबल लिमिटेड, मेसर्स मेनहार्ड्ट, मेसर्स एगिस और मेसर्स आरइपीएल आगे की चयन प्रक्रिया के लिए चयनित हुए। चयन का आधार क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड था।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि प्री क्वालीफाइड बिडर्स की तकनीकी बिड्स के परीक्षण व प्रस्तुतिकरण में शासन की ओर से प्रमुख सचिव (आवास) दीपक कुमार की अध्यक्षता में गठित बिड-इवैल्यूएशन कमिटी ने आरइपी के मानकों के अनुसार बिडर्स को अंक दिए। इसमें 70 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले तीन बिडर्स / कंसोर्टियम मेसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स, मेसर्स एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि. व मेसर्स आईपीइ ग्लोबल लिमिटेड को फाइनेंसियल बिड के लिए अर्ह पाया गया। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद्, लखनऊ के सभागार में मंगलवार को सभी अर्ह पाए गए बिडर्स / कंसोर्टियम, उनके प्रतिनिधियों व बिड-इवैल्यूएशन कमेटी की उपस्थिति में फाइनेंसियल बिड खोली गई।
उपाध्यक्ष विशाल ने बताया कि इसमें क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन के आधार पर न्यूनतम दर व तकनीकी परीक्षणों के अंकों का एक संयुक्त (कंपोजिट) अंक निकाला गया। जिसके आधार पर मेसर्स एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि. का चुनाव हुआ। इस बैठक में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू, आवास एवं विकास परिषद् के आयुक्त अजय चौहान उपस्थित थे। अयोध्या विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने अंत में बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं बिडर्स को धन्यवाद देकर बैठक का समापन किया।
अयोध्या को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक मेगा सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तीन चरणों में प्लान बनाया जाना प्रस्तावित है। पहले इसके लिए कुल 11 माह का समय निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में मुुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से इसको तीन चरणों में बांट दिया गया है। प्रथम चरण में अयोध्या के मौजूदा शहर यानी कि विकास प्राधिकरण का पुराना क्षेत्र 133 वर्ग किमी का प्लान तीन माह में तैयार कर दिया जाएगा। साथ ही इसको अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू होगी। इसके उपरांत अयोध्या विकास प्राधिकरण का नया विस्तारित क्षेत्र 768 वर्ग किमी का प्लान तैयार किया जाएगा व अंतिम चरण में अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का प्लान तैयार होगा। पूरे प्लान को बनाने में सात से आठ माह का समय लगेगा।
दरअसल अयोध्या को अध्यात्मिक मेगा सिटी के रूप में विकसित करने की इच्छा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई थी। इसमें लंबे समय तक के लिए विकास को स्थायी करने की बात कही थी। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसको अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू की थी। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण की महती भूमिका रही। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए एक प्लान तैयार किया है। इसको अमली जामा पहनाने के लिए विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम की आवश्यकता थी। इसकी अब प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। ग्लोबल कसंलटेंट टीम की मदद से बनने अयोध्या का बनने वाला प्लान अयोध्या के 500 वर्षों तक होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई साल से अयोध्या के समन्वित विकास पर मंथन कर रहे थे। जिला प्रशासन समेत सरकार के कई विभागों और निजी एजेंसियों ने इसके लिए योजनाएं दीं, मगर कहीं न कहीं खामी के चलते भव्य अयोध्या का खाका उलझ जाता था। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने 26 दिसंबर 2020 को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) प्रकाशित किया। इसके माध्यम से ग्लोबल कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए देश समेत अन्य सभी प्रमुख देशों के मीडिया, अखबार व अन्य प्रचार माध्यमों से निविदा आमंत्रित की गई। सभी से आरएफपी के माध्यम से ‘भव्य अयोध्या’ के विकास के लिए विजन डाक्यूमेंट, इप्लिमेंटेशन स्ट्रेटजी और इंट्रीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना मांगी गई, ताकि एक ग्लोबल कंसलटेंट का चयन सुनिश्चित किया जा सके।
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38 कंपनियों के 186 सुझाव आए। इसकी पड़ताल में 13 को उपयुक्त पाया गया। रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल की निविदा के माध्यम से सात ग्लोबल कंपनियों ने अयोध्या के विकास का रोडमैप तैयार करने में रुचि दिखाई। इसकी चयन प्रक्रिया करीब एक पखवाड़े से चल रही थी। जिसमें भारत व विश्व के अनेक प्रसिद्ध सलाहकार शामिल थे। 13 में से छह बिडर्स/ कंसोर्टियम मेसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरर्स, मेसर्स एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि., मेसर्स आईपीइ ग्लोबल लिमिटेड, मेसर्स मेनहार्ड्ट, मेसर्स एगिस और मेसर्स आरइपीएल आगे की चयन प्रक्रिया के लिए चयनित हुए। चयन का आधार क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड था।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि प्री क्वालीफाइड बिडर्स की तकनीकी बिड्स के परीक्षण व प्रस्तुतिकरण में शासन की ओर से प्रमुख सचिव (आवास) दीपक कुमार की अध्यक्षता में गठित बिड-इवैल्यूएशन कमिटी ने आरइपी के मानकों के अनुसार बिडर्स को अंक दिए। इसमें 70 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले तीन बिडर्स / कंसोर्टियम मेसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स, मेसर्स एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि. व मेसर्स आईपीइ ग्लोबल लिमिटेड को फाइनेंसियल बिड के लिए अर्ह पाया गया। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद्, लखनऊ के सभागार में मंगलवार को सभी अर्ह पाए गए बिडर्स / कंसोर्टियम, उनके प्रतिनिधियों व बिड-इवैल्यूएशन कमेटी की उपस्थिति में फाइनेंसियल बिड खोली गई।
उपाध्यक्ष विशाल ने बताया कि इसमें क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन के आधार पर न्यूनतम दर व तकनीकी परीक्षणों के अंकों का एक संयुक्त (कंपोजिट) अंक निकाला गया। जिसके आधार पर मेसर्स एलइए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि. का चुनाव हुआ। इस बैठक में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू, आवास एवं विकास परिषद् के आयुक्त अजय चौहान उपस्थित थे। अयोध्या विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने अंत में बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं बिडर्स को धन्यवाद देकर बैठक का समापन किया।
अयोध्या को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक मेगा सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तीन चरणों में प्लान बनाया जाना प्रस्तावित है। पहले इसके लिए कुल 11 माह का समय निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में मुुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से इसको तीन चरणों में बांट दिया गया है। प्रथम चरण में अयोध्या के मौजूदा शहर यानी कि विकास प्राधिकरण का पुराना क्षेत्र 133 वर्ग किमी का प्लान तीन माह में तैयार कर दिया जाएगा। साथ ही इसको अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू होगी। इसके उपरांत अयोध्या विकास प्राधिकरण का नया विस्तारित क्षेत्र 768 वर्ग किमी का प्लान तैयार किया जाएगा व अंतिम चरण में अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का प्लान तैयार होगा। पूरे प्लान को बनाने में सात से आठ माह का समय लगेगा।
दरअसल अयोध्या को अध्यात्मिक मेगा सिटी के रूप में विकसित करने की इच्छा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई थी। इसमें लंबे समय तक के लिए विकास को स्थायी करने की बात कही थी। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसको अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू की थी। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण की महती भूमिका रही। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए एक प्लान तैयार किया है। इसको अमली जामा पहनाने के लिए विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम की आवश्यकता थी। इसकी अब प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। ग्लोबल कसंलटेंट टीम की मदद से बनने अयोध्या का बनने वाला प्लान अयोध्या के 500 वर्षों तक होगा।