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अवध विश्वविद्यालय का पेपर फिर हुआ लीक

Mon, 10 Apr 2017 11:10 PM IST
फैजाबाद
फैजाबाद Updated Mon, 10 Apr 2017 11:10 PM IST
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Awadh University paper again leaked
सोशल मीडिया पर वायरल हुई आउट हुए पेपर की हस्तलिखित प्रति। - फोटो : अमर उजाला
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का पेपर सोमवार को एक बार फिर लीक हो गया। बीएससी द्वितीय वर्ष के रसायन विज्ञान के  तृतीय प्रश्नपत्र फिजिकल केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र आउट हो गया। सोमवार को दूसरी पाली में हुई इस परीक्षा का पेपर रविवार की रात को दो-दो सौ रुपये में बिकने लगा।
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रात में ही शिकायतकर्ता ओम प्रकाश सिंह ने लीक पेपर को सीएम योगी को मेल करके शिकायत दर्ज कराई, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी लीक पेपर से सोमवार को परीक्षा करा दी। उधर सुल्तानपुर से खबर है कि छात्र-छात्राओं के मोबाइल पर पहुंचे इन हस्तलिखित प्रश्नपत्रों को 1500 से 3000 रुपये लेकर दूसरे नंबरों पर ट्रांसफर किया गया है। पेपर लीक होने के मामले में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. वीपी सिंह ने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत दर्ज कराई है।
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फैजाबाद में शिकायतकर्ता ओेम प्रकाश सिंह का आरोप है कि बीएससी द्वितीय वर्ष रसायन विज्ञान का तृतीय प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही रात को बाजार में बिकने लगा। जो पेपर हमने रविवार की रात 10 बजे सीएम को मेल के जरिए भेजा था, सोमवार को हूबहू वही पेपर आ गया।
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इसके बाद भी परीक्षाएं कराई गईं। शिकायतकर्ता ने हस्तलिखित जो कापी सीएम को फैक्स की है, उस कॉपी से द्वितीय बेला में आए प्रश्नपत्र से मिलान किया गया तो दोनों में काफी समरूपता दिखी। फिजिकल केमेस्ट्री के प्रश्नपत्र में से ज्यादातर प्रश्न सीएम को भेजे गए फैक्स से मेल कर रहे है। 

गौरतलब है कि 10 दिन पहले भी अवध विश्वविद्यालय का प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इसकी शिकायत अधिवक्ता शीलेंद्र प्रताप सिंह ने परीक्षा शुरू होने के पहले ही राजभवन को की थी लेकिन विवि प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहा।

उसी लीक पेपर से एग्जाम कराने के बाद शाम को कोतवाली नगर में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच समिति बना दी थी लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई।


परीक्षा नियंत्रक एसएस पाल तथा मीडिया प्रभारी डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन दोनों का फोन नहीं उठा जबकि कुलपति प्रो. गुलाब चंद्र राम जायसवाल का मोबाइल स्विच ऑफ रहा।
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