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छह बीडीओ, एक एपीओ को कारण बताओ नोटिस
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:52 PM IST
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छह बीडीओ, एक एपीओ को कारण बताओ नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। जिले के छह खंड विकास अधिकारियों और एक एपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मनरेगा से श्रम बजट के सापेक्ष गरीबों के लिए रोजगार सृजन न किए जाने के मामले में यह नोटिस जारी किया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि राज्य के मानक के अनुरूप रोजगार सृजन की कार्रवाई की जाए।
इन दिनों मनरेगा के कार्यों में तेजी है। बारिश आने वाली है इसके मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा परियोजनाओं पर कार्य कराए जाने की कोशिश है। शायद इसी का परिणाम है कि प्रदेश में माहवार रोजगार सृजन के लक्ष्य के सापेक्ष आंकड़ा 82 फीसदी है लेकिन जिले में ज्यादातर ब्लॉकों में मनरेगा की हालत पस्त है। इन ब्लॉकों में लक्ष्य के मुताबिक रोजगार सृजन नहीं हो पा रहा है। डीसी मनरेगा और सीडीओ की मानीटरिंग में यह खुलकर सामने आ गया।
जिले में छह ब्लॉकों बीकापुर, हैरिंग्टनगंज, मवई, मया बाजार, मिल्कीपुर और तारून में रोजगार सृजन का औसत राज्य औसत से खासा कम पाया गया। कुछ में तो औसत 50 से 60 फीसदी तक ही रह गया। इन ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सबसे खराब स्थिति वाले मवई ब्लॉक के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे सप्ताह भर के भीतर तथ्यपूर्ण स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसा न होने की स्थिति में इन अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने के लिए कहा गया है। साथ ही एमआईएस फीडिंग, समय से मजदूरी भुगतान कराया जाए।
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फैजाबाद। जिले के छह खंड विकास अधिकारियों और एक एपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मनरेगा से श्रम बजट के सापेक्ष गरीबों के लिए रोजगार सृजन न किए जाने के मामले में यह नोटिस जारी किया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि राज्य के मानक के अनुरूप रोजगार सृजन की कार्रवाई की जाए।
इन दिनों मनरेगा के कार्यों में तेजी है। बारिश आने वाली है इसके मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा परियोजनाओं पर कार्य कराए जाने की कोशिश है। शायद इसी का परिणाम है कि प्रदेश में माहवार रोजगार सृजन के लक्ष्य के सापेक्ष आंकड़ा 82 फीसदी है लेकिन जिले में ज्यादातर ब्लॉकों में मनरेगा की हालत पस्त है। इन ब्लॉकों में लक्ष्य के मुताबिक रोजगार सृजन नहीं हो पा रहा है। डीसी मनरेगा और सीडीओ की मानीटरिंग में यह खुलकर सामने आ गया।
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जिले में छह ब्लॉकों बीकापुर, हैरिंग्टनगंज, मवई, मया बाजार, मिल्कीपुर और तारून में रोजगार सृजन का औसत राज्य औसत से खासा कम पाया गया। कुछ में तो औसत 50 से 60 फीसदी तक ही रह गया। इन ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सबसे खराब स्थिति वाले मवई ब्लॉक के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे सप्ताह भर के भीतर तथ्यपूर्ण स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसा न होने की स्थिति में इन अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने के लिए कहा गया है। साथ ही एमआईएस फीडिंग, समय से मजदूरी भुगतान कराया जाए।
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