{"_id":"5fb2abcb8ebc3e9bd91ab5f5","slug":"1200-pillars-of-foundation-will-be-built-by-july-2021-faizabad-news-lko550249211","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुलाई 2021 तक बन जाएंगे नींव के 1200 खंभे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुलाई 2021 तक बन जाएंगे नींव के 1200 खंभे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। दीपोत्सव के बाद अब राममंदिर निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आईआईटी चेन्नई की भार क्षमता एवं भूकंप रोधी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि 20 नवंबर के बाद राममंदिर निर्माण के लिए पिलर की खोदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जुलाई 2021 तक 1200 खंभों का निर्माण कार्य पूरा कर लेने का लक्ष्य है। राममंदिर की नींव का कार्य पूरा होते ही पत्थरों के कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार टेस्ट पाइलिंग की रिपोर्ट आने का इंतजार है। आईआईटी चेन्नई टेस्ट पाइलिंग की रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर निर्माण समिति को जल्द ही सौंप देगी। इसके बाद राम मंदिर निर्माण के लिए मजबूत नींव बनाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पांच कंपनियां मिलकर राम मंदिर का निर्माण करेंगी।
इन कंपनियों को भवन निर्माण क्षेत्र में कार्य करने का अच्छा अनुभव है। लार्सन एंड टर्बो के साथ टाटा कंसलटिंग इंजीनियर्स लिमिटेड राम मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग करेगी। इसके अलावा आईआईटी चेन्नई और आईआईटी रुड़की के इंजीनियर भी राम मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग करेंगे। ये दोनों आईआईटी संस्थान तय करेंगे कि राम मंदिर निर्माण के लिए किस तरह के मैटेरियल का प्रयोग ठीक रहेगा। इसके अलावा पांचवीं कंपनी है सीबी सोमपुरा।
विज्ञापन
ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि सीबी सोमपुरा ने ही राम मंदिर का मॉडल तैयार किया है। उनकी देखरेख में ही राम मंदिर में इस्तेमाल किए जाने वाले पत्थरों की तराशी का कार्य किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण समिति ने कार्य शुरू होने के 39 महीने में यानी कि 2024 से पहले राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। जुलाई 2021 तक राम मंदिर के 1200 खंभे जो नींव के रूप में रहेंगे, उनका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार टेस्ट पाइलिंग की रिपोर्ट आने का इंतजार है। आईआईटी चेन्नई टेस्ट पाइलिंग की रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर निर्माण समिति को जल्द ही सौंप देगी। इसके बाद राम मंदिर निर्माण के लिए मजबूत नींव बनाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पांच कंपनियां मिलकर राम मंदिर का निर्माण करेंगी।
विज्ञापन
इन कंपनियों को भवन निर्माण क्षेत्र में कार्य करने का अच्छा अनुभव है। लार्सन एंड टर्बो के साथ टाटा कंसलटिंग इंजीनियर्स लिमिटेड राम मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग करेगी। इसके अलावा आईआईटी चेन्नई और आईआईटी रुड़की के इंजीनियर भी राम मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग करेंगे। ये दोनों आईआईटी संस्थान तय करेंगे कि राम मंदिर निर्माण के लिए किस तरह के मैटेरियल का प्रयोग ठीक रहेगा। इसके अलावा पांचवीं कंपनी है सीबी सोमपुरा।
विज्ञापन
ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि सीबी सोमपुरा ने ही राम मंदिर का मॉडल तैयार किया है। उनकी देखरेख में ही राम मंदिर में इस्तेमाल किए जाने वाले पत्थरों की तराशी का कार्य किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण समिति ने कार्य शुरू होने के 39 महीने में यानी कि 2024 से पहले राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। जुलाई 2021 तक राम मंदिर के 1200 खंभे जो नींव के रूप में रहेंगे, उनका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।