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सरयू से लेकर मंदिर तक भक्तों की कतार दे रही अमन का पैगाम
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सुरक्षा में तैनात आरएएफ के जवान।
- फोटो : FAIZABAD
सीन-1
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना...
अयोध्या मामले में फैसला की आशंकाओं के बीच सद्भाव एवं भाईचारे का रंग भी गाढ़ा होता दिख रहा है। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे अशर्फी भवन चौराहे पर करीब आधा दर्जन हिंदू-मुस्लिम साधु-संत एक साथ बैठकर चाय पीते मिले। यहां राममंदिर का जिक्र नहीं हो रहा था।
इस विषय को उठाने पर पहलवान घनश्यामदास ने मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना...की पंक्ति सुनाते हुए कहा कि भाईचारा तो यहां हमेशा कायम रहा है। हम आश्वस्त करते हैं कि फैसला आने के बाद भी भाईचारा कायम रहेगा। काशिफ शेख चौधरी चाय पीते हुए बोले की हमारे सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल तो दूर-दूर तक दी जाती है। हमें कोई डर नहीं है, हिंदू भाई हमेशा हमारे साथ रहे हैं।
मुल्लन मियां भी अयोध्या मामले में फैसले को लेकर तनावमुक्त नजर आए। आचार्य हरीश, पहलवान मेवाराम, रामगोपाल वर्मा, शशी प्रताप व जुनैद सभी ने कहा कि अयोध्या का सद्भाव किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
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सीन-2
सरयू तट पर स्नान-दान का दिखा उल्लास
हनुमानगढ़ी से लेकर सरयू तट तक शनिवार को गुलजार नजर आया। हनुमानगढ़ी, कनकभवन में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की सुबह से लेकर शाम तक कतार लगी रही।
सब्जीमंडी मार्ग पर छठ पूजा की खरीदारी के लिए काफी भीड़ उमड़ी थी। सरयू स्नान घाट पर आरएएफ के जवान भी संगीने ताने कलकल प्रवाहित हो रही सरयू को निहार रहे थे।
यहां स्नान-दान का उल्लास नजर आ रहा था। यहीं से गुजर रहे बाराबंकी के अमनदीप मिश्र ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर के फैसले का हम सभी को बेसब्री से इंतजार है लेकिन जितनी अफवाहें अयोध्या को लेकर बाहर हैं यहां आने पर तो सब कुछ सामान्य नजर आता है। कहीं कोई खौफ नहीं है। पंडा ओमप्रकाश पांडेय कहते हैं कि घाटों पर अच्छी खासी भीड़ आ रही है, कहां तनाव है, हमें तो नहीं नजर आता। देखिएगा फैसला आने के बाद भी अयोध्या में शांति, सद्भाव कायम रहेगा।
अयोध्या। अयोध्या मामले में आने वाले फैसले की आशंकाओं के बीच रामनगरी में सब कुछ सामान्य दिख रहा है। यहां घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक घंटे-घड़ियाल और हरिकीर्तन-प्रवचन का रस घुला हुआ है।
दर्शन-पूजन को आए भक्त भी रामधुन में लीन हैं, न कहीं उन्हें खौफ नजर आ रहा है और न ही तनाव। मस्जिदों में अजान और जुमे की नमाज में लोगों की शिरकत भी यह साबित कर रही है कि अयोध्या अपने मिजाज के अनुरूप चली जा रही है। दिन ब दिन बढ़ते सुरक्षा प्रबंधों और फोर्स के रूट मार्च और अफसरों की तैयारी का कोई असर आम जिंदगी पर नहीं है।
स्कूल-कॉलेज खुले हैं, हर तरफ चहल-पहल है तो सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों तक भक्तों की कतार अयोध्या से अमन का पैगाम दे रही है। अयोध्यावासी कार्तिक मेले की तैयारी में जुटे हैं तो उन्हें फैसले का भी इंतजार है।
रामनगरी में शनिवार को सब कुछ सामान्य दिखा। पग-पग पर हलचल नजर आई। वहीं दूसरी तरफ व्यापारी वर्ग को इस समय बात करने की फुसरत नहीं है। व्यापारी कहते हैं कि मेला शुरू होने में अब महज दो दिन का समय बचा है।
4 नवंबर से ही रामनगरी में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाएगा क्योंकि 5 नवंबर से कार्तिक परिक्रमा मेला शुरू होने जा रहा है। लाखों श्रद्धालु अयोध्या आते हैं हमें फैसले का इंतजार तो है ही लेकिन उससे पहले रोजी रोटी की व्यवस्था मुकम्मल करना भी जरूरी है। मेला, त्योहार ही हमारा रोजगार है।
अयोध्या ने बहुत बंदिशें झेली हैं। हमें उम्मीद है कि यह अंतिम बाधा होगी इसके बाद रामनगरी को ही नहीं बल्कि रामलला को भी बंदिशों से मुक्ति मिली जाएगी। शनिवार को छठ पर्व के चलते सरयू घाट एवं मठ-मंदिर भी गुलजार नजर आए। रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला से लेकर कारसेवकपुरम तक बड़ी संख्या में दूरदराज से पहुंच रहे श्रद्धालुओं में मंदिर निर्माण की तैयारी जानने की उत्सुकता नजर आ रही है।
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मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना...
