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राशन घोटाले में पूर्तिनिरीक्षक व कोटेदार पर रिपोर्ट दर्ज
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:32 PM IST
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राशन घोटाले में पूर्ति निरीक्षक व कोटेदार पर रिपोर्ट दर्ज
फर्जी 190 कार्ड बनाकर बेचा आठ माह का राशन
अमर उजाला ब्यूरो
अमानीगंज (फैजाबाद)। मिल्कीपुर तहसील के डीलीसरैंया गांव में गरीबों के नाम पर फर्जी राशन कार्ड बनाकर उस पर राशन उठा लगातार आठ माह तक लाखों रुपये डकारने वाले कोटेदार व पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ खण्डासा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डीली सरैंया निवासी रामलौटन ने शिकायत की थी कि डीली सरैंया गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दो दुकान हैं जिसमें एक दुकान पांच वर्ष से निलंबित है जिसके कारण एक मात्र संतोष कुमार की दुकान से अटैच कर दोनों दुकान के ग्रामीणों को राशन दिया किया जाता है। शिकायत में कहा गया है कि मिल्कीपुर के पूर्ति निरीक्षक भरतलाल व कोटेदार पिंटू तिवारी द्वारा मिलीभगत करके 190 बाहरी लोगों के नाम पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड बनाकर बीते वर्ष मार्च से अक्टूबर तक लाखों रुपये का राशन बेच लिया गया। राशन के साथ तेल व चीनी की भी कालाबाजारी कर बेच लिया गया। शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया है कि ग्राम सभा की खुली बैठक में जब सूची पढ़कर सुनायी गयी तो उसको इसकी जानकारी हुई जबकि गांव के बहुत से लोग अब भी पात्रता सूची में होने के बाद भी नाम बढ़वाने के लिए तहसील से लेकर जिला तक चक्कर काट रहे हैं। थाना खण्डासा के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि कोटेदार व पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, जांच की जा रही है।
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फर्जी 190 कार्ड बनाकर बेचा आठ माह का राशन
अमर उजाला ब्यूरो
अमानीगंज (फैजाबाद)। मिल्कीपुर तहसील के डीलीसरैंया गांव में गरीबों के नाम पर फर्जी राशन कार्ड बनाकर उस पर राशन उठा लगातार आठ माह तक लाखों रुपये डकारने वाले कोटेदार व पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ खण्डासा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डीली सरैंया निवासी रामलौटन ने शिकायत की थी कि डीली सरैंया गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दो दुकान हैं जिसमें एक दुकान पांच वर्ष से निलंबित है जिसके कारण एक मात्र संतोष कुमार की दुकान से अटैच कर दोनों दुकान के ग्रामीणों को राशन दिया किया जाता है। शिकायत में कहा गया है कि मिल्कीपुर के पूर्ति निरीक्षक भरतलाल व कोटेदार पिंटू तिवारी द्वारा मिलीभगत करके 190 बाहरी लोगों के नाम पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड बनाकर बीते वर्ष मार्च से अक्टूबर तक लाखों रुपये का राशन बेच लिया गया। राशन के साथ तेल व चीनी की भी कालाबाजारी कर बेच लिया गया। शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया है कि ग्राम सभा की खुली बैठक में जब सूची पढ़कर सुनायी गयी तो उसको इसकी जानकारी हुई जबकि गांव के बहुत से लोग अब भी पात्रता सूची में होने के बाद भी नाम बढ़वाने के लिए तहसील से लेकर जिला तक चक्कर काट रहे हैं। थाना खण्डासा के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि कोटेदार व पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, जांच की जा रही है।
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