फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   17 crore sewerage treatment plant on the brink of collapse

17 करोड़ का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ठप होने के कगार पर

Wed, 03 Apr 2019 01:21 AM IST
vivek vivek न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या Published by: vivek vivek Updated Wed, 03 Apr 2019 01:21 AM IST
विज्ञापन
17 crore sewerage treatment plant on the brink of collapse
अयोध्या का सेवरेज ट्रीटमेंट प्लांट। - फोटो : अमर उजाला
रामनगरी में गंदगी और प्रदूषण रोकने को लंबी जद्दोजहद के बाद पांच साल पहले बना एक मात्र 12 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ठप होने के कगार पर है। शासन की ओर से मरम्मत के नाम पर कोई धनराशि जारी नहीं हो रही है। जबकि वर्ष 2018 से पहले तीन वर्षों तक जल निगम ने कुल सात करोड़ रुपये मांग चुका है।
विज्ञापन


अब पिछली धनराशि में इस वर्ष का 3.80 करोड़ जोड़कर मांगें गए हैं। फिर भी कोई धनराशि जारी नहीं हुई है। इससे ट्रीटमेंट प्लांट की हालत दिनों-दिन जर्जर होती जा रही है। यही स्थिति बनी रही तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ठप हो सकता है।
विज्ञापन


सरयू में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अयोध्या में एक सीवर लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ था। प्रथम फेज वर्ष 2000 में अयोध्या शहर में लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से 12 किमी. सीवर लाइन डाली गई थी। इसके यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। वर्ष 2014 में एक बार फिर से सीवर लाइन का विस्तार शुरू किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें 72 करोड़ रुपये की लागत से 56 किमी. सीवर लाइन डालने का काम अभी चल रहा है। 50 किमी. से अधिक सीवर लाइन पूर्ण होने के साथ मैन लाइन से जोड़ी भी जा चुकी है। इसी के साथ अयोध्या शहर में सीवर लाइन के डाले जाने के साथ गंदे पानी को सीधे सरयू में प्रवाहित होने से रोकने के लिए 17 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना भी तय किया गया था।

इसका काम वर्ष 2012 से शुरू होकर वर्ष 2014 में पूर्ण हुआ। इसमें सीवर लाइन को पांच वर्ष पहले ही जोड़ा जा चुका है। इससे पानी री-साइकिल होने के बाद 7 पीएच मान पर सरयू में प्रवाहित होने के साथ खेतों में सिंचाई के काम भी आता है।

 लेकिन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के चलने के साथ मेंटेनेंस का कार्य अधर में लटका हुआ है। टेंडर के अनुसार पहले वर्ष सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के मेंटेनेंस का कार्य कार्यदायी संस्था जीएसजे एंवो लि. नई दिल्ली को देखना था। इसके बाद जल निगम के आश्वासन पर कार्यदायी संस्था लगातार मेंटेनेंस का कार्य देख रही है लेकिन इसके लिए अभी तक शासन से कोई धनराशि जारी नहीं हुई है।

जल निगम की ओर से प्रत्येक वर्ष सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर बजट दिए जाने का पत्र शासन को भेजा जाता है लेकिन पिछले चार वर्षों में कोई बजट का अलॉटमेंट नहीं हो पाया है। इससे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मशीनरी का रखरखाव, केमिस्ट, सेंपंलिंग , बिजली सहित कई अन्य कार्य अधर में लटके हुए हैं।

अभी कुछ माह पूर्व सरयू को प्रदूषण मुक्त किए जाने के क्रम में अयोध्या के नालों को 17 करोड़ रुपये की लागत से नामामि गंगे योजना के तहत ट्रैप करने की योजना बनी है। इस नालों का समस्त गंदा पानी कांशीराम स्थित 12 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को भेजा जाना है। अगर मेंटनेंस की यही स्थिति रही तो नाला ट्रैप योजना पर प्रभाव पड़ना तय है।


जलनिगम, नगर इकाई, अयोध्या के परियोजना प्रबंधक एसके सिंह ने बताया कि कांशीराम कॉलोनी में स्थित 12 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य बजट के अभाव में प्रभावित है। तीन वर्षों में मेंटेनेंस के नाम पर शासन से 7 करोड़ रुपये मांगे गए हैं लेकिन अभी तक कोई धनराशि शासन की ओर से आवंटित नहीं की गई है। इस वर्ष भी 3.8 करोड़ रुपये मेंटेनेंस के लिए शासन से मांगे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed