{"_id":"57c3246b4f1c1b0d72d4f644","slug":"atul-maheshwari-scholarship","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति से मिली उड़ान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति से मिली उड़ान
फैजाबाद
Updated Sun, 28 Aug 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
फैजाबाद में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति पाने वाले अंकित कसौधन अपने परिवार के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइकिल से फेरी लगाकर टॉफी बेचने वाले गुलाबचंद्र के बेटे अंकित को अब लग रहा है कि उसका सपना साकार हो जाएगा। मेधावी अंकित की आंखों में बाबा मनोहरलाल का सपना तैर रहा है। सपना बड़ा था, इसलिए उसी स्तर की साधना की भी जरूरत है।
परिश्रम में तो कोई कोर-कसर नहीं लेकिन आर्थिक दुश्वारियां उसके सामने चुनौती का पहाड़ खड़ा किए हुए थी। अतुल महेश्वरी छात्रवृत्ति मिली तो उसके सपनों में जान आ गई। वजीफा में मिले 50 हजार रुपये ऐन वक्त पर प्रयोग करने के लिए बैंक में रख दिए है।
रामपुरभगन निवासी गुलाबचंद्र कसौधन का छोटा बेटा अंकित कसौधन आईएएस बनकर बाबा मनोहरलाल का सपना पूरा करना चाहता है। गुलाबचंद्र कसौधन के लिए होनहार बेटे का यह सपना पूरा करना पहाड़ लग रहा था।
विज्ञापन
लेकिन बेटे ने सपने को पूरा करने के लिए अमर उजाला की तरफ से मिली छात्रवृत्ति को सहेज कर बैंक में जमा कर दिया है। अंकित ने बताया कि 12वीं के बाद इस पैसे से आईआईटी में प्रवेश लेकर आईएएस परीक्षा की तैयारी करुंगा। अब आर्थिक दुश्वारियां रोड़ा नहीं बनेंगी।
विज्ञापन
परिश्रम में तो कोई कोर-कसर नहीं लेकिन आर्थिक दुश्वारियां उसके सामने चुनौती का पहाड़ खड़ा किए हुए थी। अतुल महेश्वरी छात्रवृत्ति मिली तो उसके सपनों में जान आ गई। वजीफा में मिले 50 हजार रुपये ऐन वक्त पर प्रयोग करने के लिए बैंक में रख दिए है।
विज्ञापन
रामपुरभगन निवासी गुलाबचंद्र कसौधन का छोटा बेटा अंकित कसौधन आईएएस बनकर बाबा मनोहरलाल का सपना पूरा करना चाहता है। गुलाबचंद्र कसौधन के लिए होनहार बेटे का यह सपना पूरा करना पहाड़ लग रहा था।
विज्ञापन
लेकिन बेटे ने सपने को पूरा करने के लिए अमर उजाला की तरफ से मिली छात्रवृत्ति को सहेज कर बैंक में जमा कर दिया है। अंकित ने बताया कि 12वीं के बाद इस पैसे से आईआईटी में प्रवेश लेकर आईएएस परीक्षा की तैयारी करुंगा। अब आर्थिक दुश्वारियां रोड़ा नहीं बनेंगी।