{"_id":"5f9ae15c8ebc3e9bbe713a22","slug":"ayodhya-faizabad-news-lko547632385","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरी बार कपासी पहुंची जांच टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरी बार कपासी पहुंची जांच टीम
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सोहावल। विकासखंड की ग्राम पंचायत कपासी में हुई वित्तीय अनियमितता और निर्माण में गड़बड़ी की जिला अधिकारी से हुई शिकायत पर सप्ताह में दूसरी बार जांच टीम गुरुवार को गांव पहुंची। आरोपों की जांच में पूछे गए सवालों को लेकर ग्रामीणों और प्रधान समर्थकों में खलबली मची रही। कुछ कार्यों की स्थलीय जांच के साथ टीम में आये अधिकारियों ने कैशबुक, पंजिका व अन्य विवरण पंचायत सचिव से मंगाया है, जो चार्ज न मिलने से मौके पर मौजूद नहीं मिली।
विगत 23 अक्तूबर को इन्हीं शिकायतों को लेकर खंड विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने दिन भर जांच किया, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी के संज्ञान में डाला तो नई टीम अधिशाषी अभियंता भूपेश मणि त्रिपाठी के साथ जांच के लिए पहुंची और बारीकी से पड़ताल शुरू किया। कई घंटे चली जांच में अधिकारियों ने कुछ स्थलीय मौका देखा और पत्रावलियों की निगरानी की, लेकिन मौके पर वित्तीय अभिलेख सचिव द्वारा न दिए जाने से जांच पूरी नहीं हो पाई और अभिलेखों की निगरानी अधूरी रह गयी।
जांच अधिकारी ने बताया कि गांव निवासी मनीष कुमार तिवारी व ठाकुर प्रसाद सिंह की शिकायत पर जांच की गई। स्ट्रीट लाइट व शौर्य ऊर्जा लाइट, हैंडपंप रिबोर, पंचायत भवन निर्माण व प्रशासनिक खर्च, मिट्टी पटाई, नाली निर्माण आदि में गड़बड़ी की शिकायत है। जांच पूरी करने के लिए वित्तीय अभिलेख मंगाए गए है।
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विगत 23 अक्तूबर को इन्हीं शिकायतों को लेकर खंड विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने दिन भर जांच किया, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी के संज्ञान में डाला तो नई टीम अधिशाषी अभियंता भूपेश मणि त्रिपाठी के साथ जांच के लिए पहुंची और बारीकी से पड़ताल शुरू किया। कई घंटे चली जांच में अधिकारियों ने कुछ स्थलीय मौका देखा और पत्रावलियों की निगरानी की, लेकिन मौके पर वित्तीय अभिलेख सचिव द्वारा न दिए जाने से जांच पूरी नहीं हो पाई और अभिलेखों की निगरानी अधूरी रह गयी।
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जांच अधिकारी ने बताया कि गांव निवासी मनीष कुमार तिवारी व ठाकुर प्रसाद सिंह की शिकायत पर जांच की गई। स्ट्रीट लाइट व शौर्य ऊर्जा लाइट, हैंडपंप रिबोर, पंचायत भवन निर्माण व प्रशासनिक खर्च, मिट्टी पटाई, नाली निर्माण आदि में गड़बड़ी की शिकायत है। जांच पूरी करने के लिए वित्तीय अभिलेख मंगाए गए है।
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