{"_id":"62965e2347039670de2d7353","slug":"40-thousand-students-from-class-9-to-12-did-not-give-email-id-faizabad-news-lko633151530","type":"story","status":"publish","title_hn":"कक्षा-9 से 12 तक के 40 हजार छात्रों ने नहीं दी ईमेल आईडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कक्षा-9 से 12 तक के 40 हजार छात्रों ने नहीं दी ईमेल आईडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले में अध्ययनरत कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों की ई मेल आईडी एकत्र कराई जा रही है। इसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षार्थियों को उनके ई मेल पर परीक्षा परिणाम देने के साथ विभाग की नई व संचालित योजनाओं की जानकारी देना है। अयोध्या जनपद के 1.60 लाख विद्यार्थियों में से 1.20 विद्यार्थियों की ई मेल आईडी फीड हो गई है।
जबकि अंतिम तिथि 31 मई तक कक्षा-9 से 12 तक के 40 हजार विद्यार्थियों की ई मेल आईडी फीड नहीं हो सकी है। फिलहाल विभाग ने शेष विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड कराने के लिए दो दिन का समय और दिया है। इस बार शासन ने कक्षा 9 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों की ईमेल आईडी ऑनलाइन फीड करने के निर्देश दिए थे।
यह कार्रवाई प्रत्येक विद्यालय को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की करनी है। इसके लिए जिले में 1.60 लाख विद्यार्थियों की फीडिंग होनी थी। जिले में 1.20 विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड हो पाई है, जबकि के प्रधानाचार्यों की लापरवाही के चलते 40 हजार विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक करीब एक सप्ताह से विभिन्न माध्यमों से मैसेज करके जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा-9 से 12 तक विद्यार्थियों की ईमेल आईडी बनवाकर संबंधित वेबसाइट पर फीड कराने का निर्देश दे रहे हैं।
इसमें सहयोग न करने पर उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी। इसके बावजूद शत प्रतिशत विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड नहीं कराई जा सकी। इसका प्रमुख कारण विद्यालय बंद होना सामने आ रहा है।
इसके चलते कक्षा-10 व 12 के बोर्ड परीक्षार्थियों को उनका रिजल्ट उनके ई मेल आईडी पर मिलना संभव नहीं लग रहा है। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि इसके लिए दो दिन का समय और दिया गया है।
शेष विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड न होने पर संबंधित प्रधानाचार्यों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस बार प्रत्येक विद्यालय को अपनी वेबसाइट बनाने के भी निर्देश हैं। इस वेबसाइट को माध्यमिक शिक्षा विभाग के संबंधित वेबसाइट पर लोड कराना है।
साथ ही प्रत्येक विद्यालयों को अपना वेब पेज भी बनाना होगा। कॉलेज प्रबंधन माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना पेज तैयार करेंगे। साथ ही विद्यालय की पांच फोटो अपलोड करेंगे। अगर इसमें विद्यालय लापरवाही बरतेंगे तो माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उन पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
जबकि अंतिम तिथि 31 मई तक कक्षा-9 से 12 तक के 40 हजार विद्यार्थियों की ई मेल आईडी फीड नहीं हो सकी है। फिलहाल विभाग ने शेष विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड कराने के लिए दो दिन का समय और दिया है। इस बार शासन ने कक्षा 9 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों की ईमेल आईडी ऑनलाइन फीड करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
यह कार्रवाई प्रत्येक विद्यालय को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की करनी है। इसके लिए जिले में 1.60 लाख विद्यार्थियों की फीडिंग होनी थी। जिले में 1.20 विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड हो पाई है, जबकि के प्रधानाचार्यों की लापरवाही के चलते 40 हजार विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक करीब एक सप्ताह से विभिन्न माध्यमों से मैसेज करके जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा-9 से 12 तक विद्यार्थियों की ईमेल आईडी बनवाकर संबंधित वेबसाइट पर फीड कराने का निर्देश दे रहे हैं।
इसमें सहयोग न करने पर उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी। इसके बावजूद शत प्रतिशत विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड नहीं कराई जा सकी। इसका प्रमुख कारण विद्यालय बंद होना सामने आ रहा है।
इसके चलते कक्षा-10 व 12 के बोर्ड परीक्षार्थियों को उनका रिजल्ट उनके ई मेल आईडी पर मिलना संभव नहीं लग रहा है। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि इसके लिए दो दिन का समय और दिया गया है।
शेष विद्यार्थियों की ईमेल आईडी फीड न होने पर संबंधित प्रधानाचार्यों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस बार प्रत्येक विद्यालय को अपनी वेबसाइट बनाने के भी निर्देश हैं। इस वेबसाइट को माध्यमिक शिक्षा विभाग के संबंधित वेबसाइट पर लोड कराना है।
साथ ही प्रत्येक विद्यालयों को अपना वेब पेज भी बनाना होगा। कॉलेज प्रबंधन माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना पेज तैयार करेंगे। साथ ही विद्यालय की पांच फोटो अपलोड करेंगे। अगर इसमें विद्यालय लापरवाही बरतेंगे तो माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उन पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।