{"_id":"5a2982b84f1c1b60678bfe05","slug":"41512669880-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगैर नोटिस प्रशासन ने ढहाया 6 दलितों का आशियाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बगैर नोटिस प्रशासन ने ढहाया 6 दलितों का आशियाना
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:46 PM IST
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अयोध्या। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उप जिलाधिकारी सदर मधुसूदन नागराज के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने रानोपाली ग्रामसभा के शंकरगढ़ बाजार से सटे तिलैइया नाला पर बने छह दलित परिवारों के आशियाने को बुलडोजर से ढहा दिया।
इसमें एक मकान रानोपाली ग्राम सभा के पूर्व प्रधान राजकरण के पुत्र फूलचन्द्र का भी है। सभी परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। ठंड में परिवार कहां रहेंगे, इसका जवाब प्रशासन के पास नहीं है।
यह पूरा मामला रानोपाली ग्रामसभा की भूमि गाटा संख्या 1032 का है। फूलचंद्र के साथ सीताराम, देवी प्रसाद, रामभवन, मंशाराम व रामराज के भवन भी बुलडोजर से जमीदोज कर दिये गए हैं।
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एक अन्य अतिक्रमित भवन के गलत तरीके से बनाये गये कागजात को एसडीएम सदर अपने साथ ले गए। उन्होंने भवन स्वामी को तहकीकात के लिए दूसरे दिन बुलाया है।
एक अन्य महिला मीना के छप्पर को प्रशासन ने पाया कि इनके पास रहने की कोई जगह नहीं है, इसलिए इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई।
रानोपाली ग्राम सभा के मजरे पटवारी का पुरवा के निवासी अमरनाथ वर्मा ने मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की शिकायत मंडलायुक्त व डीएम से की थी।
उसी सिलसिले में उप जिलाधिकारी सदर, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल वीरेन्द्र सिंह, रानोपाली चौकी इंचार्ज व कई पुलिसकर्मियों के साथ अमरनाथ वर्मा के आवास पहुंचे थे।
बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई के सवाल पर उप जिलाधिकारी सदर ने कहा कि यह सही है कि जिनके आशियानों को ढहाया गया, उनको कोई नोटिस नहीं दिया गया।
लेखपाल व कानूनगो ने अतिक्रमण किये हुये लोगों को सूचना दे दी थी। यह सभी भवन ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे के रूप में निर्मित किये गये थे। जबकि इसी भूमि पर ग्राम प्रधान द्वारा कई निवासियों को पट्टा भी दिया गया है।
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इसमें एक मकान रानोपाली ग्राम सभा के पूर्व प्रधान राजकरण के पुत्र फूलचन्द्र का भी है। सभी परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। ठंड में परिवार कहां रहेंगे, इसका जवाब प्रशासन के पास नहीं है।
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यह पूरा मामला रानोपाली ग्रामसभा की भूमि गाटा संख्या 1032 का है। फूलचंद्र के साथ सीताराम, देवी प्रसाद, रामभवन, मंशाराम व रामराज के भवन भी बुलडोजर से जमीदोज कर दिये गए हैं।
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एक अन्य अतिक्रमित भवन के गलत तरीके से बनाये गये कागजात को एसडीएम सदर अपने साथ ले गए। उन्होंने भवन स्वामी को तहकीकात के लिए दूसरे दिन बुलाया है।
एक अन्य महिला मीना के छप्पर को प्रशासन ने पाया कि इनके पास रहने की कोई जगह नहीं है, इसलिए इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई।
रानोपाली ग्राम सभा के मजरे पटवारी का पुरवा के निवासी अमरनाथ वर्मा ने मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की शिकायत मंडलायुक्त व डीएम से की थी।
उसी सिलसिले में उप जिलाधिकारी सदर, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल वीरेन्द्र सिंह, रानोपाली चौकी इंचार्ज व कई पुलिसकर्मियों के साथ अमरनाथ वर्मा के आवास पहुंचे थे।
बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई के सवाल पर उप जिलाधिकारी सदर ने कहा कि यह सही है कि जिनके आशियानों को ढहाया गया, उनको कोई नोटिस नहीं दिया गया।
लेखपाल व कानूनगो ने अतिक्रमण किये हुये लोगों को सूचना दे दी थी। यह सभी भवन ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे के रूप में निर्मित किये गये थे। जबकि इसी भूमि पर ग्राम प्रधान द्वारा कई निवासियों को पट्टा भी दिया गया है।