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हटाए जाएंगे दूसरे अस्पतालों में संबद्ध डॉक्टर
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अयोध्या। जिले के विभिन्न अस्पतालों में सुविधानुसार संबद्धता से काम चला रहे चिकित्सकों को हटाने का फरमान जारी हुआ है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के तीन अस्पतालों में संबद्ध नौ चिकित्सकों को चिह्नित कर उनके रिलीविंग की कार्रवाई की जा रही है। जिला महिला अस्पताल में सर्वाधिक पांच चिकित्सक संबद्ध हैं, जिनके स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 13 जून को प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान विभिन्न अस्पतालों में वर्षों से संबद्ध चिकित्सकों का मूल पद पर स्थानांतरण करने का फरमान जारी किया था।
बीते 14 जून को इस आशय का लिखित आदेश भी सभी अस्पतालों में पहुंच गया है। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. राजेंद्र कपूर की ओर से जारी आदेश में उल्लेख है कि सभी अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी आदि पर संबद्ध चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से मूल तैनाती स्थल पर वापस कर दिया जाय, ऐसा न करने पर संबंधित नियंत्रक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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आदेश प्राप्त होते ही अस्पतालों में चिकित्सकों के चिह्नांकन की कार्रवाई शुरू हुई है। जिला अस्पताल में दो चिकित्सक संबद्ध किए गए हैं। जिनमें एक सीएमओ के अधीन बाल रोग विशेषज्ञ व दूसरे जनरल सर्जन हैं।
राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक राय व दंत चिकित्सक डॉ. मयंक पांडेय अन्यत्र से संबद्ध हैं, जिनके रिलीविंग की कार्रवाई शनिवार को ही सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने कर दिया है। संबद्ध चिकित्सकों की सर्वाधिक संख्या जिला महिला अस्पताल में हैं।
यहां पांच चिकित्सकों को संबद्ध किया गया है। जिसमें एनेस्थीसिया डॉ. विजय सिंह को रुदौली सीएचसी से, डॉ. एसएम कुरैशी को अमेठी से, डॉ. मिथिलेश भारती को जिला अस्पताल, डॉ. सबा को सीएचसी सोहावल से, लैब टेक्रीशियन धर्मेंद्र मिश्रा को जिला अस्पताल से यहां संबद्ध किया गया है।
सप्ताह में दो दिन के लिए एनेस्थीसिया डॉ. शील त्रिपाठी को टीबी क्लीनिक से सीएमओ द्वारा अटैच किया गया है, लेकिन उनकी उपस्थिति भी महिला अस्पताल में नहीं होती है।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दोपहर एक बजे के बाद टीबी क्लीनिक की ओपीडी निपटाने के बाद डॉ. शील त्रिपाठी ऑन कॉल रहते हैं। हालांकि सभी चिकित्सकों को रिलीव करने की कार्रवाई की जा रही है।
-जिले के किसी भी अस्पताल में संबद्ध सभी चिकित्सकों को उनके तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त हुआ था, जिसके क्रम में सभी अस्पतालों को आदेशित किया गया है। आदेश का अनुपालन न करने पर संबंधित नियंत्रक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. राजेंद्र कपूर, अपर निदेशक, अयोध्या मंडल
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के तीन अस्पतालों में संबद्ध नौ चिकित्सकों को चिह्नित कर उनके रिलीविंग की कार्रवाई की जा रही है। जिला महिला अस्पताल में सर्वाधिक पांच चिकित्सक संबद्ध हैं, जिनके स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 13 जून को प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान विभिन्न अस्पतालों में वर्षों से संबद्ध चिकित्सकों का मूल पद पर स्थानांतरण करने का फरमान जारी किया था।
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बीते 14 जून को इस आशय का लिखित आदेश भी सभी अस्पतालों में पहुंच गया है। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. राजेंद्र कपूर की ओर से जारी आदेश में उल्लेख है कि सभी अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी आदि पर संबद्ध चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से मूल तैनाती स्थल पर वापस कर दिया जाय, ऐसा न करने पर संबंधित नियंत्रक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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आदेश प्राप्त होते ही अस्पतालों में चिकित्सकों के चिह्नांकन की कार्रवाई शुरू हुई है। जिला अस्पताल में दो चिकित्सक संबद्ध किए गए हैं। जिनमें एक सीएमओ के अधीन बाल रोग विशेषज्ञ व दूसरे जनरल सर्जन हैं।
राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक राय व दंत चिकित्सक डॉ. मयंक पांडेय अन्यत्र से संबद्ध हैं, जिनके रिलीविंग की कार्रवाई शनिवार को ही सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने कर दिया है। संबद्ध चिकित्सकों की सर्वाधिक संख्या जिला महिला अस्पताल में हैं।
यहां पांच चिकित्सकों को संबद्ध किया गया है। जिसमें एनेस्थीसिया डॉ. विजय सिंह को रुदौली सीएचसी से, डॉ. एसएम कुरैशी को अमेठी से, डॉ. मिथिलेश भारती को जिला अस्पताल, डॉ. सबा को सीएचसी सोहावल से, लैब टेक्रीशियन धर्मेंद्र मिश्रा को जिला अस्पताल से यहां संबद्ध किया गया है।
सप्ताह में दो दिन के लिए एनेस्थीसिया डॉ. शील त्रिपाठी को टीबी क्लीनिक से सीएमओ द्वारा अटैच किया गया है, लेकिन उनकी उपस्थिति भी महिला अस्पताल में नहीं होती है।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दोपहर एक बजे के बाद टीबी क्लीनिक की ओपीडी निपटाने के बाद डॉ. शील त्रिपाठी ऑन कॉल रहते हैं। हालांकि सभी चिकित्सकों को रिलीव करने की कार्रवाई की जा रही है।
-जिले के किसी भी अस्पताल में संबद्ध सभी चिकित्सकों को उनके तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त हुआ था, जिसके क्रम में सभी अस्पतालों को आदेशित किया गया है। आदेश का अनुपालन न करने पर संबंधित नियंत्रक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. राजेंद्र कपूर, अपर निदेशक, अयोध्या मंडल