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सरयू की रेती पर दिखा मगरमच्छ, दहशत
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अयोध्या शुक्रवार को दिनकर पुर के पास सरयू की रेती पर बैठा मगरमच्छ।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। सोहावल दिनकरपुर के पास शुक्रवार सुबह सरयू की रेती पर मगरमच्छ दिखाई पड़ने से ग्रामीणों में दहशत है। प्रतिदिन नदी के पार जाकर जानवरों का चारा इकट्ठा करने के साथ मांझा क्षेत्र में खेती-बाड़ी करने वालों में डर समा गया है। नदी के किनारे जानवरों को चराना भी खतरे की घंटी माना जा रहा है।
लगभग छह महीने पहले ढेमवा पुल के पार बालू की रेती पर तीन मगरमच्छ दिखाई पड़े थे, जिन्हें ग्रामीणों ने कई दिनों तक आसपास के रेतीले क्षेत्रों में घूमते देखा था। बॉर्डर के आसपास के दर्जनों गांव के किनारे सरयू की तलहटी को खतरे की घंटी मानकर ग्रामीणों ने नदी के किनारे जाना छोड़ दिया था।
आरोप है कि दिखाई पड़े तीनों मगरमच्छों ने नदी में पानी पीने आने वाले कई पशुओं के बच्चों को निवाला बना लिया था। वन विभाग को मिली जानकारी के बावजूद विभागीय कर्मियों ने यह कहकर अनदेखी कर दी कि बरसात में बाढ़ के कारण यह मगरमच्छ बहकर आ गए हैं, जो कुछ दिन बाद आगे निकल जाएंगे।
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क्षेत्रीय वनकर्मी तुंगनाथ सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिली है। यह मगरमच्छ का प्रजनन समय है, जिसके लिए पानी से निकलकर रेती पर आ रहे हैं। यह स्वत: पानी के रास्ते निकल जाएंगे। लेकिन छेड़खानी महंगी पड़ सकती है।
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लगभग छह महीने पहले ढेमवा पुल के पार बालू की रेती पर तीन मगरमच्छ दिखाई पड़े थे, जिन्हें ग्रामीणों ने कई दिनों तक आसपास के रेतीले क्षेत्रों में घूमते देखा था। बॉर्डर के आसपास के दर्जनों गांव के किनारे सरयू की तलहटी को खतरे की घंटी मानकर ग्रामीणों ने नदी के किनारे जाना छोड़ दिया था।
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आरोप है कि दिखाई पड़े तीनों मगरमच्छों ने नदी में पानी पीने आने वाले कई पशुओं के बच्चों को निवाला बना लिया था। वन विभाग को मिली जानकारी के बावजूद विभागीय कर्मियों ने यह कहकर अनदेखी कर दी कि बरसात में बाढ़ के कारण यह मगरमच्छ बहकर आ गए हैं, जो कुछ दिन बाद आगे निकल जाएंगे।
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क्षेत्रीय वनकर्मी तुंगनाथ सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिली है। यह मगरमच्छ का प्रजनन समय है, जिसके लिए पानी से निकलकर रेती पर आ रहे हैं। यह स्वत: पानी के रास्ते निकल जाएंगे। लेकिन छेड़खानी महंगी पड़ सकती है।