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बीए, बीएससी, बीकॉम की 80 हजार सीटें बढ़ेंगी
Faizabad
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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फैजाबाद। प्रदेश सरकार के नए फरमान से अवध विश्वविद्यालय के संबद्ध निजी कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में लगभग 80 हजार सीटें बढ़ने जा रही हैं। इससे कॉलेजों को फायदा तो जरूर होगा, लेकिन चालू शैक्षिक सत्र में पढ़ाई चौपट हो जाएगी। वजह ये कि कॉलेजों में सीटें बढ़ने से अब एडमिशन शुरू हो जाएगा, जिससे कि पढ़ाई प्रभावित होगी। इस स्थिति में यूजीसी का 180 दिन पढ़ाई का मानक भी पूरा नहीं होगा। हालांकि अभी अधिकांश कॉलेजों व विवि में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, मगर जहां एडमिशन के बाद पढ़ाई शुरू हो गई है, उन कॉलेजों के विद्यार्थियों का बड़ा नुकसान होगा। शासन ने निजी कॉलेजों में 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का आदेश जारी किया है। अवध विवि से संबद्ध कॉलेजों में ज्यादातर निजी कॉलेज ही हैं। मौजूदा समय संबद्ध निजी 447 कॉलेज हैं, जबकि अनुदानित कॉलेज केवल 29 हैं। विवि प्रशासन के अनुसार बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम वर्ष में प्रति शिक्षक 60 छात्र के प्रवेश का मानक था, जिसे अब उच्चशिक्षा विभाग ने बढ़ाकर 80 छात्र कर दिया है। इससे विवि के अधीन निजी कॉलेजों में अब तक हुए कुल प्रवेश लगभग ढाई लाख के सापेक्ष लगभग 80 हजार से अधिक सीटें बढ़ने का अनुमान है। बढ़ी सीटों पर अक्तूबर में एडमिशन शुरू होने पर कॉलेज यूजीसी के मानक पर कैसे खरे उतर पाएंगे? तमाम छुट्टियों की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं हो पाएगी। शैक्षिक कलेंडर के अनुसार मार्च में परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी, इससे छात्रों का नुकसान होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भले 180 दिन क्लासें चलाने के बाद ही परीक्षा कराने का मानक निर्धारित किया है, लेकिन पूरे सत्र भर एडमिशन ही चलने से कॉलेजों में पढ़ाई का मानक कतई नहीं पूरा हो पाएगा। समय अपर्याप्त होने से यदि दोगुनी पढ़ाई हो तब भी कोर्स पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में मध्य शैक्षिक सत्र में बढ़ी सीटों का लाभ कॉलेजों के साथ केवल उन्हीं छात्रों का होगा, जिनका कतिपय वजहों से अभी तक एडमीशन नहीं हो पाया है। पहले से प्रवेशित छात्रों का नुकसान ही होगा।
इनसेट
सरकार को पहले बढ़ानी थीं सीटें
फैजाबाद। विवि कोर्ट के सदस्य ओमप्रकाश सिंह कहते हैं कि अगर प्रदेश सरकार ने सीटें बढ़ाने का आदेश शैक्षिक सत्र के शुरू होने से पहले किया होता, तो इससे सभी को फायदा मिलता। सत्र के बीच मेें सीटें बढ़ने से छात्रों का नुकसान ही है। प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. विनोद पांडेय का कहना है कि, बीच सत्र में सीटें बढ़ाने का आदेश उचित नहीं है। हालांकि इससे प्रवेश से वंचित छात्रों को फायदा होगा, लेकिन उनका कोर्स अधूरा रहने से नुकसान भी है। अवध विवि-महाविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. प्रदीप सिंह का कहना है कि, निजी कॉलेजों में सीटें बढ़ने से कॉलेजों के साथ छात्रों को भी फायदा होगा, लेकिन इससे विवि का शैक्षिक सत्र फिर नियमित नहीं हो पाएगा।
इनसेट-
कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों व शिक्षकों की संख्या को ध्यान में रखकर ही सीटें बढ़ाई जाएंगी। कॉलेजों के आवेदन पर निरीक्षण कराने के बाद ही कुलपति की ओर से सीटें बढ़ाई जाएंगी। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सीटों की संख्या बढ़ाने या न बढ़ाने का अधिकार कुलपति को ही होगा।
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-डॉ. एसएल मौर्य, कुलसचिव, अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद
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सरकार को पहले बढ़ानी थीं सीटें
फैजाबाद। विवि कोर्ट के सदस्य ओमप्रकाश सिंह कहते हैं कि अगर प्रदेश सरकार ने सीटें बढ़ाने का आदेश शैक्षिक सत्र के शुरू होने से पहले किया होता, तो इससे सभी को फायदा मिलता। सत्र के बीच मेें सीटें बढ़ने से छात्रों का नुकसान ही है। प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. विनोद पांडेय का कहना है कि, बीच सत्र में सीटें बढ़ाने का आदेश उचित नहीं है। हालांकि इससे प्रवेश से वंचित छात्रों को फायदा होगा, लेकिन उनका कोर्स अधूरा रहने से नुकसान भी है। अवध विवि-महाविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. प्रदीप सिंह का कहना है कि, निजी कॉलेजों में सीटें बढ़ने से कॉलेजों के साथ छात्रों को भी फायदा होगा, लेकिन इससे विवि का शैक्षिक सत्र फिर नियमित नहीं हो पाएगा।
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कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों व शिक्षकों की संख्या को ध्यान में रखकर ही सीटें बढ़ाई जाएंगी। कॉलेजों के आवेदन पर निरीक्षण कराने के बाद ही कुलपति की ओर से सीटें बढ़ाई जाएंगी। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सीटों की संख्या बढ़ाने या न बढ़ाने का अधिकार कुलपति को ही होगा।
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-डॉ. एसएल मौर्य, कुलसचिव, अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद