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स्वाइन फ्लू से निपटने को दो वार्ड रिजर्व, टीम बनीं

Thu, 03 Aug 2017 11:46 PM IST
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:46 PM IST
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स्वाइन फ्लू से निपटने को दो वार्ड रिजर्व, टीम बनीं
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, निगरानी कर रही विशेषज्ञों की टीम
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फैजाबाद। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। विभाग द्वारा आरआरटी का गठन कर स्वाइन फ्लू से बचने के लिए लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसकी निगरानी के लिए क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तेजी से कार्य कर रही हैं। हालांकि अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। सभी सीएचसी व पीएचसी पर भी इसका इलाज उपलब्ध है। जिला अस्पताल और मंडलीय चिकित्सालय में इसके लिए एक-एक वार्ड आरक्षित किया गया है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए किट, मार्क्स, दवा आदि उपलब्ध है। एसीएमओ डॉ. सीबी द्विवेदी के नेतृत्व में स्वाइन फ्लू की निगरानी के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। टीम में एक फिजीशियन, एक पैथोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ व विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं। इनसे संपर्क के लिए स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम के नंबर 05278-224952 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके बाद ये टीम संबंधित स्थल पर जाकर मरीज की जांच के बाद समुचित इलाज कराएगी। फिलहाल जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू की चपेट में किसी के भी आने की जानकारी नहीं है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण यूं तो सामान्य जुकाम जैसे ही हैं, परंतु इससे 100 डिग्री तक बुखार आता है, भूख कम हो जाती है और नाक से पानी बहता है। कुछ लोगों को गले में जलन, उल्टी व डायरिया भी हो जाता है। जिस किसी को भी स्वाइन फ्लू होता है, उसमें उपरोक्त लक्षणों में से कम से कम तीन लक्षण तो जरूर दिखते हैं।
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ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू का इंफेक्शन इंसान से इंसान को होता है। जब कोई स्वाइन फ्लू का मरीज छींकता है तो उसके आसपास तीन फीट की दूर तक खडे़ व्यक्तियों के शरीर में स्वाइन फ्लू का वाइरस प्रवेश कर जाता है। यदि कोई व्यक्ति छींकते समय नाक को हाथ से ढंक लेता है, तो वह जहां भी उस हाथ को लगाता है, ये वाइरस लग जाता है।
ऐसे करें बचाव
छींकते समय टिश्यू पेपर से नाक को ढकें, भीड़भाड़ वाले स्थान से बचें, हाथों को साबुन से धोते रहें, जुकाम होने पर घर से बाहर व दूसरों के नजदीक ना जाएं। यदि बुखार हो तो ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें, लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाड्रेशन न हो, संभव हो तो फेसमास्क पहनें।

स्वाइन फ्लू की दवाओं का आर्डर दिया गया है, स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहले से ही लोगों को बचाव की जानकारी दे रही हैं। सभी सरकारी अस्पतालों व जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है।

-डॉ. सीबी द्विवेदी, एसीएमओ

अस्पताल के कर्मचारियों को दिसंबर में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाई गई है। प्रचुर मात्रा में इसकी दवा, किट, मास्क आदि उपलब्ध हैं। एक वार्ड भी संक्रामक रोगियों के लिए आरक्षित किया गया है। हालांकि जिले में स्वाइन फ्लू का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
-डॉ. हरिओम श्रीवास्तव, सीएमएस जिला अस्पताल
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