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उल्टी-दस्त व बुखार से नवजात की मौत, 5 गंभीर
Updated Thu, 20 Jul 2017 01:19 AM IST
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रुरुखास गांव में मंगलवार को पोलियो की दवा व टीका लगाने के बाद हालत बिगड़ी
शाहगंज/बीकापुर (फैजाबाद)। हैरिग्टनगंज विकासखंड अंतर्गत रुरुखास गांव में मंगलवार को पोलियो की दवा व टीका लगने के बाद उल्टी-दस्त और बुखार से कई बच्चे पीड़ित हो गए। बुधवार शाम इससे पीड़ित एक साल के बच्चे की मौत हो गई। इससे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। मामले मेें सीएमओ ने जांच के लिए डॉक्टरों की टीम गांव में भेजी है।
प्रधान पति राजेश गौड़ ने बताया कि मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय में पोलियो की दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक कैंप लगाया गया था। जहां बच्चों को दवा पिलाने के साथ एएनएम ने उनको पोलियो का टीका भी लगाया था। उसके बाद से ही रात से कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई।
बच्चों को बुखार के साथ उलटी-दस्त शुरू हो गए। इस दौरान एक साल के मासूम प्रतीक पुत्र सालिकराम की तबीयत गंभीर होने पर परिवारीजन उसे बुधवार दोपहर सीएचसी बीकापुर ले गए, वहां चिकित्सकों ने दवा देकर घर भेज दिया। घर पर प्रतीक की शाम करीब 4 बजे मौत हो गई। मासूम की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
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वहीं, राजेश गौड़ ने बताया कि उनकी एक साल की पुत्री दिव्या की हालत भी गंभीर है, जिसे जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा गांव की ही 2 माह की सृष्टि पुत्री राम धीरज, एक वर्षीय भुल्लर व दो अन्य बच्चे भी बीमार हैं, जिनका इलाज क्षेत्र के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डीएन द्विवेदी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों ने मामले की सूचना सीएमओ को दी है, लेकिन शाम तक कोई स्वास्थ्य कर्मी गांव नहीं पहुंचा था। इस बाबत सीएमओ अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि पल्स पोलियो व टीका लगने के बाद रुरुखास गांव के कुछ बच्चों को बुखार व उल्टी-दस्त होने की सूचना के बाद मौके पर डॉक्टरों की टीम भेजी है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर टीका लगने के बाद बच्चों को बुखार व उल्टी-दस्त आते हैं जिससे बचाव के लिए चिकित्सकों द्वारा उचित सलाह दी जाती है। जहां तक एक बच्चे की मौत का मामला है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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शाहगंज/बीकापुर (फैजाबाद)। हैरिग्टनगंज विकासखंड अंतर्गत रुरुखास गांव में मंगलवार को पोलियो की दवा व टीका लगने के बाद उल्टी-दस्त और बुखार से कई बच्चे पीड़ित हो गए। बुधवार शाम इससे पीड़ित एक साल के बच्चे की मौत हो गई। इससे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। मामले मेें सीएमओ ने जांच के लिए डॉक्टरों की टीम गांव में भेजी है।
प्रधान पति राजेश गौड़ ने बताया कि मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय में पोलियो की दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक कैंप लगाया गया था। जहां बच्चों को दवा पिलाने के साथ एएनएम ने उनको पोलियो का टीका भी लगाया था। उसके बाद से ही रात से कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई।
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बच्चों को बुखार के साथ उलटी-दस्त शुरू हो गए। इस दौरान एक साल के मासूम प्रतीक पुत्र सालिकराम की तबीयत गंभीर होने पर परिवारीजन उसे बुधवार दोपहर सीएचसी बीकापुर ले गए, वहां चिकित्सकों ने दवा देकर घर भेज दिया। घर पर प्रतीक की शाम करीब 4 बजे मौत हो गई। मासूम की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
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वहीं, राजेश गौड़ ने बताया कि उनकी एक साल की पुत्री दिव्या की हालत भी गंभीर है, जिसे जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा गांव की ही 2 माह की सृष्टि पुत्री राम धीरज, एक वर्षीय भुल्लर व दो अन्य बच्चे भी बीमार हैं, जिनका इलाज क्षेत्र के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डीएन द्विवेदी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों ने मामले की सूचना सीएमओ को दी है, लेकिन शाम तक कोई स्वास्थ्य कर्मी गांव नहीं पहुंचा था। इस बाबत सीएमओ अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि पल्स पोलियो व टीका लगने के बाद रुरुखास गांव के कुछ बच्चों को बुखार व उल्टी-दस्त होने की सूचना के बाद मौके पर डॉक्टरों की टीम भेजी है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर टीका लगने के बाद बच्चों को बुखार व उल्टी-दस्त आते हैं जिससे बचाव के लिए चिकित्सकों द्वारा उचित सलाह दी जाती है। जहां तक एक बच्चे की मौत का मामला है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।