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टू लेन बनेगा 84 कोसी परिक्रमा पथ, 45 मीटर चौड़ी भूमि का होगा अधिग्रहण
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अयोध्या। धर्मनगरी की सांस्कृतिक सीमा में पांच जिलों से होकर गुजरने वाला 84 कोसी परिक्रमा पथ अब एनएच 227 के नाम से जाना जाएगा। परिक्रमा पथ के लिए 45 मीटर चौड़ी भूमि का अधिग्रहण होगा। शुरूआत में 84 कोस तक सड़क टू-लेन होगी। जिसे भविष्य में फोरलेन किया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को नई दिल्ली में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
यह जानकारी देते हुए सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि बैठक में तय हुआ कि परिक्रमा पथ के लिए 45 मीटर चौड़ाई में भूमि का अधिग्रहण होगा। बाद में फोर-लेन बनने पर उसी के हिसाब से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अब इस सड़क के भव्य निर्माण और इस मार्ग से सटे ऋषि-मुनियों की तपस्थली और पौराणिक मंदिरों तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए 7 अगस्त को अयोध्या में उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या की अध्यक्षता में बैठक होगी।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि मंगलवार को नई दिल्ली में रामनगरी की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा पथ के निर्माण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में तय हुआ कि परिक्रमा पथ में 45 मीटर चौड़ी भूमि का अधिग्रहण होगा। जिसमें 10 मीटर पक्का रास्ता, दोनों तरफ इंटरलॉकिंग, एक तरफ परिक्रमार्थियों के लिए पैदल पथ व दूसरी दिशा में सर्विस रोड़ का निर्माण किया जाएगा।
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दोनों तरफ रामायणकालीन वृक्ष, सरयू नदी में मूर्तिहन व शेरवाघाट पर पुल का निर्माण, कई रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 84 कोसी परिक्रमार्थियों के लिए विश्रामालय का निर्माण भी किया जाएगा। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री अयोध्या का विकास वैश्विक स्तर पर करना चाहते है। जिसमें 84 कोसी परिक्रमा मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2015 से इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा था। दिल्ली में हर वर्ष आयोजित होने वाले अयोध्या पर्व में 84 कोसी व उसके आसपास के 151 धार्मिक, पौराणिक, ऋषि मुनियों की तपोस्थली को वैश्विक स्तर पर परिभाषित किया जा रहा है। बैठक में उनके अलावा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री वीके सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, सांसद बस्ती हरीश द्विवेदी व अधिकारियों की उपस्थिति रही।
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यह जानकारी देते हुए सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि बैठक में तय हुआ कि परिक्रमा पथ के लिए 45 मीटर चौड़ाई में भूमि का अधिग्रहण होगा। बाद में फोर-लेन बनने पर उसी के हिसाब से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अब इस सड़क के भव्य निर्माण और इस मार्ग से सटे ऋषि-मुनियों की तपस्थली और पौराणिक मंदिरों तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए 7 अगस्त को अयोध्या में उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या की अध्यक्षता में बैठक होगी।
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सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि मंगलवार को नई दिल्ली में रामनगरी की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा पथ के निर्माण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में तय हुआ कि परिक्रमा पथ में 45 मीटर चौड़ी भूमि का अधिग्रहण होगा। जिसमें 10 मीटर पक्का रास्ता, दोनों तरफ इंटरलॉकिंग, एक तरफ परिक्रमार्थियों के लिए पैदल पथ व दूसरी दिशा में सर्विस रोड़ का निर्माण किया जाएगा।
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दोनों तरफ रामायणकालीन वृक्ष, सरयू नदी में मूर्तिहन व शेरवाघाट पर पुल का निर्माण, कई रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 84 कोसी परिक्रमार्थियों के लिए विश्रामालय का निर्माण भी किया जाएगा। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री अयोध्या का विकास वैश्विक स्तर पर करना चाहते है। जिसमें 84 कोसी परिक्रमा मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2015 से इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा था। दिल्ली में हर वर्ष आयोजित होने वाले अयोध्या पर्व में 84 कोसी व उसके आसपास के 151 धार्मिक, पौराणिक, ऋषि मुनियों की तपोस्थली को वैश्विक स्तर पर परिभाषित किया जा रहा है। बैठक में उनके अलावा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री वीके सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, सांसद बस्ती हरीश द्विवेदी व अधिकारियों की उपस्थिति रही।