{"_id":"5ba3e85a867a557feb4e2e16","slug":"151537468506-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"55 देशों से 5 हजार प्रवासी भारतीय आएंगे अयोध्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
55 देशों से 5 हजार प्रवासी भारतीय आएंगे अयोध्या
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
55 देशों से 5 हजार प्रवासी भारतीय आएंगे अयोध्या
अयोध्या। अगले वर्ष जनवरी माह में लगने वाले प्रयाग कुंभ में शामिल होने वाले 55 देशों से लगभग पांच हजार प्रवासी भारतीय रामनगरी अयोध्या भी पहुंचेंगे। प्रवासी भारतीय अयोध्या आकर सरयू स्नान करेंगे। इसके बाद रामलला सहित अन्य मंदिरों का दर्शन-पूजन भी करेंगे।
अयोध्या आने वाले इन प्रवासी भारतीयों का भव्य स्वागत भी किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद ने इसकी तैयार शुरू कर दी है। जनवरी 2019 में लगने वाले प्रयाग कुंभ में प्रवासी भारतीयों का जमावड़ा होगा।
प्रयाग आने वाले 55 देशों से लगभग पांच हजार प्रवासी भारतीय अयोध्या भी आएंगे और सरयू स्नान कर रामलला समेत कनकभवन, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ, मणिरामदास की छावनी आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे।
विज्ञापन
प्रवासी भारतीयों को रामजन्मभूमि की कार्यशाला भी ले जाया जाएगा। जहां वह राममंदिर के लिए तराशे जा रहे पत्थरों का अवलोकन करेंगे। साथ ही उन्हें राममंदिर निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। विहिप के विदेश विभाग द्वारा प्रवासी भारतीयों को अधिक से अधिक संख्या में अयोध्या लाने के लिए संपर्क अभियान भी शुरू कर दिया गया है।
विश्व हिंदू परिषद का संगठन भारत ही नहीं बल्कि विश्व के 55 देशों में सक्रिय है। संगठन का विदेश विभाग प्रवासी भारतीयों को उनकी संस्कृति से जोड़े रखने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम भी करता है।
नेपाल, भूटान, नीदरलैंड, वेस्टइंडीज, अमेरिका, जापान, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, मारीशस आदि देशों में विहिप का संगठन सक्रिय रूप से काम करता है। कुंभ में आने वाले प्रवासी भारतीयों को अयोध्या आने के लिए भी विहिप का विदेश विभाग प्रेरित कर रहा है।
अयोध्या आने वाले प्रवासी भारतीयों का रामनगरी पहुंचने पर विहिप के संयोजन में भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा एक स्वागत समिति का भी गठन किया जा रहा है।
जो प्रवासी भारतीयों को हर संभव सुविधा मुहैया कराते हुए उनके दर्शन-पूजन, प्रवास की व्यवस्था करेगी। वापस जाते समय प्रवासी भारतीयों को प्रसाद स्वरूप सरयू जल प्रदान किया जाएगा।
साथ ही अयोध्या की गौरव गाथा एवं रामजन्मभूमि आंदोलन की कहानी वाली पुस्तकें भी भेंट की जाएंगी। विहिप द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर मॉडल के चित्र भी प्रवासी भारतीयों को प्रदान किए जाएंगे, ताकि उन्हें राममंदिर के आंदोलन एवं अयोध्या के गौरवमयी इतिहास का भान रहे।
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि 11 जुलाई को 20 देशों के करीब 150 प्रवासी भारतीय अयोध्या पहुंचे थे और रामलला सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया था।
प्रवासी भारतीयों ने तब कहा था कि अयोध्या में राममंदिर की कमी अखरती है। बड़ी संख्या में प्रवासी राममंदिर निर्माण में योगदान देने को भी आतुर हैं। प्रवासी भारतीयों को रामनगरी की धार्मिक आभा से रू-ब-रू कराने के साथ ही राममंदिर के लिए विहिप ने जो आंदोलन छेड़ रखा है।
