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रामलला के पुजारी को सौंपा पूजित कलश
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अयोध्या। श्रीरामलला के प्राकट्योत्सव के क्रम में शुक्रवार को परंपरानुसार क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में स्थापित पूजित कलश को रामलला के पुजारी को सौंपा गया। इस कलश को रामलला के मुख्य उत्सव के दौरान 29 दिसंबर को पुन: रामलला के पुजारी से वापस लेकर नौ दिवसीय रामलला के प्राकट्योत्सव का समापन होगा। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी, जो रामकोट की परिक्रमा करेगी।
रामजन्मभूमि सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान रामलला का नौ दिवसीय प्राकट्य महोत्सव मनाया जा रहा है। इसका शुभारंभ 21 दिसंबर को कलश पूजन के साथ हुआ था। समारोह के क्रम में शुक्रवार को अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर व मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल की अनुमति के बाद परंपरानुसार समिति पदाधिकारियों ने पूजित कलश रामलला के पुजारी को सौंपा गया।
दो दिन के लिए ये कलश प्रशासन व रिसीवर की अनुमति के अनुसार अधिग्रहीत परिसर में रखा जाता है। समिति के महामंत्री रामप्रसाद मिश्र ने बताया कि 29 दिसंबर को कलश वापस लाकर क्षीरेश्वरनाथ मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो रामकोट की परिक्रमा करेगी। रामप्रसाद ने कहा कि हमारी मांग है कि जिस तरह 1949 से गर्भगृह में भगवान रामलला का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता रहा है उसी तरह से हमेें पूजन व प्राकट्य उत्सव मनाने का अधिकार दिया जाए।
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रामजन्मभूमि सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान रामलला का नौ दिवसीय प्राकट्य महोत्सव मनाया जा रहा है। इसका शुभारंभ 21 दिसंबर को कलश पूजन के साथ हुआ था। समारोह के क्रम में शुक्रवार को अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर व मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल की अनुमति के बाद परंपरानुसार समिति पदाधिकारियों ने पूजित कलश रामलला के पुजारी को सौंपा गया।
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दो दिन के लिए ये कलश प्रशासन व रिसीवर की अनुमति के अनुसार अधिग्रहीत परिसर में रखा जाता है। समिति के महामंत्री रामप्रसाद मिश्र ने बताया कि 29 दिसंबर को कलश वापस लाकर क्षीरेश्वरनाथ मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो रामकोट की परिक्रमा करेगी। रामप्रसाद ने कहा कि हमारी मांग है कि जिस तरह 1949 से गर्भगृह में भगवान रामलला का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता रहा है उसी तरह से हमेें पूजन व प्राकट्य उत्सव मनाने का अधिकार दिया जाए।
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