{"_id":"5967bd014f1c1bf0318b456b","slug":"61499970817-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोनों पक्ष के आठ लोगों को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोनों पक्ष के आठ लोगों को सजा
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मजदूरी के दो सौ रुपये मांगने पर विवाद में हुई थी हत्या
फैजाबाद। दो सौ रुपये मजदूरी मांगने को लेकर विवाद में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों के आठ लोगों को सजा सुनाई है। फैसला अपर जिलाजज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ। मामला हैदरगंज थाने के पारा हथिगो के केवटहिया मजरे का है।
एडीजीसा शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि, घटना छह मई 2012 की है। केवटहिया के रहने वाले रामजीत ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपने भाई हंसराज के साथ घर से निकले थे।
जहां हथिगो मजरे लालका पुरवा निवासी गुड्डू उर्फ दिलीप, ननकऊ उर्फ राम नरायन, राजकुमार शर्मा व नरसिंह शर्मा गांव के काली सहाय निषाद को दो सौ रुपये बकाया मजदूरी मांगने पर पीट रहे थे।
विज्ञापन
रामजीत व उनके भाई हंसराज बीचबचाव करने गए तो उन दोनों को भी लाठी व बल्लम से हमला करके लहूलुहान कर दिया गया। इससे घायल हंसराज की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मामले में कोर्ट ने चारों लोगों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच साल की सजा व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। दूसरे पक्ष से राजकुमार शर्मा ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह घटना वाली रात 12 बजे अपने टेंट हाउस पर कुर्सियां दे रहा था।
उसी समय काली सहाय निषाद विक्रम निषाद, अजय निषाद, रामजीत निषाद आए और उसे पीटने लगे। बचाने के लिए नर सिंह दौड़े तो उन्हें भी पीटा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए चारों को चार साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
फैजाबाद। दो सौ रुपये मजदूरी मांगने को लेकर विवाद में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों के आठ लोगों को सजा सुनाई है। फैसला अपर जिलाजज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ। मामला हैदरगंज थाने के पारा हथिगो के केवटहिया मजरे का है।
एडीजीसा शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि, घटना छह मई 2012 की है। केवटहिया के रहने वाले रामजीत ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपने भाई हंसराज के साथ घर से निकले थे।
विज्ञापन
जहां हथिगो मजरे लालका पुरवा निवासी गुड्डू उर्फ दिलीप, ननकऊ उर्फ राम नरायन, राजकुमार शर्मा व नरसिंह शर्मा गांव के काली सहाय निषाद को दो सौ रुपये बकाया मजदूरी मांगने पर पीट रहे थे।
विज्ञापन
रामजीत व उनके भाई हंसराज बीचबचाव करने गए तो उन दोनों को भी लाठी व बल्लम से हमला करके लहूलुहान कर दिया गया। इससे घायल हंसराज की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मामले में कोर्ट ने चारों लोगों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच साल की सजा व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। दूसरे पक्ष से राजकुमार शर्मा ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह घटना वाली रात 12 बजे अपने टेंट हाउस पर कुर्सियां दे रहा था।
उसी समय काली सहाय निषाद विक्रम निषाद, अजय निषाद, रामजीत निषाद आए और उसे पीटने लगे। बचाने के लिए नर सिंह दौड़े तो उन्हें भी पीटा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए चारों को चार साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।