वह किस दिशा में जा रहा है तथा मंदिर निर्माण की कितनी तैयारी है, इससे भी जनवरी में अयोध्या आने वाले 55 देशों से लगभग पांच हजार प्रवासियों को अवगत कराया जाएगा। अयोध्या में उनके भव्य स्वागत के लिए समिति गठित की जा रही है।
विज्ञापन
अयोध्या। अगले वर्ष जनवरी माह में लगने वाले प्रयाग कुंभ में शामिल होने वाले 55 देशों से लगभग पांच हजार प्रवासी भारतीय रामनगरी अयोध्या भी पहुंचेंगे। प्रवासी भारतीय अयोध्या आकर सरयू स्नान करेंगे। इसके बाद रामलला सहित अन्य मंदिरों का दर्शन-पूजन भी करेंगे।
अयोध्या आने वाले इन प्रवासी भारतीयों का भव्य स्वागत भी किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद ने इसकी तैयार शुरू कर दी है। जनवरी 2019 में लगने वाले प्रयाग कुंभ में प्रवासी भारतीयों का जमावड़ा होगा।
विज्ञापन
प्रयाग आने वाले 55 देशों से लगभग पांच हजार प्रवासी भारतीय अयोध्या भी आएंगे और सरयू स्नान कर रामलला समेत कनकभवन, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ, मणिरामदास की छावनी आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे।
विज्ञापन
प्रवासी भारतीयों को रामजन्मभूमि की कार्यशाला भी ले जाया जाएगा। जहां वह राममंदिर के लिए तराशे जा रहे पत्थरों का अवलोकन करेंगे। साथ ही उन्हें राममंदिर निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। विहिप के विदेश विभाग द्वारा प्रवासी भारतीयों को अधिक से अधिक संख्या में अयोध्या लाने के लिए संपर्क अभियान भी शुरू कर दिया गया है।
विश्व हिंदू परिषद का संगठन भारत ही नहीं बल्कि विश्व के 55 देशों में सक्रिय है। संगठन का विदेश विभाग प्रवासी भारतीयों को उनकी संस्कृति से जोड़े रखने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम भी करता है।
नेपाल, भूटान, नीदरलैंड, वेस्टइंडीज, अमेरिका, जापान, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, मारीशस आदि देशों में विहिप का संगठन सक्रिय रूप से काम करता है। कुंभ में आने वाले प्रवासी भारतीयों को अयोध्या आने के लिए भी विहिप का विदेश विभाग प्रेरित कर रहा है।
अयोध्या आने वाले प्रवासी भारतीयों का रामनगरी पहुंचने पर विहिप के संयोजन में भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा एक स्वागत समिति का भी गठन किया जा रहा है।
जो प्रवासी भारतीयों को हर संभव सुविधा मुहैया कराते हुए उनके दर्शन-पूजन, प्रवास की व्यवस्था करेगी। वापस जाते समय प्रवासी भारतीयों को प्रसाद स्वरूप सरयू जल प्रदान किया जाएगा।
साथ ही अयोध्या की गौरव गाथा एवं रामजन्मभूमि आंदोलन की कहानी वाली पुस्तकें भी भेंट की जाएंगी। विहिप द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर मॉडल के चित्र भी प्रवासी भारतीयों को प्रदान किए जाएंगे, ताकि उन्हें राममंदिर के आंदोलन एवं अयोध्या के गौरवमयी इतिहास का भान रहे।
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि 11 जुलाई को 20 देशों के करीब 150 प्रवासी भारतीय अयोध्या पहुंचे थे और रामलला सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया था।
प्रवासी भारतीयों ने तब कहा था कि अयोध्या में राममंदिर की कमी अखरती है। बड़ी संख्या में प्रवासी राममंदिर निर्माण में योगदान देने को भी आतुर हैं। प्रवासी भारतीयों को रामनगरी की धार्मिक आभा से रू-ब-रू कराने के साथ ही राममंदिर के लिए विहिप ने जो आंदोलन छेड़ रखा है।
वह किस दिशा में जा रहा है तथा मंदिर निर्माण की कितनी तैयारी है, इससे भी जनवरी में अयोध्या आने वाले 55 देशों से लगभग पांच हजार प्रवासियों को अवगत कराया जाएगा। अयोध्या में उनके भव्य स्वागत के लिए समिति गठित की जा रही है।