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भुगतान में लापरवाही पर लेखाकारों का रोका वेतन
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:19 AM IST
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श्रमिकों के भुगतान न होने को लेकर जवाब तलब
फैजाबाद। मनरेगा में अकुशल श्रमिकों के भुगतान में लापरवाही बरती गई। वित्तीय साल समाप्त होने के बाद भी बकाए का भुगतान नहीं किया गया। सीडीओ ने लापरवाही के आरोप में विकासखंड के लेखाकारों का जुलाई माह का वेतन रोक दिया है। इनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
मनरेगा की परियोजनाओं पर काम करने वाले श्रमिकों के वेतन का भुगतान पखवारे भर के भीतर किए जाने की व्यवस्था है लेकिन जिले में पिछले वित्तीय साल 2016-17 के लंबित भुगतान को भी नहीं किया गया।
पिछली 13 जुलाई को सीडीओ रवीश गुप्ता ने मनरेगा की वेबसाइट का अवलोकन किया तो पता चला कि बीकापुर में 1.92 लाख, हैरिंग्टनगंज में 5.34 लाख रुपये के साथ ही सभी विकासखंडों में श्रमिकों का लाखों रुपये बकाया है।
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खास बात यह भी है कि आए दिन होने वाली मनरेगा की बैठकों में श्रमिकों के समय से भुगतान के निर्देश दिए जाते हैं लेकिन वित्तीय साल बीतने के साढ़े तीन माह बाद भी मजदूरों के बकाए का भुगतान नहीं किया गया। सीडीओ ने ब्लॉकों में तैनात लेखाकारों से स्पष्टीकरण तलब किया।
जुलाई का वेतन आहरण अग्रिम आदेशों तक रोक दिया। मजदूरों का शत-प्रतिशत भुगतान करते हुए इसका प्रमाण पत्र देने के लिए निर्देश दिया है। उपायुक्त मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी ने बताया कि सीडीओ ने जांच के बाद श्रमिकों के भुगतान में लापरवाही के आरोप में लेखाकारों का जुलाई का वेतन रोक दिया है।
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फैजाबाद। मनरेगा में अकुशल श्रमिकों के भुगतान में लापरवाही बरती गई। वित्तीय साल समाप्त होने के बाद भी बकाए का भुगतान नहीं किया गया। सीडीओ ने लापरवाही के आरोप में विकासखंड के लेखाकारों का जुलाई माह का वेतन रोक दिया है। इनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
मनरेगा की परियोजनाओं पर काम करने वाले श्रमिकों के वेतन का भुगतान पखवारे भर के भीतर किए जाने की व्यवस्था है लेकिन जिले में पिछले वित्तीय साल 2016-17 के लंबित भुगतान को भी नहीं किया गया।
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पिछली 13 जुलाई को सीडीओ रवीश गुप्ता ने मनरेगा की वेबसाइट का अवलोकन किया तो पता चला कि बीकापुर में 1.92 लाख, हैरिंग्टनगंज में 5.34 लाख रुपये के साथ ही सभी विकासखंडों में श्रमिकों का लाखों रुपये बकाया है।
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खास बात यह भी है कि आए दिन होने वाली मनरेगा की बैठकों में श्रमिकों के समय से भुगतान के निर्देश दिए जाते हैं लेकिन वित्तीय साल बीतने के साढ़े तीन माह बाद भी मजदूरों के बकाए का भुगतान नहीं किया गया। सीडीओ ने ब्लॉकों में तैनात लेखाकारों से स्पष्टीकरण तलब किया।
जुलाई का वेतन आहरण अग्रिम आदेशों तक रोक दिया। मजदूरों का शत-प्रतिशत भुगतान करते हुए इसका प्रमाण पत्र देने के लिए निर्देश दिया है। उपायुक्त मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी ने बताया कि सीडीओ ने जांच के बाद श्रमिकों के भुगतान में लापरवाही के आरोप में लेखाकारों का जुलाई का वेतन रोक दिया है।