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एबुंलेंसकर्मी हड़ताल पर, आफत में मरीजों की जान
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अयोध्या। जिले के 102, 108 व एएलएस एबुंलेंस कर्मचारियों ने रविवार मध्य रात्रि से ही चक्का जाम कर दिया। विकास खंड पूराबाजार के सूर्यकुंड मंदिर के प्रांगण में सभी एंबुलेंस खड़ी करके कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए।
एकाएक एबुंलेंस सेवाएं ठप होने से मरीजों का बुरा हाल रहा। किसी तरह व्यवस्था करके लोग अस्पताल पहुंचे भी तो विलंब से इलाज शुरू होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिले में मरीजों को समय इलाज मुहैया कराने के मकसद से 108 की 29, 102 की 30 व चार एएलएस एबुंलेंस जिले में संचालित हैं। इन पर करीब 150 पायलट व इतने ही ईएमटी कार्य करते हैं। प्रत्येक 108 एबुंलेंस से प्रतिदिन करीब चार-पांच व 102 एबुंलेंस से करीब 10-15 मरीजों को सेवाएं प्रदान की जाती थीं।
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इधर, 23 जुलाई से जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एबुंलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के 108, 102 एबुंलेंस कर्मचारी दर्शननगर स्थित पौराणिक स्थल सूर्यकुंड पर मांगों के निस्तारण के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और मांगें पूरी न होने की दशा में सोमवार से बेमियादी हड़ताल का एलान किया था।
इसी क्रम में रविवार तक मांगों का निस्तारण न होने के कारण सभी एंबुलेंस कर्मियों ने रविवार मध्य रात्रि में सभी एबुंलेंस सूर्यकुंड परिसर में लाकर खड़ी कर दीं और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए।
एकाएक सेवाएं बाधित होने से जिले में हाहाकार मच गया। दूर-दराज से गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में पीड़ित लोगों व अन्य जरूरतमंदों को सेवाएं नहीं मिल सकीं। किसी तरह निजी व्यवस्थाएं करके लोग अस्पताल तक पहुंच सके।
समय पर इलाज न मिलने की वजह से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर, सूर्यकुंड परिसर में हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस कर्मचारियों ने व्यवस्था के खिलाफ भड़ास निकाली।
संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि हमारे कर्मचारी साथियों ने कोरोना संक्रमण जैसी महामारी में अपने जान की परवाह न मरीजों को राहत पहुंचाने का कार्य किया। लेकिन ठेका सिस्टम के जरिए हम लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
एएलएस कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी अंकित कुमार पांडेय ने बताया कि हम लोग मरीजों की सेवा करने के लिए भर्ती हुए हैं, उन्हें तकलीफ नहीं देना चाहते हैं। लेकिन बार-बार हम लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
इस मौके पर उपाध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रहरि, जिला महामंत्री पवन कुमार नंद, कोषाध्यक्ष अखिलेश कुमार, अनिल, विपिन कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
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एकाएक एबुंलेंस सेवाएं ठप होने से मरीजों का बुरा हाल रहा। किसी तरह व्यवस्था करके लोग अस्पताल पहुंचे भी तो विलंब से इलाज शुरू होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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जिले में मरीजों को समय इलाज मुहैया कराने के मकसद से 108 की 29, 102 की 30 व चार एएलएस एबुंलेंस जिले में संचालित हैं। इन पर करीब 150 पायलट व इतने ही ईएमटी कार्य करते हैं। प्रत्येक 108 एबुंलेंस से प्रतिदिन करीब चार-पांच व 102 एबुंलेंस से करीब 10-15 मरीजों को सेवाएं प्रदान की जाती थीं।
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इधर, 23 जुलाई से जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एबुंलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के 108, 102 एबुंलेंस कर्मचारी दर्शननगर स्थित पौराणिक स्थल सूर्यकुंड पर मांगों के निस्तारण के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और मांगें पूरी न होने की दशा में सोमवार से बेमियादी हड़ताल का एलान किया था।
इसी क्रम में रविवार तक मांगों का निस्तारण न होने के कारण सभी एंबुलेंस कर्मियों ने रविवार मध्य रात्रि में सभी एबुंलेंस सूर्यकुंड परिसर में लाकर खड़ी कर दीं और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए।
एकाएक सेवाएं बाधित होने से जिले में हाहाकार मच गया। दूर-दराज से गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में पीड़ित लोगों व अन्य जरूरतमंदों को सेवाएं नहीं मिल सकीं। किसी तरह निजी व्यवस्थाएं करके लोग अस्पताल तक पहुंच सके।
समय पर इलाज न मिलने की वजह से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर, सूर्यकुंड परिसर में हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस कर्मचारियों ने व्यवस्था के खिलाफ भड़ास निकाली।
संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि हमारे कर्मचारी साथियों ने कोरोना संक्रमण जैसी महामारी में अपने जान की परवाह न मरीजों को राहत पहुंचाने का कार्य किया। लेकिन ठेका सिस्टम के जरिए हम लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
एएलएस कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी अंकित कुमार पांडेय ने बताया कि हम लोग मरीजों की सेवा करने के लिए भर्ती हुए हैं, उन्हें तकलीफ नहीं देना चाहते हैं। लेकिन बार-बार हम लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
इस मौके पर उपाध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रहरि, जिला महामंत्री पवन कुमार नंद, कोषाध्यक्ष अखिलेश कुमार, अनिल, विपिन कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।