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72 में 67 प्रत्याशियों की जमानत जप्त
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2015 11:07 PM IST
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जिला पंचायत चुनाव में बीकापुर की चारों सीटों पर उतरे कुल 72 प्रत्याशियों में चार विजयी प्रत्याशियों के अलावा मो. मुस्लिम मात्र एक ऐसे प्रत्याशी रहे जो अपनी जमानत बचा सके। शेष 67 प्रत्याशी इस चुनाव में अपनी जमानत गवां बैठे। मो. मुस्लिम बीकापुर चतुर्थ से बसपा के बागी प्रत्याशियों में से एक थे।
वे 4724 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा कोई भी प्रत्याशी चुनाव जीतने वालों के अनुपात में मत हासिल नहीं कर सका। वहीं चुनाव में कांग्रेस को कोई पूछने वाला नहीं दिखा।
बीकापुर चतुर्थ और द्वितीय पर ही कांग्रेस प्रत्याशी उतरे थे। तृतीय और प्रथम सीट पर कांग्रेस का कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतरा। वहीं एक सपा समर्थित प्रत्याशी जो पिछली बार सबसे अधिक मतों से जीत सदन में पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया था, उन्होंने इस बार सबसे अधिक मतों से हारने का रिकॉर्ड बनाया है।
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वेबसाइट पर गलत योग्यता दर्ज करने की शिकायत
बीकापुर। जिला पंचायात सदस्य पद पर बीकापुर प्रथम से विजयी उमा शंकर यादव स्नातक हैं। जबकि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उन्हें निरक्षर दर्शाया गया है। जिपं सदस्य ने इसकी शिकायत आयोग और जिले के अधिकारियों से की है। उन्होंने बताया की वे इससे पहले डिग्री कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ चुके है।
एक महिला शिक्षा के साथ वोट में भी टॉपर
अमानीगंज। जिला पंचायत सदस्य की अमानीगंज चतुर्थ से जीतीं तृप्ति पांडेय ने जिले में रिकॉर्ड वोटों से जीत ही नहीं दर्ज की है, बल्कि योग्यता में भी सब पर भारी हैं। उनकी योग्यता पीएचडी है। परिणाम आने के बाद समाजसेवी राजन पांडेय की पत्नी तृप्ति पांडेय के नाम एक और इतिहास जुड़ गया है कि उन्होंने जिसे 9 हजार से अधिक मतों से हराया वह प्रत्याशी पिछली बार सबसे अधिक मत से जीतकर जिले के सदन में पहुंचा था। इस बार सपा समर्थित कमलेश यादव की हार ने इतिहास बनाया, वे जिले के सबसे अधिक मतों से हारने वाले प्रत्याशी बने।
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वे 4724 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा कोई भी प्रत्याशी चुनाव जीतने वालों के अनुपात में मत हासिल नहीं कर सका। वहीं चुनाव में कांग्रेस को कोई पूछने वाला नहीं दिखा।
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बीकापुर चतुर्थ और द्वितीय पर ही कांग्रेस प्रत्याशी उतरे थे। तृतीय और प्रथम सीट पर कांग्रेस का कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतरा। वहीं एक सपा समर्थित प्रत्याशी जो पिछली बार सबसे अधिक मतों से जीत सदन में पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया था, उन्होंने इस बार सबसे अधिक मतों से हारने का रिकॉर्ड बनाया है।
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वेबसाइट पर गलत योग्यता दर्ज करने की शिकायत
बीकापुर। जिला पंचायात सदस्य पद पर बीकापुर प्रथम से विजयी उमा शंकर यादव स्नातक हैं। जबकि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उन्हें निरक्षर दर्शाया गया है। जिपं सदस्य ने इसकी शिकायत आयोग और जिले के अधिकारियों से की है। उन्होंने बताया की वे इससे पहले डिग्री कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ चुके है।
एक महिला शिक्षा के साथ वोट में भी टॉपर
अमानीगंज। जिला पंचायत सदस्य की अमानीगंज चतुर्थ से जीतीं तृप्ति पांडेय ने जिले में रिकॉर्ड वोटों से जीत ही नहीं दर्ज की है, बल्कि योग्यता में भी सब पर भारी हैं। उनकी योग्यता पीएचडी है। परिणाम आने के बाद समाजसेवी राजन पांडेय की पत्नी तृप्ति पांडेय के नाम एक और इतिहास जुड़ गया है कि उन्होंने जिसे 9 हजार से अधिक मतों से हराया वह प्रत्याशी पिछली बार सबसे अधिक मत से जीतकर जिले के सदन में पहुंचा था। इस बार सपा समर्थित कमलेश यादव की हार ने इतिहास बनाया, वे जिले के सबसे अधिक मतों से हारने वाले प्रत्याशी बने।