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सरकार को जमीन देते तो विस्तार पर लगता ग्रहण

Sat, 31 Jan 2015 05:30 AM IST
Faizabad
Faizabad Updated Sat, 31 Jan 2015 05:30 AM IST
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फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय का मेडिकल कॉलेज के लिए अपनी जमीन न देने के पीछे मालिकाना हक का मुद्दा सामने आ रहा है। पहले ही विश्वविद्यालय व स्थानीय प्रशासन के बीच सहमति बनी थी कि दर्शन नगर का ट्रॉमा सेंटर समेत आस-पास की और जमीन विवि को देकर उसके अधीन मेडिकल कॉलेज खुलेगा, मगर हाल में सरकार ने वन विभाग से जमीनें लेने का प्रस्ताव करके राजकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की पहल की, जिसमें विवि से जमीन देने का प्रस्ताव सीएमओ के माध्यम से भेजा गया, लेकिन कार्यपरिषद ने फैकेल्टी आदि के संभावित विस्तार की संभावना के मद्देनजर खारिज करने का फैसला लिया।
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अवध विवि की ओर से फैजाबाद में मेडिकल कॉलेज अपने स्वामित्व में खोलने की पहल काफी पुरानी है। मायावती सरकार में भी इसका प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन जमीन कम होने की बात आड़े आई, तो दर्शननगर में सीएमओ के अधीन ट्रॉमा सेंटर तक ही बात फाइनल हो सकी। राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर चला गया, जिसे अवध विवि से ही संबंद्ध किया गया। चूंकि यहां मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव और चुनावी वादा मुलायम सिंह सरकार में किया गया था, लिहाजा अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री बनते ही यहां पहले दौरे में इसकी घोषणा कर जल्द अमल में लाने के लिए एमसीआई को प्रस्ताव तक भेजने के निर्देश दिए। तत्कालीन कुलपति प्रो. वीके गुप्ता के साथ मंडलायुक्त व डीएम समेत सीएमओ की कमेटी बनाकर प्रस्ताव तैयार हुए, इसमें स्वामित्व अवध विवि का माना गया। लेकिन केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्तावित दर्शननगर अस्पताल को विवि के नाम न होने की बात कह फाइल लौटा दी थी। ऐसे में विवि का प्रस्तावित करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये पीएलए में भी पड़ा रहा। अब राज्य सरकार के निर्देश पर सीएमओ डॉ. राधेश्याम यादव ने कुलपति को नया प्रस्ताव भेज विवि से प्रस्तावित कैंपस के लिए जमीन को राज्य सरकार के नाम स्थानांतरित करने का पत्र भेजा था। जिसपर कार्य परिषद ने मालिकाना हक अपना न होने और जमीन देने के बाद विवि का भविष्य में संभावित विस्तार न हो पाने की संभावनाओं का गिनाते हुए प्रपोजल को खारिज करने का फैसला लिया।
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