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सरयू हुई लाल निशान के पार
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:33 PM IST
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कछार के बड़े भूभाग को अपने आगोश में समेटने लगी है नदी
फैजाबाद। उफनाई सरयू की लहरों ने शनिवार शाम खतरे का निशान पार कर लिया। नदी का यह रौद्र रूप देख तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में जहां हड़कंप मच गया है वहीं प्रशासन ने बाढ़ के मद्देनजर राजस्व टीमों को अलर्ट कर दिया है।
विगत दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद शनिवार की सुबह से ही सरयू का जलस्तर पहले आधा सेंमी. व दोपहर बाद से एक सेंमी. की रफ्तार से बढ़ने लगा। नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते सरयू के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
शनिवार को लाल निशाने पार करने के बाद सरयू कछार के बड़े भूभाग को अपने आगोश में समेटने लगी है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार की सुबह सरयू का जलस्तर 92.66 मीटर था जो शाम 6 बजे तक 92.74 मीटर तक पहुंच गया था।
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यह खतरे के निशान 92.73 से एक सेंमी. आगे है। शनिवार को नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते उफनाई सरयू से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का कहर तेज हो गया है। नदी की जलधारा कछार के गांवों को अपने आगोश में लेने लगी है।
कछार के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ से भयभीत गांव के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की कवायद में जुट गए हैं। वहीं, प्रशासनिक मशीनरी भी हरकत में आ गई है, लेखपालों को प्रभावित इलाकों में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ खंड के एक्सईएन जेपी यादव का कहना है कि नदी की धारा में करंट काफी तेज है। लेकिन बंधे सुरक्षित हैं, विभाग के अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दूबे का कहना है कि बाढ़ व कटान को देखते हुए राजस्व टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
घरों, आबादी और खेती की भूमि को निगल रही नदी
सुबह से खतरे के निशान के करीब पहुंची नदी कई घरों, आबादी और खेती की भूमि को निगल रही है। रुदौली तहसील महंगूपुरा, कैथी मांझा, सदर तहसील के मूड़ाडीह, पिपरी व संग्राम सेवरहवा में खेती की कई बीघे भूमि नदी में समा गई है।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार, चारों ओर से पानी से घिरे रूदौली तहसील क्षेत्र के कैथी माझा में 333 घर बाढ़ से घिरे हैं। कैथी माझा के ग्रामीणों का कहना कि अधिकारी-कर्मी सिर्फ महगूं का पुरवा होकर चले जाते हैं। हाल यह है कि कोई कर्मचारी चारों ओर से घिरे इस गांव में नाव से लहरों को चीरकर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
पूरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार सरयू की कटान से बाढ़ पीड़ित गांव मूड़ाडीह, पिपरी, संग्राम सेवरहवा में कृषि योग भूमि की कटान जारी है। किसानों की जमीन फसल सहित नदी में समा जा रही है। तीन गांव में किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई है।
मूड़ाडीहा निवासी केशव यादव, मोलई यादव, राजेंद्र यादव, रामजनम यादव ने बताया कि फसल सहित कृषि योग्य उनकी भूमि नदी में समा जा रही है। रामजन्म ने कहा कि मवेशियों का चारा सहित खेत नदी में कट गया है।
मवेशियों के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। दसरथ समाधि स्थल से मूड़ाडीह जाने वाला मार्ग विगत वर्ष में आई कटान से चपेट में आया था। सीसी रोड का अधिकतर भाग नदी में समा गया था, इस बार भी बचा कुछ सीसी रोड नदी में समा जा रहा है।
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फैजाबाद। उफनाई सरयू की लहरों ने शनिवार शाम खतरे का निशान पार कर लिया। नदी का यह रौद्र रूप देख तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में जहां हड़कंप मच गया है वहीं प्रशासन ने बाढ़ के मद्देनजर राजस्व टीमों को अलर्ट कर दिया है।
विगत दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद शनिवार की सुबह से ही सरयू का जलस्तर पहले आधा सेंमी. व दोपहर बाद से एक सेंमी. की रफ्तार से बढ़ने लगा। नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते सरयू के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
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शनिवार को लाल निशाने पार करने के बाद सरयू कछार के बड़े भूभाग को अपने आगोश में समेटने लगी है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार की सुबह सरयू का जलस्तर 92.66 मीटर था जो शाम 6 बजे तक 92.74 मीटर तक पहुंच गया था।
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यह खतरे के निशान 92.73 से एक सेंमी. आगे है। शनिवार को नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते उफनाई सरयू से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का कहर तेज हो गया है। नदी की जलधारा कछार के गांवों को अपने आगोश में लेने लगी है।
कछार के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ से भयभीत गांव के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की कवायद में जुट गए हैं। वहीं, प्रशासनिक मशीनरी भी हरकत में आ गई है, लेखपालों को प्रभावित इलाकों में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ खंड के एक्सईएन जेपी यादव का कहना है कि नदी की धारा में करंट काफी तेज है। लेकिन बंधे सुरक्षित हैं, विभाग के अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दूबे का कहना है कि बाढ़ व कटान को देखते हुए राजस्व टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
घरों, आबादी और खेती की भूमि को निगल रही नदी
सुबह से खतरे के निशान के करीब पहुंची नदी कई घरों, आबादी और खेती की भूमि को निगल रही है। रुदौली तहसील महंगूपुरा, कैथी मांझा, सदर तहसील के मूड़ाडीह, पिपरी व संग्राम सेवरहवा में खेती की कई बीघे भूमि नदी में समा गई है।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार, चारों ओर से पानी से घिरे रूदौली तहसील क्षेत्र के कैथी माझा में 333 घर बाढ़ से घिरे हैं। कैथी माझा के ग्रामीणों का कहना कि अधिकारी-कर्मी सिर्फ महगूं का पुरवा होकर चले जाते हैं। हाल यह है कि कोई कर्मचारी चारों ओर से घिरे इस गांव में नाव से लहरों को चीरकर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
पूरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार सरयू की कटान से बाढ़ पीड़ित गांव मूड़ाडीह, पिपरी, संग्राम सेवरहवा में कृषि योग भूमि की कटान जारी है। किसानों की जमीन फसल सहित नदी में समा जा रही है। तीन गांव में किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई है।
मूड़ाडीहा निवासी केशव यादव, मोलई यादव, राजेंद्र यादव, रामजनम यादव ने बताया कि फसल सहित कृषि योग्य उनकी भूमि नदी में समा जा रही है। रामजन्म ने कहा कि मवेशियों का चारा सहित खेत नदी में कट गया है।
मवेशियों के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। दसरथ समाधि स्थल से मूड़ाडीह जाने वाला मार्ग विगत वर्ष में आई कटान से चपेट में आया था। सीसी रोड का अधिकतर भाग नदी में समा गया था, इस बार भी बचा कुछ सीसी रोड नदी में समा जा रहा है।