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लाउडस्पीकर की अनुमति न मिलने पर बनी तू-तू, मैं-मै की नौबत
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:04 PM IST
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लाउडस्पीकर की अनुमति न मिलने पर एसडीएम व वकील में तू-तू, मैं-मैं
- अनुमति को लेकर पखवारे भर से दौड़ रहा था आवेदक
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। धार्मिक समारोह में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति को लेकर बीते एक पखवारे से दौड़ रहे आवेदक के वकील और एसडीएम सदर के बीच शनिवार को जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। बड़ी संख्या में पहुंचे वकीलों व अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। बाद में एसडीएम ने लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी। वहीं, दोनों पक्ष ने एक दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
थाना पूराकलंदर अंतर्गत गांव मलिकपुर पूरे सदा पाठक निवासी राम अंजोर पाठक ने 20 से 27 फरवरी तक घर पर होने वाले एक धार्मिक समारोह के लिए लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति के लिए नौ फरवरी को ही आवेदन किया था। थाना व सीओ कार्यालय से आख्या लगने के बाद भी एसडीएम द्वारा अनुमति नहीं दी गई। शनिवार को आवेदक अपने वकील के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचा। वकील आरपी पाठक के अनुसार अनुमति न मिलने का कारण पूछने पर संबंधित तहसीलकर्मी नाराज हो गया। सूचना पर यहां पहुंचे एसडीएम भी बगैर जानकारी लिए नाराज हो गए और उनसे अभद्रता करने लगे। उन्होंने इसकी जानकारी बार अध्यक्ष को दी। जानकारी मिलते ही बार अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय, उपाध्यक्ष सुधांशु बाजपेई व महामंत्री आलोक खरे समेत सैकड़ों की संख्या में वकील तहसील पहुंच गए। पखवारे भर से अनुमति न दिए जाने को लेकर तहसील प्रशासन की किरकिरी शुरू हो गई। फिलहाल अफसरों और बार के पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया तो मौके की नजाकत को भांपते हुए एसडीएम सदर मधुसूदन नागराज ने भी अनुमति देकर अपना पीछा छुड़ाया। उन्होंने वकील पर अभद्रता का आरोप भी लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट छोटे लाल मिश्र ने बताया कि लाउडस्पीकर की अनुमति को लेकर मिस अंडर स्टैंडिंग थी, जिसे बाद में सुलझा लिया गया।
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- अनुमति को लेकर पखवारे भर से दौड़ रहा था आवेदक
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। धार्मिक समारोह में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति को लेकर बीते एक पखवारे से दौड़ रहे आवेदक के वकील और एसडीएम सदर के बीच शनिवार को जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। बड़ी संख्या में पहुंचे वकीलों व अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। बाद में एसडीएम ने लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी। वहीं, दोनों पक्ष ने एक दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
थाना पूराकलंदर अंतर्गत गांव मलिकपुर पूरे सदा पाठक निवासी राम अंजोर पाठक ने 20 से 27 फरवरी तक घर पर होने वाले एक धार्मिक समारोह के लिए लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति के लिए नौ फरवरी को ही आवेदन किया था। थाना व सीओ कार्यालय से आख्या लगने के बाद भी एसडीएम द्वारा अनुमति नहीं दी गई। शनिवार को आवेदक अपने वकील के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचा। वकील आरपी पाठक के अनुसार अनुमति न मिलने का कारण पूछने पर संबंधित तहसीलकर्मी नाराज हो गया। सूचना पर यहां पहुंचे एसडीएम भी बगैर जानकारी लिए नाराज हो गए और उनसे अभद्रता करने लगे। उन्होंने इसकी जानकारी बार अध्यक्ष को दी। जानकारी मिलते ही बार अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय, उपाध्यक्ष सुधांशु बाजपेई व महामंत्री आलोक खरे समेत सैकड़ों की संख्या में वकील तहसील पहुंच गए। पखवारे भर से अनुमति न दिए जाने को लेकर तहसील प्रशासन की किरकिरी शुरू हो गई। फिलहाल अफसरों और बार के पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया तो मौके की नजाकत को भांपते हुए एसडीएम सदर मधुसूदन नागराज ने भी अनुमति देकर अपना पीछा छुड़ाया। उन्होंने वकील पर अभद्रता का आरोप भी लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट छोटे लाल मिश्र ने बताया कि लाउडस्पीकर की अनुमति को लेकर मिस अंडर स्टैंडिंग थी, जिसे बाद में सुलझा लिया गया।
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