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हुनर पैदा करिए, रोजगार खुद-ब-खुद देगा दस्तक

Fri, 18 Oct 2019 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2019 11:15 PM IST
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में शिक्षक व छात्राएं। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत शहर के राजकीय पॉलीटेक्निक गर्ल्स कॉलेज में शुक्रवार को कॅरिअर काउंसलिंग कार्यशाला हुई।
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इस दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं में कॅरिअर के प्रति उत्साह भरा, कहा कि तकनीकि शिक्षा की पूरे विश्व में मांग है। आपके लिए रोजगार की कमी कभी नहीं होगी। यही नहीं आप अपनी शिक्षा के बल पर हुनरवान बनिए तो खुद-ब-खुद अपना रोजगार खड़ा करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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एक्सपर्ट के रूप में उपनिदेशक सेवायोजन एमके श्रीवास्तव, मनोचिकित्सक डॉ.आलोक मनदर्शन, फोर सी के डायरेक्टर गौरव दीक्षित, एकेडमिक सुरूर फातिमा, कॉलेज के प्राचार्य एचके दीक्षित, क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के राकेश मौर्या ने कॅरिअर संबंधी सवालों का समाधान भी किया।
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रोजगार जगत की मांग के अनुरूप खुद को ढालना होगा
मंडलीय रोजगार एवं सेवायोजन कार्यालय के उपनिदेशक एमके श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान युग तनाव का युग है, सकारात्मक ऊर्जा का प्रयोग करना होगा। परंपरागत रोजगार जगत पूरी तरह से बदल गया है। पब्लिक सेक्टर में रोजगार घटा है। प्राइवेट सेक्टर में बढ़ा है। आवश्यकता है समय की मांग को पहचानने की। अपने अंदर हुनर पैदा करें। रोजगार जगत की मांग के अनुरूप खुद को ढालना होगा।
सफलता के लिए टारगेट सेट करने की जरूरत
फोर सी के निदेशक गौरव दीक्षित ने कहा कि पॉलीटेक्निक में सबसे ज्यादा रोजगार के स्कोप हैं। सफलता प्राप्त करने के लिए जीवन में टारगेट निर्धारित करने की जरूरत है। शॉर्ट कट मत अपनाइए। अपने काम पर फोकस करिए। उन्होंने सत्यमेव जयते का जिक्र करते हुए कहा कि सत्य पर विश्वास करिए, क्योंकि सत्य ही जीतता है।
तनाव से निपटने का गुर सीखना होगा
मनोचिकित्सक डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि तनाव जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इस तनाव से निपटने का गुर सीखना होगा। हमें अपनी ताकत व कमजोरी दोनों को पहचाने की जरूरत है। मानसिक रूप से आज स्वस्थ हो जाएंगे तो आपको कोई हरा नहीं पाएगा। हम अक्सर स्थिति और परिस्थिति से हार जाते हैं। इसी से निपटना आवश्यक है।
शिक्षित बनने के साथ कौशल विकास भी जरूरी
फोर सी की एकेडमिक हेड सुरूर फातिमा ने कहा कि अपराजिता एक प्लेटफार्म है, जहां आपको अपने अधिकारों के बारे में बताया जाता है। हमें अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी ज्ञान होना चाहिए। शिक्षित बनने के साथ-साथ कौशल विकास भी जरूरी है। अपने अंदर की क्वालिटी के विकास का प्रयास करने की आवश्यकता है। अपनी ताकत पहचानें और उसको बढ़ाने का प्रयास करें।

असफलता से घबराने की जरूरत नहीं
राजकीय पॉलीटेक्निक के प्राचार्य एचके दीक्षित ने कहा कि असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है। असफलता ही सफलता के रास्ते खोलती है। अपने द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए तब तक नहीं रुकना चाहिए, जब तक लक्ष्य न मिल जाए।
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