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यूपी में ओवैसी: अतीक अहमद की पत्नी एआईएमआईएम में शामिल, भागवत के डीएनए वाले बयान पर किया पलटवार
Tue, 07 Sep 2021 01:35 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 07 Sep 2021 01:35 PM IST
सार
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे की शुरूआत करने के लिए मंगलवार को अयोध्या पहुंचने वाले हैं।
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शाइस्ता परवीन- असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे की शुरूआत करने के लिए मंगलवार को अयोध्या पहुंचने वाले हैं। हालांकि संतों सहित पूर्व मुस्लिम पक्षकार ने भी ओवैसी के दौरे पर रोक लगाने की मांग उठाई थी, लेकिन अयोध्या से पहले लखनऊ में हुई प्रेस वार्ता में ओवैसी ने चुनाव को लेकर अपने तल्ख तेवर दिखाए।
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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की हालत बदतर है। इस बार हम 100 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हमने 60 साल से सबको जिताया, अब हम जीतेंगे। हम चुनाव लड़ रहे हैं तो दूसरी पार्टियों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है। हम जरूर चुनाव लड़ेंगे किसी के गुलाम नहीं हैं।
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अतीक अहमद की पत्नी ने ग्रहण की सदस्यता
ओवौसी के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन अयोध्या में ही बाहुबली व पूर्व सांसद अतीक अहमद का परिवार एआईएमआईएम में शामिल हो गया। अतीक अहमद की पत्नी ने ओवैसी के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान अतीक की पत्नी शाइस्ता प्रवीन ने कहा कि ओवैसी दलित, मुसलमान के बीच के काम करते हैं। ओवैसी ने कहा कि हम यह चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में हर समाज हर बिरादरी के लोग हैं। उसी तरह प्रदेश में मुस्लिम का भी नाम हो। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान 50000 लोग बेघर हुए उस समय समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेताओं को उनकी याद क्यों नहीं आई।
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भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य: ओवैसी
चुनाव से इतर ओवैसी ने तालीबान के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार बताए क्या तालिबान आतंकी संगठन है या नहीं। अफगानिस्तान में जो हुआ वो भारत के लिए ठीक नहीं है।
ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य है। यूपी में अब हमारा संगठन मजबूत है। हालात पहले से बदल गए हैं। वहीं, हिंदुओं को टिकट देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कि हम उन्हें टिकट क्यों नहीं देंगे वो भी हमारे भाई हैं।
मोहन भागवत के बयान पर किया पलटवारWe will fight the elections and win. The muslims of Uttar Pradesh will win: AIMIM's Asaduddin Owaisi in Lucknow ahead of 2022 UP elections pic.twitter.com/thFhkkSraP
— ANI UP (@ANINewsUP) September 7, 2021
संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा दिए गए बयान पर भी असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हमारा डीएनए टेस्ट करवा लें, हम तैयार हैं। लेकिन आप सभी को भी कराना होगा। ये भी नौबत अब आ गई है। ये लोग भारत के संविधान को नहीं मानेंगे, लेकिन डीएनए टेस्ट करवाएंगे। आरएसएस वाले इतिहास में कमजोर होते हैं।
पोस्टरों पर लिखा 'फैजाबाद'
ओवैसी का आज अयोध्या जिले में आने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन इस दौरे को लेकर लगाए गए एआईएमआईएम के पोस्टरों में जिले का नाम अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखा गया है। संतों ने इस पर भी गंभीर आपत्ति जताई है।
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने ओवैसी के पोस्टर पर सवाल उठाया। कहा कि फैजाबाद का नाम सरकारी अभिलेख में अयोध्या हो गया है तो पोस्टर पर फैजाबाद का नाम क्यों दिखाया जा रहा है। यदि अयोध्या नाम से ओवैसी को इतनी चिढ़ है तो यहां आने की क्या जरूरत। इस विचारधारा की संत समाज निंदा करता है।
वहीं, एसडीएम विपिन सिंह ने ओवैसी के कार्यकर्ता सम्मेलन को सशर्त इजाजत दी है। ओवैसी सूफी संत शेख मखदूम अब्दुल हक की दरगाह में जियारत कर जनपद अयोध्या के रुदौली विधानसभा से चुनाव की शुरूआत करेंगे।
ओवैसी का दौरा उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब बैनर पोस्टरों में अयोध्या के बजाय फैजाबाद लिखा जाने लगा। इस पर हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य तो रुदौली आ गए और प्रशासन पर अनुमति न देने का दबाव बनाने लगे। एसडीएम ने रविवार देर शाम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की शर्त पर कार्यकर्ता सम्मेलन में 50 व्यक्तियों की अनुमति दी। अनुमति मिलने के बाद औवेसी के कार्यक्रम में बदलाव भी किया गया है।
मुस्लिम समाज के लोग ओवैसी से सावधान रहें: इकबाल अंसारी
पूर्व मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी ओवैसी के अयोध्या दौरे का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग ओवैसी से सावधान रहें। ओवैसी को उत्तर प्रदेश नहीं आना चाहिए था, वह हैदराबाद के हैं वहीं की राजनीति करें। यूपी में आकर मुसलमानों के नाम पर अपना हित मत साधे।
ओवैसी का आज अयोध्या जिले में आने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन इस दौरे को लेकर लगाए गए एआईएमआईएम के पोस्टरों में जिले का नाम अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखा गया है। संतों ने इस पर भी गंभीर आपत्ति जताई है।
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने ओवैसी के पोस्टर पर सवाल उठाया। कहा कि फैजाबाद का नाम सरकारी अभिलेख में अयोध्या हो गया है तो पोस्टर पर फैजाबाद का नाम क्यों दिखाया जा रहा है। यदि अयोध्या नाम से ओवैसी को इतनी चिढ़ है तो यहां आने की क्या जरूरत। इस विचारधारा की संत समाज निंदा करता है।
वहीं, एसडीएम विपिन सिंह ने ओवैसी के कार्यकर्ता सम्मेलन को सशर्त इजाजत दी है। ओवैसी सूफी संत शेख मखदूम अब्दुल हक की दरगाह में जियारत कर जनपद अयोध्या के रुदौली विधानसभा से चुनाव की शुरूआत करेंगे।
ओवैसी का दौरा उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब बैनर पोस्टरों में अयोध्या के बजाय फैजाबाद लिखा जाने लगा। इस पर हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य तो रुदौली आ गए और प्रशासन पर अनुमति न देने का दबाव बनाने लगे। एसडीएम ने रविवार देर शाम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की शर्त पर कार्यकर्ता सम्मेलन में 50 व्यक्तियों की अनुमति दी। अनुमति मिलने के बाद औवेसी के कार्यक्रम में बदलाव भी किया गया है।
मुस्लिम समाज के लोग ओवैसी से सावधान रहें: इकबाल अंसारी
पूर्व मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी ओवैसी के अयोध्या दौरे का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग ओवैसी से सावधान रहें। ओवैसी को उत्तर प्रदेश नहीं आना चाहिए था, वह हैदराबाद के हैं वहीं की राजनीति करें। यूपी में आकर मुसलमानों के नाम पर अपना हित मत साधे।