{"_id":"5b634b214f1c1b6f548b80fa","slug":"131533233953-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की दौड़ में शामिल होने को टीम वर्क जरूरी-कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की दौड़ में शामिल होने को टीम वर्क जरूरी-कुलपति
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की दौड़ में शामिल होने को टीम वर्क जरूरी
फैजाबाद। अवध विवि के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय को गुणवत्तापरक शिक्षण संस्थान बनाने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक प्रतिबद्ध होकर शिक्षण कार्य में अपनी सहभागिता प्रदान करें। टीम भावना से कार्य करके विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की दौड़ में शामिल हो सकते है। वह बतौर अध्यक्ष संत कबीर सभागार में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के उन्नयन एवं विकास में सहभागिता के लिए कार्यरत विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, विभागाध्यक्षों को खुले मंच पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
कहा कि यदि शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो बेहतर भविष्य के लिए राष्ट्र निर्माण में कई विसंगतियां खड़ी हो जाएंगी। हमें समय का सदुपयोग कर शिक्षण कार्य, शोध कार्य जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। बैठक में डॉ. विनोद श्रीवास्तव ने विभाग में इंस्फ्रास्ट्रकचर की मांग की। प्रो. फारूख जमाल ने नैक मूल्यांकन के लिए शिक्षकों से सूचना प्रदान करने व औपचारिकताओं को पूर्ण करने के लिए सहयोग की अपील की। डॉ. तुहिना वर्मा के द्वारा आपातकालीन चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी चिकित्सालयों से अनुबंध कराने की अपील की। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. एसएन शुक्ल, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एमपी सिंह, मुख्य नियंता प्रो. आरएन राय, प्रो. आरएल सिंह, प्रो. आरके तिवारी, प्रो. केके वर्मा, प्रो. एके शुक्ला, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला, प्रो. एसके रायजादा समेत परिसर के शिक्षक मौजूद थे।
विज्ञापन
फैजाबाद। अवध विवि के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय को गुणवत्तापरक शिक्षण संस्थान बनाने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक प्रतिबद्ध होकर शिक्षण कार्य में अपनी सहभागिता प्रदान करें। टीम भावना से कार्य करके विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की दौड़ में शामिल हो सकते है। वह बतौर अध्यक्ष संत कबीर सभागार में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के उन्नयन एवं विकास में सहभागिता के लिए कार्यरत विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, विभागाध्यक्षों को खुले मंच पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
कहा कि यदि शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो बेहतर भविष्य के लिए राष्ट्र निर्माण में कई विसंगतियां खड़ी हो जाएंगी। हमें समय का सदुपयोग कर शिक्षण कार्य, शोध कार्य जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। बैठक में डॉ. विनोद श्रीवास्तव ने विभाग में इंस्फ्रास्ट्रकचर की मांग की। प्रो. फारूख जमाल ने नैक मूल्यांकन के लिए शिक्षकों से सूचना प्रदान करने व औपचारिकताओं को पूर्ण करने के लिए सहयोग की अपील की। डॉ. तुहिना वर्मा के द्वारा आपातकालीन चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी चिकित्सालयों से अनुबंध कराने की अपील की। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. एसएन शुक्ल, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एमपी सिंह, मुख्य नियंता प्रो. आरएन राय, प्रो. आरएल सिंह, प्रो. आरके तिवारी, प्रो. केके वर्मा, प्रो. एके शुक्ला, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला, प्रो. एसके रायजादा समेत परिसर के शिक्षक मौजूद थे।
विज्ञापन