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रामलला के प्राकट्योत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा

Thu, 06 Jan 2022 01:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 01:45 AM IST
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A grand procession took out on the occasion of Ramlala's appearance
अयोध्या। रामलला के प्राकट्योत्सव के अवसर पर बुधवार को रामनगरी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इससे पूर्व श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के पदाधिकारियों ने राम जन्मभूमि से पूजित कलश वापस लाकर क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल भगवान के स्वरूपों की समिति के पदाधिकारियों ने आरती भी उतारी।
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श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के तत्वाधान में दो दिवसीय प्राकट्य महोत्सव का समापन बुुधवार को हुआ। इससे पूर्व उत्सव के पहले दिन मंगलवार को समिति के पदाधिकारियों द्वारा पूजित कलश रामलला के पुजारियों को सौँपा गया था। जहां गर्भगृह में कलश की पूजा-अर्चना हुई। समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को पूजित कलश वापस लाकर क्षीरेश्वरनाथ से भव्य शोभायात्रा निकाली।
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शोभायात्रा रामकोट की परिक्रमा करते हुए वापस क्षीरेश्वरनाथ पर ही आकर समाप्त हुई। इसमें शामिल भगवान श्रीराम, लक्ष्मणजी, माता सीता, हनुमानजी, गणेश व शंकर जी के स्वरूप भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। समिति के पदाधिकारियों ने शोभायात्रा से पूर्व भगवान के स्वरूपों की आरती भी उतारी। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत सम्मान भी किया गया।
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समिति के संयोजक अच्युत शंकर शुक्ल ने बताया कि 1949 में रामलला के प्राकट्य के बाद से ही यह उत्सव लगातार मनाया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी परंपरा का निर्वहन करते हुए भव्यता पूर्वक उत्सव मनाया गया। शोभायात्रा में करन त्रिपाठी, उमेश पांडेय, आचार्य कुलदीप, महंत सत्येंद्र दास वेदांती, प्रवीन चतुर्वेदी, आचार्य संतोष वैदिक सहित अन्य शामिल रहे।

शोभायात्रा में शामिल निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि अब तो रामनगरी में हर उत्सव का उल्लास चौगुना हो गया है। हो भी क्यों न हमारे आराध्य भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर जो बन रहा है। राममंदिर निर्माण से अयोध्या की धार्मिकता को चार चांद लगेगा। महंत धर्मदास के गुरू बाबा अभिरामदास ने ही 22-23 दिसंबर 1949 की मध्यरात्रि भगवान श्रीराम की मूर्ति रामजन्मभूमि में स्थापित की थी। इसी दिन से हर वर्ष इस समिति द्वारा प्राकट्योत्सव मनाया जाता है।
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