{"_id":"5c5744b4bdec224c8b1af62d","slug":"141549223092-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौनी अमावस्या पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित, उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौनी अमावस्या पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित, उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौनी अमावस्या पर आज वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
अयोध्या। दान-पुण्य की मौनी अमावस्या का स्नान सोमवार को होगा। इस दिन मौन रहकर स्नान-दान करने का विशेष पुण्य मिलता है। मौनी अमावस्या पर्व को लेकर रामनगरी में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।
प्रयागराज कुंभ में स्नान को जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी पहुंच रहे हैं। उमड़ने वाली भीड़ को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, अयोध्या में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार सोमवार को यह अमावस्या हो तो इसका महत्व बढ़ जाता है। इस बार सोमवार के दिन, श्रवण नक्षत्र, सिद्धि योग के चलते अमावस्या विशेष फलदायी हो रही है।
विज्ञापन
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि अमावस्या तिथि का संचरण रविवार को दिन में 11.12 बजे हो चुका है लेकिन उदयातिथि के कारण मौनी अमावस्या का पर्व सोमवार को होगा। बताया कि श्रवण नक्षत्र रविवार रात में 2.27 बजे से 4.57 बजे तक है।
मौनी अमावस्या पर श्रवण नक्षत्र के साथ ही बन रहा सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग सर्वप्रकार से अमृत तुल्य है। वहीं दूसरी तरफ पर्व को लेकर अयोध्या में भीड़ बढ़ने लगी है। सिर पर गठरी और हाथों में अपनों का हाथ थामे लोग रामनगरी पहुंच रहे हैं।
रविवार को देर रात तक श्रद्धालुओं के आगमन का क्रम जारी रहा। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाकर नागेश्वरनाथ, रामलला, हनुमानगढ़ी व कनकभवन सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
उधर प्रयाग राज जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेल विभाग भी चार स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। मौनी अमावस्या पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गोंडा व बस्ती की तरफ से आने वाले वाहन नयाघाट तक ही पहुंच सकेंगे। शहर में श्रीराम अस्पताल से नयाघाट तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा।
बताया कि सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से फोर्स मंगाई गई है। सुरक्षा की कमान मजिस्ट्रेटों के हवाले होगी। इसके अतिरिक्त अर्धसैनिक बल एवं पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
इनसेट
मौन रहकर जल में तिल डालकर करें स्नान
-आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि मौनी अमावस्या पर सूर्योदय से लगभग 60 मिनट पहले से मौन रहकर नहान शुरू करना विशेष फलदायी रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त में भी मौन स्नान करना चाहिए। सुबह नदी, घाटों या घर में स्नान करते समय काले तिल का दान श्रेयस्कर रहता है। जो घाटों पर न जा पाएं उन्हें घरों में ही जल में काले तिल डालकर मौन स्नान करना चाहिए। अमावस्या पर पितरों के निमित्त पीपल का पौधा लगाने से सुख-सौभाग्य, संतान, धन मिलता है और पारिवारिक क्लेश खत्म होता है।
विज्ञापन
अयोध्या। दान-पुण्य की मौनी अमावस्या का स्नान सोमवार को होगा। इस दिन मौन रहकर स्नान-दान करने का विशेष पुण्य मिलता है। मौनी अमावस्या पर्व को लेकर रामनगरी में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।
प्रयागराज कुंभ में स्नान को जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी पहुंच रहे हैं। उमड़ने वाली भीड़ को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, अयोध्या में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
विज्ञापन
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार सोमवार को यह अमावस्या हो तो इसका महत्व बढ़ जाता है। इस बार सोमवार के दिन, श्रवण नक्षत्र, सिद्धि योग के चलते अमावस्या विशेष फलदायी हो रही है।
विज्ञापन
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि अमावस्या तिथि का संचरण रविवार को दिन में 11.12 बजे हो चुका है लेकिन उदयातिथि के कारण मौनी अमावस्या का पर्व सोमवार को होगा। बताया कि श्रवण नक्षत्र रविवार रात में 2.27 बजे से 4.57 बजे तक है।
मौनी अमावस्या पर श्रवण नक्षत्र के साथ ही बन रहा सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग सर्वप्रकार से अमृत तुल्य है। वहीं दूसरी तरफ पर्व को लेकर अयोध्या में भीड़ बढ़ने लगी है। सिर पर गठरी और हाथों में अपनों का हाथ थामे लोग रामनगरी पहुंच रहे हैं।
रविवार को देर रात तक श्रद्धालुओं के आगमन का क्रम जारी रहा। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाकर नागेश्वरनाथ, रामलला, हनुमानगढ़ी व कनकभवन सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
उधर प्रयाग राज जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेल विभाग भी चार स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। मौनी अमावस्या पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गोंडा व बस्ती की तरफ से आने वाले वाहन नयाघाट तक ही पहुंच सकेंगे। शहर में श्रीराम अस्पताल से नयाघाट तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा।
बताया कि सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से फोर्स मंगाई गई है। सुरक्षा की कमान मजिस्ट्रेटों के हवाले होगी। इसके अतिरिक्त अर्धसैनिक बल एवं पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
इनसेट
मौन रहकर जल में तिल डालकर करें स्नान
-आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि मौनी अमावस्या पर सूर्योदय से लगभग 60 मिनट पहले से मौन रहकर नहान शुरू करना विशेष फलदायी रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त में भी मौन स्नान करना चाहिए। सुबह नदी, घाटों या घर में स्नान करते समय काले तिल का दान श्रेयस्कर रहता है। जो घाटों पर न जा पाएं उन्हें घरों में ही जल में काले तिल डालकर मौन स्नान करना चाहिए। अमावस्या पर पितरों के निमित्त पीपल का पौधा लगाने से सुख-सौभाग्य, संतान, धन मिलता है और पारिवारिक क्लेश खत्म होता है।