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प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्मित हो रहा सरयू कुंड
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:47 PM IST
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अयोध्या। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। अयोध्या में प्रतिमाओं का विसर्जन सरयू तट पर सरयू कुंड में होगा।
नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर न्यायालय के रोक के आदेश के अनुपालन क्रम में पिछले वर्ष से ही अयोध्या के तट पर सरयू कुंड बनाकर कर मूर्तियों का विसर्जन कराने की परंपरा शुरू की गई है।
केंद्रीय समिति व प्रशासन के आपसी सहमति से सरयू घाट के संत तुलसीदास घाट स्थित विश्रामालय के सामने सरयू कुंड का निर्माण किया जा रहा है।
कार्य में लगे बाढ़ खंड के पर्यवेक्षक नाथू पांडेय ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर 30 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा व पांच मीटर गहरे कुंड का निर्माण कराया जा रहा है। जेसीबी से गड्ढा बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
इस बार पानी नजदीक होने के कारण सरयू कुंड में सरयू की धारा भी प्रवाहित हो रही है। इसी में मूर्तियों के विसर्जन की योजना है।
पिछले वर्ष भी सरयू कुंड निर्मित कर मूर्तियों के विसर्जन की योजना बनाई गई थी। प्रशासन ने कड़ाई से निर्देशित किया था कि सरयू के बजाय घाट के समीप कुंड में ही मूर्ति विसर्जित की जाएगी।
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लेकिन यह योजना कामयाब नहीं हो सकी और अधिकतर मूर्तियां सरयू की धारा में ही विसर्जित की गई। आरएम अयोध्या अशोक कुमार बताते हैं कि इस वर्ष कड़ाई से निर्देशित किया गया है कि प्रतिमा विसर्जन सरयू तट पर बन रहे सरयू कुंड में ही किया जाएगा। विसर्जन तिथि से पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
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नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर न्यायालय के रोक के आदेश के अनुपालन क्रम में पिछले वर्ष से ही अयोध्या के तट पर सरयू कुंड बनाकर कर मूर्तियों का विसर्जन कराने की परंपरा शुरू की गई है।
केंद्रीय समिति व प्रशासन के आपसी सहमति से सरयू घाट के संत तुलसीदास घाट स्थित विश्रामालय के सामने सरयू कुंड का निर्माण किया जा रहा है।
कार्य में लगे बाढ़ खंड के पर्यवेक्षक नाथू पांडेय ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर 30 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा व पांच मीटर गहरे कुंड का निर्माण कराया जा रहा है। जेसीबी से गड्ढा बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
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इस बार पानी नजदीक होने के कारण सरयू कुंड में सरयू की धारा भी प्रवाहित हो रही है। इसी में मूर्तियों के विसर्जन की योजना है।
पिछले वर्ष भी सरयू कुंड निर्मित कर मूर्तियों के विसर्जन की योजना बनाई गई थी। प्रशासन ने कड़ाई से निर्देशित किया था कि सरयू के बजाय घाट के समीप कुंड में ही मूर्ति विसर्जित की जाएगी।
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लेकिन यह योजना कामयाब नहीं हो सकी और अधिकतर मूर्तियां सरयू की धारा में ही विसर्जित की गई। आरएम अयोध्या अशोक कुमार बताते हैं कि इस वर्ष कड़ाई से निर्देशित किया गया है कि प्रतिमा विसर्जन सरयू तट पर बन रहे सरयू कुंड में ही किया जाएगा। विसर्जन तिथि से पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।