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पेट्रोलियम पदार्थ की महंगाई के पीछे कांग्रेस: रामनाईक
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:06 AM IST
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पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई के पीछे कांग्रेस : रामनाईक
फैजाबाद। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगी आग के लिए राज्यपाल रामनाईक ने कांग्रेस की पिछली दो सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। अटल सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहे राम नाईक ने कहा कि मेरे कार्यकाल में दाम कम करने के लिए एथेनॉल मिलाने की नीति बनी थी लेकिन बाद की सरकारों ने इसे नकार दिया।
नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वाजपेयी सरकार में पेट्रोल में गन्ने के शीरे से बना एथेनॉल मिलाने का काम शुरू हुआ था। पहले पांच प्रतिशत व बाद में 10 प्रतिशत एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता था, इससे किसानों को शीरे का उचित मूल्य मिलने लगा था और पेट्रोल की कीमत में कमी आई थी।
लेकिन वर्ष 2004 के बाद आई दो सरकारों ने उस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया। अब मौजूदा केंद्र सरकार ने फिर से इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुुरू किया है। इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि डीजल व पेट्रोल के बढ़ते मूल्य अंतरराष्ट्रीय समस्या है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम के आधार पर ही भाव तय होता है।
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डीजल व पेट्रोल के बढ़ते मूल्य एक बड़ी समस्या है। इसके लिए विकल्प तलाशने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने आरक्षण को लेकर भारत बंद को राजनैतिक विषय बताते हुए इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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फैजाबाद। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगी आग के लिए राज्यपाल रामनाईक ने कांग्रेस की पिछली दो सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। अटल सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहे राम नाईक ने कहा कि मेरे कार्यकाल में दाम कम करने के लिए एथेनॉल मिलाने की नीति बनी थी लेकिन बाद की सरकारों ने इसे नकार दिया।
नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वाजपेयी सरकार में पेट्रोल में गन्ने के शीरे से बना एथेनॉल मिलाने का काम शुरू हुआ था। पहले पांच प्रतिशत व बाद में 10 प्रतिशत एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता था, इससे किसानों को शीरे का उचित मूल्य मिलने लगा था और पेट्रोल की कीमत में कमी आई थी।
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लेकिन वर्ष 2004 के बाद आई दो सरकारों ने उस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया। अब मौजूदा केंद्र सरकार ने फिर से इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुुरू किया है। इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि डीजल व पेट्रोल के बढ़ते मूल्य अंतरराष्ट्रीय समस्या है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम के आधार पर ही भाव तय होता है।
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डीजल व पेट्रोल के बढ़ते मूल्य एक बड़ी समस्या है। इसके लिए विकल्प तलाशने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने आरक्षण को लेकर भारत बंद को राजनैतिक विषय बताते हुए इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।