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विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में शामिल होंगे 300 संत
Wed, 04 Nov 2020 07:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 07:11 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद देश के शीर्ष संतों के साथ बैठक करने जा रही है। 10 व 11 नवंबर को नई दिल्ली में होने जा रही विहिप के केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में देश के 300 संतों को बुलाया गया है। अयोध्या से भी करीब 24 संत इस बैठक में हिस्सा लेंगें। बैठक में राममंदिर सहित मथुरा व काशी के मुद्दे पर भी संतों के साथ चर्चा होगी। साथ ही राममंदिर निर्माण के लिए जनमानस से आर्थिक सहयोग लेने की भी रणनीति बनेगी।
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बताते चलें कि पांच अगस्त को नरेंद्र मोदी के हाथों हुए राममंदिर के भूमिपूजन में 50 संत अयोध्या के और करीब 100 संत देश के अन्य स्थानों से आमंत्रित किए गए थे। भूमि पूजन के दौरान कोरोना गाइडलाइन के चलते बहुत से संतों को आमंत्रित नहीं किया गया था जिसको लेकर संतों में नाराजगी है। केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक के बहाने विहिप संतों को एकत्रित कर उन्हें मनाने की भी कोशिश करेगी।
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विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में तीन प्रमुख बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा होगी। पहला प्रमुख विषय राम मंदिर निर्माण के लिए पूरे देश के हिंदू जनमानस को अयोध्या से जोड़ना और आर्थिक सहयोग कैसे प्राप्त हो इस पर चर्चा होगी। इसके अलावा 70 एकड़ भूमि की भव्यता के साथ ही मथुरा और काशी के लिए क्या रणनीति बनाया जाए इस पर भी संत समाज चर्चा करेगा।
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विहिप के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी का कहना है कि वर्ष में दो बार केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक हुआ करती है। इसमें देश के प्रमुख संत इस बैठक में शामिल होते हैं। अबकी बार यह बैठक दिल्ली में आयोजित की जा रही है। जिसमें करीब 300 संत शामिल होंगे । यह बैठक 10 नवंबर को दोपहर में शुरू होगी और 11 नवंबर तक यह बैठक चलेगी । दो दिवसीय बैठक में तीन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा होगी। जिसमें राम मंदिर निर्माण, संपूर्ण 70 एकड़ भूमि को विकसित करने का प्लान और मथुरा और काशी विषय पर संतों की क्या राय है यह जानने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या के करीब दो दर्जन संत भी इस बैठक में शामिल होंगे।
राममंदिर निर्माण के लिए रामघाट स्थित कार्यशाला में तराश कर रखे गए पत्थरों की सफाई के लिए अब दूसरी कंपनी टेस्टिंग दे रही है। इससे पूर्व अहमदाबाद की कंपनी केएलए कंस्ट्रक्शन ने करीब एक माह तक परिसर में रखे पत्थरों की सफाई की थी, लेकिन उन्हें ट्रस्ट की ओर से ठेका नहीं दिया गया। रविवार को राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा ने कार्यशाला का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि अब दूसरी कंपनी एमएमसी पत्थरों केे सफाई करेगी, जो कि सूरत की कंपनी है। एमएमसी ने सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि एमएमसी को ही पत्थरों की सफाई का ठेका दिया जा सकता है। बतातें चलें कि करीब तीस वर्षों से खुले आसमान में रखे होने के कारण राममंदिर के पहली मंजिल के पत्थरों मे काई जम गयी है वे बदरंग हो गए हैं। इन्हें राममंदिर निर्माण में प्रयुक्त होने लायक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।