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समाप्त होगा 293 स्कूलों का अस्तित्व

Thu, 04 Apr 2019 01:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2019 01:32 AM IST
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समाप्त होगा 293 स्कूलों का अस्तित्व
खत्म होगा 293 स्कूलों का वजूद
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अयोध्या। नए सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले के 293 प्राथमिक स्कूलों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। एक ही परिसर में संचालित ऐसे स्कूलों का उच्च प्राथमिक स्कूलों में विलय करने की तैयारी कर ली गई है।

इन स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त हो जाएंगे। उच्च प्राथमिक स्कूल का प्रधानाध्यापक ही प्रभारी होगा। जिले में ब्लॉकवार ऐसे स्कूलों को चयनित करके सत्यापन किया जा रहा है।
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हालांकि शिक्षक संघ संविलियन की कार्रवाई में शासनादेश का अनुपालन न करने का आरोप लगाया है। जिले में कुल 1529 प्राथमिक और 566 उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं।
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जिनमें बीते वर्ष एक लाख 90 हजार 533 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इन स्कूलों में 293 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित होते हैं। जहां अलग-अलग अध्यापक, रसोइया, प्रधानाध्यापक की तैनाती है।

शासन ने ऐसे स्कूलों को एक साथ जोड़ने का निर्णय लिया है। ये प्राथमिक स्कूल उच्च प्राथमिक स्कूलों में विलय हो जाएंगे। शासन के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों को सूची तैयार कर कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

जारी शासनादेश के अनुसार स्कूलों का विलय होने पर उच्च प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक ही स्कूल का प्रधानाध्यापक होगा। विद्यालय का वित्तीय एवं प्रशासनिक नियंत्रण इसी प्रधानाध्यापक में निहित होगा।

विद्यालय में आरटीई मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। विद्यालय के समस्त अभिलेखों की अभिरक्षा का दायित्व प्रधानाध्यापक का होगा और संविलियन के उपरांत स्कूल में एक ही प्रधानाध्यापक कार्यालय संचालित होगा।

हालांकि स्कूलों के विलय को जहां बेसिक शिक्षा विभाग एक सकारात्मक पहल बता रहा है, वहीं जिले के शिक्षक इस व्यवस्था से काफी असंतुष्ट हैं। इस निर्णय को शिक्षक हित के विपरीत बता रहे हैं।

उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिले में संविलियन किए जा रहे विद्यालयों में शासनादेश का अनुपालन न किए जाने का आरोप लगाया है। संघ के जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने बताया कि निजी स्वार्थ के चलते शासनादेश के विपरीत संविलियन किया गया है।

इसकी सूची भी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया कि शासनादेश में एक ही परिसर में संचालित स्कूलों का विलय करने की बात कही गई है लेकिन अलग-अलग परिसर में संचालित कई ऐसे स्कूलों को भी चयनित किया जा रहा है।


उन्होंने संविलियन की अनंतिम सूची प्रकाशित कराते हुए एक प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है जिससे प्रभावित विद्यालय/शिक्षक अपना पक्ष रख सकें।

बीएसए अयोध्या अमिता सिंह ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से एक ही परिसर में संचालित स्कूलों का संविलियन करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। ऐसे 293 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। जिनका सत्यापन करके अंतिम सूची जारी की जाएगी।
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