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‘गुरू बिनु भवनिधि तरै न कोई, जौं विरंचि शंकर ......
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:06 AM IST
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रामनगरी में साकार हुई गुरु पद की महिमा और महत्ता
अयोध्या। ‘गुरू बिनु भवनिधि तरै न कोई, जौं विरंचि शंकर सम होई’ गोस्वामी तुलसीदास की उक्त पंक्तियां गुरुपूर्णिमा पर्व पर रामनगरी में साकार होती दिखी। गुरुपूर्णिमा के पर्व पर दशरथमहल बड़ास्थान में श्रद्धावनत भक्तों का समूह उमड़ पड़ा। विंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य द्वारा आदि विंदुगाद्याचार्य स्वामी श्रीरामप्रसादाचार्य जी महाराज को पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। महंत रामभूषण दास कृपालु महाराज ने अपने सद्गुरू स्वामी देवेंद प्रसादाचार्य का पूजन-अर्चन किया।
मणिरामदास की छावनी में बड़ी संख्या में संत-महंत एवं भक्तों ने महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज की पूजा-अर्चना व वंदना की। हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास का आशीर्वाद लेने बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। महंत संजय दास, हेमंत दास ने अपने सद्गुरूदेव के चरणों में नमन किया। कोशलेश सदन रामकोट में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। ज.गु.रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ‘विद्याभाष्कर’ जी महाराज का बड़ी संख्या में भक्तों ने तिलक आरती कर, अंगवस्त्र प्रदानकर पूजा-अर्चना की। श्रीरामबल्लभाकुंज में भक्तों ने श्रीरामबल्लभाकुंज के उत्तराधिकारी राजकुमार दास का पूजन-अर्चन व आरती कर अपनी श्रद्धा निवेदित किया। मेयर अयोध्या ऋषिकेश उपाध्याय, परमांनद मिश्र आदि ने भी गुरु पूजन किया। रामकोट स्थित ऐतिहासिक रंगमहल मदिर में उमड़े भक्तों ने महंत रामशरण दास के चरणों में नमन, वंदन कर अपना जीवन कृतार्थ किया। दिगंबर अखाड़ा में बड़ी संख्या में भक्तों ने महंत सुरेश दास के चरणों में श्रद्धा अर्पण की।
हरिधामगोपाल मंदिर में ज.गु.श्रीरामदिनेशाचार्य द्वारा अपने सद्गुरूदेव विभिन्न शास्त्रों के मर्मज्ञ, ज.गु.श्रीहर्याचार्य जी महाराज का विधिवत पूजन, अर्चन, अभिषेक आरती कर नमन वंदन किया गया। सुरसरि मंदिर में भक्तों ने अपने सद्गुरुदेव साकेतवासी डॉ. निर्मल कुमार पाणिग्रही के चित्र पर पुष्प अर्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान अवध राम शुक्ला, परमानंद पाठक, शिवाकांत तिवारी, संतोष दुबे आदि भक्तों ने अपनी श्रद्धा अर्पण की। उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली, अशर्फी भवन, गोकुल भवन, रामायणम् आश्रम, सियाराम किला झुनकीघाट, हनुमत निवास, विअहुति भवन, तिवारी मंदिर, हनुमत निवास, हनुमान बाग आदि प्रमुख पीठों पर शिष्यों की भारी गहमागहमी रही।
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अयोध्या। ‘गुरू बिनु भवनिधि तरै न कोई, जौं विरंचि शंकर सम होई’ गोस्वामी तुलसीदास की उक्त पंक्तियां गुरुपूर्णिमा पर्व पर रामनगरी में साकार होती दिखी। गुरुपूर्णिमा के पर्व पर दशरथमहल बड़ास्थान में श्रद्धावनत भक्तों का समूह उमड़ पड़ा। विंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य द्वारा आदि विंदुगाद्याचार्य स्वामी श्रीरामप्रसादाचार्य जी महाराज को पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। महंत रामभूषण दास कृपालु महाराज ने अपने सद्गुरू स्वामी देवेंद प्रसादाचार्य का पूजन-अर्चन किया।
मणिरामदास की छावनी में बड़ी संख्या में संत-महंत एवं भक्तों ने महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज की पूजा-अर्चना व वंदना की। हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास का आशीर्वाद लेने बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। महंत संजय दास, हेमंत दास ने अपने सद्गुरूदेव के चरणों में नमन किया। कोशलेश सदन रामकोट में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। ज.गु.रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ‘विद्याभाष्कर’ जी महाराज का बड़ी संख्या में भक्तों ने तिलक आरती कर, अंगवस्त्र प्रदानकर पूजा-अर्चना की। श्रीरामबल्लभाकुंज में भक्तों ने श्रीरामबल्लभाकुंज के उत्तराधिकारी राजकुमार दास का पूजन-अर्चन व आरती कर अपनी श्रद्धा निवेदित किया। मेयर अयोध्या ऋषिकेश उपाध्याय, परमांनद मिश्र आदि ने भी गुरु पूजन किया। रामकोट स्थित ऐतिहासिक रंगमहल मदिर में उमड़े भक्तों ने महंत रामशरण दास के चरणों में नमन, वंदन कर अपना जीवन कृतार्थ किया। दिगंबर अखाड़ा में बड़ी संख्या में भक्तों ने महंत सुरेश दास के चरणों में श्रद्धा अर्पण की।
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हरिधामगोपाल मंदिर में ज.गु.श्रीरामदिनेशाचार्य द्वारा अपने सद्गुरूदेव विभिन्न शास्त्रों के मर्मज्ञ, ज.गु.श्रीहर्याचार्य जी महाराज का विधिवत पूजन, अर्चन, अभिषेक आरती कर नमन वंदन किया गया। सुरसरि मंदिर में भक्तों ने अपने सद्गुरुदेव साकेतवासी डॉ. निर्मल कुमार पाणिग्रही के चित्र पर पुष्प अर्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान अवध राम शुक्ला, परमानंद पाठक, शिवाकांत तिवारी, संतोष दुबे आदि भक्तों ने अपनी श्रद्धा अर्पण की। उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली, अशर्फी भवन, गोकुल भवन, रामायणम् आश्रम, सियाराम किला झुनकीघाट, हनुमत निवास, विअहुति भवन, तिवारी मंदिर, हनुमत निवास, हनुमान बाग आदि प्रमुख पीठों पर शिष्यों की भारी गहमागहमी रही।
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