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114 स्कूलों में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे 40 हजार नौनिहाल

Tue, 28 Jun 2022 12:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2022 12:03 AM IST
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40 thousand children studying in 114 schools sitting on sackcloth
अयोध्या। मिशन कायाकल्प के तहत कराए जा रहे कार्यों में अभी जनपद शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सका है। इसके चलते जिले के 114 परिषदीय स्कूलों में अभी भी करीब 40 हजार बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
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जबकि शासन ने ग्रीष्मावकाश के दौरान ही सभी स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मिशन कायाकल्प के अंतर्गत जिले के 1797 परिषदीय विद्यालयों में करीब 86 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया जा चुका है।
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इसके तहत जिले के 1018 स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था भी की जानी थी। जिसमें 904 स्कूलों में फर्नीचर व्यवस्था की जा चुकी है। इसमें सबसे बुरा हाल अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र का है। यहां कुल 181 परिषदीय विद्यालयों में कुल 23611 बच्चे नामांकित हैं।
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लगभग 17000 बच्चे प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत है और प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था न के बराबर है। ऐसे में यह बच्चे जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं।
दूसरा नंबर तारुन ब्लॉक का है। यहां के कुल 165 विद्यालयों में से 128 विद्यालयों में सीट बेंच है। 37 विद्यालयों में अभी तक इसका इंतजाम नहीं हो पाया है। जबकि शेष नौ शिक्षा क्षेत्र में फर्नीचर के इंतजाम किए जा चुके हैं।
अमानीगंज के खंड शिक्षा अधिकारी पंकज मिश्रा ने बताया कि अधिकांश प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। कायाकल्प योजना के अंतर्गत फर्नीचर की व्यवस्था करने का बिंदु है, धन उपलब्ध होने पर फर्नीचर की व्यवस्था कराई जाएगी।
मिशन कायाकल्प के तहत 1797 परिषदीय स्कूलों में 19 बिंदुओं पर कार्य कराया जा रहा है। इसमें शुद्ध पेयजल, लड़कों व लड़कियों का शौचालय, इसमें टाइल्स व पानी की व्यवस्था, हैंडवॉश के इंतजाम, क्लास रूम के फर्श पर टाइल्स, ब्लैकबोर्ड, किचन शेड, स्कूल की रंगाई पुताई, रैंप व रेलिंग निर्माण, विद्युतीकरण, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल व गेट समेत अन्य शामिल हैं।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 13 जून तक 1781 विद्यालयों में से 1780 में पेयजल की व्यवस्था, 1714 स्कूलों में से 1682 में लड़कों के लिए शौचालय, 1723 स्कूलों में 1697 में लड़कियों के लिए शौचालय, 1772 स्कूलों में से 1771 में हैंडवॉश, 1559 स्कूलों में 1520 स्कूल में क्लास रूम में फर्श, 1782 स्कूलों में से 1778 में ब्लैक बोर्ड, 1767 स्कूलों में से 1765 स्कूलों में रैंप व रेलिंग का निर्माण, 1774 स्कूलों में से 1764 स्कूलों का रंग-रोशन, 1724 स्कूल में से 1724 स्कूलों का विद्युतीकरण, 1524 स्कूलों में से 1516 स्कूलों में बाउंड्रीवाल व गेट का निर्माण कराया जा चुका है।

मिशन कायाकल्प के तहत 19 बिंदुओं पर 86 प्रतिशत कार्य पूर्ण करा लिया गया है। शेष कार्य अगस्त 2022 तक पूरा हो जाएगा। इसमें फर्नीचर की व्यवस्था को प्रमुखता से पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है।- संतोष देव पांडेय, बीएसए अयोध्या।
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