अयोध्या मामले में फैसला की आशंकाओं के बीच सद्भाव एवं भाईचारे का रंग भी गाढ़ा होता दिख रहा है। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे अशर्फी भवन चौराहे पर करीब आधा दर्जन हिंदू-मुस्लिम साधु-संत एक साथ बैठकर चाय पीते मिले। यहां राममंदिर का जिक्र नहीं हो रहा था।
इस विषय को उठाने पर पहलवान घनश्यामदास ने मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना...की पंक्ति सुनाते हुए कहा कि भाईचारा तो यहां हमेशा कायम रहा है। हम आश्वस्त करते हैं कि फैसला आने के बाद भी भाईचारा कायम रहेगा। काशिफ शेख चौधरी चाय पीते हुए बोले की हमारे सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल तो दूर-दूर तक दी जाती है। हमें कोई डर नहीं है, हिंदू भाई हमेशा हमारे साथ रहे हैं।
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मुल्लन मियां भी अयोध्या मामले में फैसले को लेकर तनावमुक्त नजर आए। आचार्य हरीश, पहलवान मेवाराम, रामगोपाल वर्मा, शशी प्रताप व जुनैद सभी ने कहा कि अयोध्या का सद्भाव किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
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सीन-2
सरयू तट पर स्नान-दान का दिखा उल्लास
हनुमानगढ़ी से लेकर सरयू तट तक शनिवार को गुलजार नजर आया। हनुमानगढ़ी, कनकभवन में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की सुबह से लेकर शाम तक कतार लगी रही।
सब्जीमंडी मार्ग पर छठ पूजा की खरीदारी के लिए काफी भीड़ उमड़ी थी। सरयू स्नान घाट पर आरएएफ के जवान भी संगीने ताने कलकल प्रवाहित हो रही सरयू को निहार रहे थे।
यहां स्नान-दान का उल्लास नजर आ रहा था। यहीं से गुजर रहे बाराबंकी के अमनदीप मिश्र ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर के फैसले का हम सभी को बेसब्री से इंतजार है लेकिन जितनी अफवाहें अयोध्या को लेकर बाहर हैं यहां आने पर तो सब कुछ सामान्य नजर आता है। कहीं कोई खौफ नहीं है। पंडा ओमप्रकाश पांडेय कहते हैं कि घाटों पर अच्छी खासी भीड़ आ रही है, कहां तनाव है, हमें तो नहीं नजर आता। देखिएगा फैसला आने के बाद भी अयोध्या में शांति, सद्भाव कायम रहेगा।
अयोध्या। अयोध्या मामले में आने वाले फैसले की आशंकाओं के बीच रामनगरी में सब कुछ सामान्य दिख रहा है। यहां घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक घंटे-घड़ियाल और हरिकीर्तन-प्रवचन का रस घुला हुआ है।
दर्शन-पूजन को आए भक्त भी रामधुन में लीन हैं, न कहीं उन्हें खौफ नजर आ रहा है और न ही तनाव। मस्जिदों में अजान और जुमे की नमाज में लोगों की शिरकत भी यह साबित कर रही है कि अयोध्या अपने मिजाज के अनुरूप चली जा रही है। दिन ब दिन बढ़ते सुरक्षा प्रबंधों और फोर्स के रूट मार्च और अफसरों की तैयारी का कोई असर आम जिंदगी पर नहीं है।
स्कूल-कॉलेज खुले हैं, हर तरफ चहल-पहल है तो सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों तक भक्तों की कतार अयोध्या से अमन का पैगाम दे रही है। अयोध्यावासी कार्तिक मेले की तैयारी में जुटे हैं तो उन्हें फैसले का भी इंतजार है।
रामनगरी में शनिवार को सब कुछ सामान्य दिखा। पग-पग पर हलचल नजर आई। वहीं दूसरी तरफ व्यापारी वर्ग को इस समय बात करने की फुसरत नहीं है। व्यापारी कहते हैं कि मेला शुरू होने में अब महज दो दिन का समय बचा है।
4 नवंबर से ही रामनगरी में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाएगा क्योंकि 5 नवंबर से कार्तिक परिक्रमा मेला शुरू होने जा रहा है। लाखों श्रद्धालु अयोध्या आते हैं हमें फैसले का इंतजार तो है ही लेकिन उससे पहले रोजी रोटी की व्यवस्था मुकम्मल करना भी जरूरी है। मेला, त्योहार ही हमारा रोजगार है।
अयोध्या ने बहुत बंदिशें झेली हैं। हमें उम्मीद है कि यह अंतिम बाधा होगी इसके बाद रामनगरी को ही नहीं बल्कि रामलला को भी बंदिशों से मुक्ति मिली जाएगी। शनिवार को छठ पर्व के चलते सरयू घाट एवं मठ-मंदिर भी गुलजार नजर आए। रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला से लेकर कारसेवकपुरम तक बड़ी संख्या में दूरदराज से पहुंच रहे श्रद्धालुओं में मंदिर निर्माण की तैयारी जानने की उत्सुकता नजर आ रही है।